Homi Wadia: 40 के दशक में निर्देशित की वुमन सेंट्रिक एक्शन फिल्में, पौराणिक कहानियों से जीता दर्शकों का दिल
Filmmaker Homi Wadia Birth Anniversary: आज भी वुमन सेंट्रिक एक्शन फिल्में हिंदी पट्टी के दर्शकों को कम ही देखने को मिलती है। कम ही निर्देशक ऐसी फिल्मों को लेकर जोखिम उठाते हैं। लेकिन 40 के दशक में निर्माता-निर्देशक होमी वाडिया ने वुमन सेंट्रिक एक्शन फिल्मों की लाइन लगा दी थी। आज इस महान फिल्ममेकर की जयंती (22 मई 1911) है। इस मौके पर जानिए, होमी वाडिया के करियर से जुड़ी खास बातें।
विस्तार
गुजरात के पारसी परिवार में होमी वाडिया का जन्म हुआ। वाडिया परिवार शिप (जहाज) बनाने का व्यापार करता था। गुजरात के सूरत से वाडिया परिवार मुंबई आ गया। मुंबई में ही होमी वाडिया की पढ़ाई-लिखाई हुई। 16 साल की उम्र में जब होमी वाडिया ने कॉलेज में दाखिला लिया तो एक दिन में इसे छोड़ दिया। होमी वाडिया ने तय किया कि वह अपने बड़े भाई जीबीएच वाडिया के साथ मिलकर सिनेमा में काम करेंगे। जीबीएच वाडिया भी बतौर फिल्मकार हिंदी सिनेमा में सक्रिय थे।
भाई के साथ मिलकर बना ली फिल्म कंपनी
होमी वाडिया के बडे़ भाई जीबीएच वाडिया भी फिल्म डायरेक्टर, प्रोड्यूसर थे। अपने भाई के साथ मिलकर ही हाेमी वाडिया ने 1933 में वाडिया मूवीटोन नाम की प्रोडक्शन फिल्म कंपनी बनाई। इस फिल्म प्रोडक्शन तले ही कई फिल्में होमी वाडिया ने निर्देशित की। इस प्रोडक्शन हाउस की पहली फिल्म ‘हंटलवाली’ थी। यह एक एक्शन ड्रामा फिल्म थी, जिसमें लीड रोल में फियरलेस नाडिया नजर आईं। फियरलेस नाडिया ने फिल्म में राजकुमारी माधुरी का किरदार निभाया, जो मास्क पहनकर हंटरवाली बन जाती है और अन्याय के खिलाफ लड़ती है। इस तरह की फिल्म बनाना, अपने आप में एक नया एक्सपेरिमेंट था, जिसका जोखिम होमी वाडिया ने उठाया।
वुमन सेंट्रिक एक्शन फिल्मों की लाइन लगा दी
होमी वाडिया ने आगे चलकर भी फिल्म ‘मिस फ्रंटियर मेल’, ‘डायमंड क्वीन’, ‘जंगल प्रिसेंज’, ‘लुटारु ललना जैसी वुमन सेंट्रिक एक्शन फिल्में बनाई, इन सभी फिल्मों में फियरलेस नाडिया ही हीरोइन थीं और वहीं सारे एक्शन किया करती थीं। वह अपने समय की मशहूर स्टंट एक्ट्रेस बन चुकी थीं।
पौराणिक कहानियों पर भी फिल्में बनाई
अपने पांच दशक के करियर में होमी वाडिया ने लगभग 40 फिल्में बनाई। इसमें जहां वुमन सेंट्रिक एक्शन फिल्में शामिल थीं, वहीं पौराणिक कहानियों पर भी खूब फिल्में बनाई। इन फिल्मों को दर्शकों ने भी खूब सराहा, इनमें ‘श्री राम भक्त हनुमान, ‘श्री गणेश महिमा’, ‘हनुमान पाताल विजय’, और ‘श्रीकृष्ण लीला’ जैसी चर्चित फिल्में शामिल रही हैं। इनके अलावा फिक्शन फिल्में जैसे ‘हातिम ताई’ ‘अली बाबा चालीस चोर’ और ‘एडवेंचर ऑफ अलादीन’ भी शामिल हैं। होमी वाडिया ने 1942 मेें एक स्टूडियो बसंत पिक्चर्स की स्थापना भी की, इस बैनर तले भी कुछ फिल्में बनाईं।
फियरलेस नाडिया से की शादी
होमी वाडिया की वुमन सेंट्रिक फिल्मों में फियरलेस नाडिया ने ही लीड रोल निभाए थे। इन फिल्मों की शूटिंग के दौरान ही निर्देशक और एक्ट्रेस की यह जोड़ी करीब आई। होमी वाडिया ने साल 1961 में फियरलेस नाडिया से शादी कर ली।
अचानक छोड़ दी फिल्ममेकिंग
साल 1981 की बात है, जब यूनियन लीडर्स का खूब जोर चलता था। एक यूनियन लीडर दत्ता सामंत और होमी वाडिया के बीच श्रमिकों से जुड़े एक मुद्दे को लेकर विवाद हुआ। होमी विवाद को नहीं संभाल पाए और उन्होंने फिल्ममेकिंग ही छोड़ दी। अपना बसंत स्टूडियो बंद कर दिया।