नेशनल अवार्ड विनर फिल्म की ये प्रोड्यूसर अब खुद बनीं डायरेक्टर, पहली फिल्म में ही लगा दिया छक्का
- कुमुद चौधरी ने कोरोना संक्रमण काल में एक बड़ा कारनामा कर दिखाया है।
- फिल्म 'छोटे नवाब' ने इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ सिनसिनाटी में प्रदर्शित होने का सम्मान भी जीता।
- कुमुद का फिल्मों से पुराना नाता है।
विस्तार
कारगिल युद्ध के नायकों में से एक कैप्टन अनुज नायर की प्रेम कहानी पर बहुत ही संवेदनशील और चर्चित फिल्म ‘धूप’ लिखने वाली कुमुद चौधरी ने कोरोना संक्रमण काल में एक बड़ा कारनामा कर दिखाया है। उन्होंने इस दौरान बतौर निर्देशक न सिर्फ अपनी पहली फिल्म 'छोटे नवाब' पूरी की बल्कि इसके इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ सिनसिनाटी में प्रदर्शित होने का सम्मान भी जीत लिया।
कुमुद बताती हैं कि फिल्म ‘छोटे नवाब’ की कहानी 13 साल के एक लड़के जुनैद की है जो इंग्लैंड में पैदा हुआ और वही पला बढ़ा। एक पारिवारिक शादी में शामिल होने के लिए वह पहली बार भारत आता है। इस दौरान उसने लखनऊ स्थित अपने पुरखों की नवाबी हवेली भी देखी। यह लड़का यहां एक लड़की से प्यार करने लगता है और फिर उसका दिल भी टूट जाता है। यह सारे अनुभव वह अपनी छोटी सी उम्र में ही ले लेता है। कुमुद चौधरी के निर्देशन में बनी इस फिल्म को लिखा अरशद जाफरी और तबरेज पाशा ने है और इसमें मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं अक्षय ओबेरॉय, प्लाबिता बोरठाकुर और फलक नाज ने।
We are gratified to announce that "Chote Nawab" is officially selected at Indian film festival of Cincinnati! 💯#YoodleeFilms #ChoteNawab @kumudchaudhary1 @Akshay0beroi @PlabitaB @ShatafFigar @EkavaliKhanna @neerajsoodactor pic.twitter.com/OdQE9Bx8ZW
— Yoodlee Films (@YoodleeFilms) September 24, 2020
कुमुद का फिल्मों से पुराना नाता है, साल 2000 में अश्विनी चौधरी ने बतौर निर्देशक जिस फिल्म 'लाडो' से अपना पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता, उसकी वह निर्माता हैं। इसके बाद कुमुद ने ही अश्विनी चौधरी निर्देशित फिल्म 'धूप' की कहानी और संवाद लिखे। पिछले साल रिलीज हुई जुल्फिकार शेख की पाकिस्तानी फिल्म 'सच' भी उन्होंने लिखी है।
कोरोना वायरस की वजह से हुए विश्वव्यापी लॉकडाउन के बाद से दुनिया के कई फिल्म महोत्सवों की तारीखों को या तो आगे सरका दिया गया या फिर रद्द कर दिया गया। लेकिन, इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ सिनसिनाटी अपने तय समय पर ही आयोजित हो रहा है। महोत्सव के लिए 15 अक्टूबर से 1 नवंबर तक की तारीख निश्चित है। फीचर फिल्मों के अलावा इस महोत्सव में डॉक्यूमेंट्रीज और शॉर्ट फिल्में भी प्रदर्शित होंगी।
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