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Gaalib Movie Review: आतंकी की बीवी बनकर दीपिका चिखलिया ने दिखाया दम, बंदूक पर भारी कलम का सच्चा किस्सा

Fri, 23 Sep 2022 08:54 AM IST
Virendra Mishra वीरेंद्र मिश्र
Updated Fri, 23 Sep 2022 08:54 AM IST
सार

फिल्म 'गालिब' की कहानी आंशिक रूप से अफजल गुरु के बेटे गालिब और उसकी मां के रिश्तों पर आधारित हैं। अफजल गुरु के फांसी के बाद वह किन हालात में अपने बेटे गालिब को कश्मीर के हालातों के बीच एक अच्छा इंसान बनाती है, उसके लिए क्या क्या संघर्ष करती हैं ये कहानी उसी पर आधारित है।

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Gaalib Movie Review in Hindi Dipika Chikhlia Anil Rastogi Nikhil Pitale Manoj Giri Dhiraj Mishra
फिल्म गालिब - फोटो : सोशल मीडिया
Movie Review
गालिब
कलाकार
दीपिका चिखलिया , निखिल पितले और अनिल रस्तोगी आदि
लेखक
धीरज मिश्र
निर्देशक
मनोज गिरी
निर्माता
घनश्याम पटेल
रिलीज डेट
23 सितंबर 2022
रेटिंग
2/5

विस्तार

समाज में आम तौर पर ऐसी धारणा रहती है कि डॉक्टर का बेटा डॉक्टर और इंजीनियर का बेटा इंजीनियर ही बनेगा। ऐसा प्रायः हर क्षेत्र में देखने को मिलता है, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। संसद हमले के दोषी अफजल गुरु के बेटे गालिब से यह उम्मीद कोई नहीं कर सकता था कि वह दसवीं की परीक्षा को टॉप करके देश भर में नाम कमाएगा। पिता अफजल गुरु को फांसी होने के बाद घाटी में सक्रिय आतंकी संगठनों ने उसे पिता की मौत का बदला लेने के लिए बहुत उकसाया। लेकिन गालिब आतंकवाद का रास्ता ना चुनकर शिक्षा हासिल करना चाहता है और उसे इनाम भी उसी जज के हाथों मिलता है जिसने उसके पिता को फांसी की सजा सुनाई।

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Gaalib Movie Review in Hindi Dipika Chikhlia Anil Rastogi Nikhil Pitale Manoj Giri Dhiraj Mishra
फिल्म गालिब - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

मां ने बचा लिया आतंकवादी बनने से
फिल्म 'गालिब' की कहानी आंशिक रूप से अफजल गुरु के बेटे गालिब और उसकी मां के रिश्तों पर आधारित हैं। अफजल गुरु के फांसी के बाद वह किन हालात में अपने बेटे गालिब को कश्मीर के हालातों के बीच एक अच्छा इंसान बनाती है, उसके लिए क्या क्या संघर्ष करती हैं ये कहानी उसी पर आधारित है। यह फिल्म कश्मीर घाटी की आतंकवाद की तपिश के साथ एक ऐसे हिंदुस्तान की बात करती है जो कश्मीर के अलावा भी और बहुत खूबसूरत है। गालिब को आतंकवादी बनाने का बहुत प्रयास किया गया लेकिन उनकी मां उसे आतंकवादी बनने से बचा लेती है और कश्मीर से दूर इलाहाबाद पढ़ने के लिए भेज देती है। 

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Gaalib Movie Review in Hindi Dipika Chikhlia Anil Rastogi Nikhil Pitale Manoj Giri Dhiraj Mishra
फिल्म गालिब - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

पिता से हटकर मिली पहचान
अफजल गुरु खुद डॉक्टर था लेकिन उसने आतंकवाद का रास्ता चुना।  इस बात का उसे पछतावा भी बहुत था। अफजल चाहता था कि उसका बेटा डॉक्टर बने। अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए वह डॉक्टर बनना चाहता है। नियति का खेल देखिए जब इलाहाबाद से दसवीं की पढ़ाई पूरी करके आता है और जब टॉप करता है तो उसी जज के हाथों उसे सम्मान मिलता है जिस जज ने अफजल गुरु को फांसी की सजा सुनाई थी। गालिब को सम्मानित करते हुए जज कहते हैं कि जरूरी नहीं कि बेटे की पहचान उसके बाप की वजह से ही हो। पिता ने जो कर्म किए, उसकी सजा उसे मिल गई। बेटे ने जो काम किया, उसका उसे पुरस्कार मिला।

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फिल्म गालिब - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

दीपिका ने दिखाया दम
फिल्म ‘बाला’ के बाद दीपिका चिखलिया की फिल्म ‘गालिब’ प्रदर्शित हो रही है। हालांकि इस फिल्म की शूटिंग उन्होंने बाला से पहले ही कर ली थी। लेकिन, कोरोना के चलते फिल्म रिलीज नही हो पाई थी। गालिब का पूरा दारोमदार दीपिका चिखलिया के ही कंधे पर है। उन्होंने मां की भूमिका को बहुत ही बेहतरीन तरीके से निभाया है। रंगमंच के काबिल कलाकार अनिल रस्तोगी ने फिल्म में ससुर का प्रभावशाली किरदार निभाया है। फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष है फिल्म की कहानी जिसे धीरज मिश्रा ने लिखा है। हालांकि, फिल्म कहीं न कहीं सुस्त पड़ती है और यहां फिल्म बोझिल होने लगती है। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी अच्छी है।

Gaalib Movie Review in Hindi Dipika Chikhlia Anil Rastogi Nikhil Pitale Manoj Giri Dhiraj Mishra
फिल्म गालिब - फोटो : सोशल मीडिया

जरूरी हैं सिनेमा में ऐसी कोशिशें
फिल्म ‘गालिब’ को सिनेमाघरों तक ले आना भी इसके निर्माताओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। फिल्में बनाने के बाद उन्हें रिलीज करने की इस चुनौती को भी पार कर ले जाना इस फिल्म को बनाने वालों के जीवट का परिचय ही है। फिल्म यह संदेश देती है कि भले ही इंसान की पारिवारिक पृष्ठभूमि कुछ भी हो अगर, उसे उचित शिक्षा और सही मार्गदर्शन मिले तो कोई भी समाज के लिए मिसाल पेश कर सकता है।

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