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'दंगल' में निगेटिव रोल से नाराज हुए गीता फोगाट के रियल कोच, लेंगे लीगल एक्शन
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 27 Dec 2016 12:46 PM IST
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आमिर खान की फिल्म 'दंगल' को देख महावीर फोगाट का परिवार बहुत खुश हुआ। उन्हें फिल्म बहुत पसंद आई। लेकिन गीता फोगाट के रियल लाइफ कोच प्यारा राम सोंधी फिल्म को देखकर खासा नाराज हैं। क्योंकि फिल्म में उनकी भूमिका को नकारात्मक दिखाया गया है। प्यारा राम का कहना है कि फिल्म देखने के बाद वो लीगल एक्शन लेने पर विचार कर रहे हैं।
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प्यारा राम के मुताबिक, जब शूटिंग चल रही थी तो वो मुंबई में सेट पर गए थे। वहां उनकी मुलाकात आमिर खान और फिल्म के डयरेक्टर से हुई थी। उन्होंने फिल्म में उनकी नकारात्मक भूमिका के बारे में कुछ नहीं बताया था। बस इतनी जानकारी थी कि फिल्म महावीर फोगाट की जिंदगी पर आधारित है।
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बता दें कि फिल्म के सेकेंड हाफ में पूरा समय आमिर गीता के कोच को गलत साबित करते हुए दिखाई दिए हैं। साथ ही वो गीता की हार का जिम्मेदार भी कोच को ही ठहराते हैं। जिससे कोच की गलत इमेज बनती है। वहीं कोच प्यारा राम का कहना है कि महावीर के बारे में हर कोई जानता है कि वह कितने सज्जन व्यक्ति हैं।
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उन्होंने बताया कि महावीर ने कभी हमारे काम में दखल नहीं दिया। बेटियों के मुकाबलों के दौरान कई बार तो वह मौजूद भी नहीं रहते थे। लीडिंग न्यूजपेपर एनबीटी से हुई बातचीत में कोच ने कहा, 'मेरा एक ट्रेनी कल फिल्म देखकर आया। उसने पूछा कि क्या फाइनल से पहले आपने सचमुच गीता के पापा को एक अंधेरे कमरे में बंद करा दिया था। यह मेरे लिए चौंकाने वाली बात थी क्योंकि ऐसा कुछ नहीं हुआ था।'
पुरुषों की टीम के नेशनल कोच रहे विनोद कुमार भी प्यारा राम की बात का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा, 'ये बात सही है कि नेशनल कैंप के दौरान गीता के पिता पटियाला में एक कमरा लेकर रहते थे। लेकिन उन्होंने कभी कोच के कामों में टांग नहीं अड़ाई। गेम्स के दौरान सिक्योरिटी इतनी टाइट होती है कि ऐसा करना संभव ही नहीं है।'
प्यारा राम का कहना है कि फिल्म को मसालेदार बनाने के लिए यह सब डाल दिया गया लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था। जब प्यारा राम से पूछा गया कि फिल्म को हिट कराने के लिए कई काल्पनिक घटनाएं जोड़ी जाती हैं और फिल्म में तो उनका नाम तक नहीं लिया गया है। इस पर उनका कहना था कि सबको मालूम है कि 2010 के ऐतिहासिक कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय विमिंस रेसलिंग टीम का कोच कौन था।