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'मेरी प्यारी बिंदु' देखने जा रहे हैं तो जानें फिल्म के बारे में 8 बातें
रवि बुले
Updated Sat, 13 May 2017 02:44 PM IST
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परिणीति चोपड़ा
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आयुष्मान खुराना और परिणीति चोपड़ा की फिल्म 'मेरी प्यारी बिंदु' इस शुक्रवार को रिलीज हो गई। क्रिटिक्स ने फिल्म को बोरिंग बताया है। लेकिन अगर आप परिणीति चोपड़ा की फिल्म में वापसी और आयुष्मान खुराना का ह्यूमर देखना चाहते हैं तो ये फिल्म आपके लिए है। इसके अलावा अगर आपको फिल्म की खास बातें जाननी हैं तो यहां पढ़ें...
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1. नाकाम होते हुए लेखक सफलता की तलाश में अक्सर अतीत में डुबकी लगाते हैं। शायद वहां कुछ ऐसा मिले जो फिर से ऊंचाइयों पर पहुंचा दे। 'मेरी प्यारी बिंदु' के मुंबई में रहने वाले सफल उपन्यासकार अभिमन्यु (आयुष्मान खुराना) की भी यही स्थिति है।
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2. फिल्म कभी आगे, कभी पीछे वाले अंदाज में चलती है और बीच-बीच में टेप रिकॉर्डर/कैसेट वाले 1980-90 के दशक के बॉलीवुड गाने बजते है, जो अभिमन्यु और बिंदु की जिंदगी के खास पलों को रेखांकित करते हैं।
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3. बीते कुछ दशकों में प्यार और दोस्ती का घालमेल बहुत रहा है। निर्देशक अक्षय रॉय की यह फिल्म प्यार की जगह दोस्ती की बातें ज्यादा करती है। रोमांस एक तरफा और ठंडा टाइप का है।
4. हीरो-हीरोइन जिंदगी की अलग-अलग राहों पर चलते हुए, एक मोड़ पर फिर मिलते हैं। तब लगता है कि अब शायद कुछ बॉलीवुड कहानियों जैसा ही होगा।
5. डिफरेंट-इंटेलिजेंट श्रेणी की महानगरीय कहानियां, बातों-रिश्तों के मैट्रो अंदाज अगर आप पसंद करते हैं तो यह फिल्म थोड़ा बहुत संतोष दे सकती है। अन्यथा ऊब भी पैदा कर सकती है।
6. इसके ह्यूमर में ऐसे पंच नहीं हैं जो हंसा सकें। अतः यह ऐसी रोमांटिक-कॉमेडी नहीं है, जो कोमल एहसास पैदा करके गुदगुदाती है।
7. आयुष्मान ने जरूर बढ़िया अभिनय किया है। इससे पहले 'विक्की डोनर' और 'दम लगा के हइशा' में भी वह प्रतिभा दिखा चुके हैं।
8. परिणीति जरूर कहीं-कहीं चौंकाती हैं परंतु अब भी लंबी रेस वाली बात उनमें नजर नहीं आती। अक्षय रॉय को कुछ अधिक स्पष्ट, तार्किक और बेहतर कहानी मिलती तो वह ज्यादा प्रभावी होते।