डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी: पेशे से डॉक्टर, लेकिन दिल से कलाकार, पढ़ें फिल्म जगत के चाणक्य के बारे में सबकुछ
'हिंदी हैं हम' अभियान के तहत अमर उजाला लघु फिल्म प्रतियोगिता सम्मान समारोह तीन अप्रैल को लखनऊ में आयोजित होगा। इसमें जाने-माने फिल्म निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे।
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पेशे से वह डॉक्टर थे, लेकिन उनके दिल में एक कलाकार बसता था। यही वजह है कि उन्होंने सपनों की दुनिया यानी मायानगरी मुंबई का रुख किया और फिल्म जगत के चाणक्य बन गए। दरअसल, हम बात कर रहे हैं जाने-माने फिल्म निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी की, जो तीन अप्रैल को लखनऊ में होने वाले अमर उजाला लघु फिल्म प्रतियोगिता सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। दरअसल, यह कार्यक्रम 'हिंदी हैं हम' अभियान के तहत आयोजित किया जा रहा है। इस रिपोर्ट में हम आपको डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी की जिंदगी के हर पन्ने से रूबरू करा रहे हैं।
हिंदी पर बेमिसाल पकड़
डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी का जिक्र जब भी होता है तो सबसे पहले 'चाणक्य' जेहन में आ जाता है। हालांकि, बेहद कम ही लोग यह बात जानते हैं कि उनकी हिंदी भाषा पर काफी अच्छी पकड़ है, जिसके चलते वह जब भी किसी प्रोजेक्ट पर काम करते हैं, उसमें चार-चांद लगा देते हैं। इसके अलावा इतिहास में रुचि और फिल्मोग्राफी की बारीकियों को समझने की वजह से हर पहलू पर काफी पैनी नजर रखते हैं। बता दें कि अमर उजाला के जिस कार्यक्रम में डॉ. द्विवेदी शामिल होंगे, उसमें उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बतौर विशेष अतिथि शिरकत करेंगे। वहीं, ‘राष्ट्र निर्माण में भारतीय भाषाओं की भूमिका’ विषय पर डॉ. द्विवेदी का व्याख्यान भी होगा।
राजस्थान में हुआ था 'चाणक्य' का जन्म
बता दें कि चंद्रप्रकाश द्विवेदी का जन्म राजस्थान के सिरोही जिले में 1960 के दौरान हुआ था। शुरुआती पढ़ाई लिखाई के बाद उन्होंने डॉक्टरी की और लोगों का इलाज करने लगे। हालांकि, उनका मन इस पेशे में नहीं लगा, क्योंकि भारतीय साहित्य में उन्हें काफी रुचि थी। यही वजह रही कि उन्होंने डॉक्टरी का पेशा छोड़ दिया और थिएटर में अपना करियर बनाने लगे।
चाणक्य ने चमकाई किस्मत
जानकारी के मुताबिक, डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने 1990 में चाणक्य की पटकथा लिखने की शुरुआत की, जिसका काम 1992 तक चला। इसके बाद उन्होंने उस नाटक का निर्देशन किया। साथ ही, खुद ही चाणक्य का अहम किरदार भी निभाया। उन्होंने अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। इसके बाद उन्होंने मृत्युंजय, एक और महाभारत, उपनिषद गंगा जैसे शोज भी बनाएं।
इन फिल्मों का भी किया निर्माण
बता दें कि साल 2003 में चंद्रप्रकाश द्विवेदी की दूसरी फिल्म पिंजर रिलीज हुई, जो अमृता प्रीतम के उपन्यास पर आधारित थी। इस उपन्यास में भारत के विभाजन के दौरान हिंदू- मुस्लिम तनाव के बीच एक दुखद प्रेम कहानी दिखाई गई थी। इसके अलावा चंद्रप्रकाश द्विवेदी जेड प्लस, मोहल्ला अस्सी जैसी फिल्में भी बना चुके हैं। अब वह अक्षय कुमार और मानुषी छिल्लर स्टारर फिल्म पृथ्वीराज पर काम कर रहे हैं, जिसका निर्माण यशराज फिल्म्स के बैनर तले हो रहा है।