Diwali 2021: गौपूजा के बाद बछड़े को झूला झुलाती दिखीं नयना मुके, वसुबारस से दिवाली उत्सव शुरू
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दिवाली के उत्सव की चहल पहल उत्तर भारत में धन त्रयोदशी यानी धनतेरस से शुरू होती है लेकिन महाराष्ट्र में दीपोत्सव उससे भी एक दिन पहले यानी द्वादशी से ही शुरू हो जाता है। इस दिन पूरे सूबे के किसान मनाते हैं एक खास त्यौहार वसुबारस। माना जाता है कि इसी दिन समुद्र मंथन से कामधेनु प्रकट हुई थीं। और, उसी दिन की याद में हर साल देश में जगह जगह कामधेनु स्वरूपा गौमाता के पूजन की परंपरा है। अभिनेत्री नयना मुके ने इस मौके पर गाय बछड़े की खास पूजा की और बछड़े को झूला भी झुलाया।
गोवत्स द्वादशी यानी वसु बारस का महाराष्ट्र में खास महत्व रहा है। इस दिन नई ब्याता गायों की खास तौर से पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन गाय और उसके बच्चे की पूजा करने से सभी देवताओं की पूजा संपन्न होती है। इस पूजा के फल को इतना अनमोल माना जात है कि इसके लिए हफ्तों पहले से गांवों, कस्बों व शहरों में तैयारियां दिखने लगती हैं।
रंगमंच और सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री नयना मुके बताती हैं, ‘वसुबारस की पूजा का महत्व हर किसान को पता है। गौमाता की पूजा का विधान तो सनातन संस्कृति में शुरू से रहा है। लेकिन, वसुबारस की कथा समुद्र मंथन से जुड़ी हुई है। कामधेनु स्वरूपा गायों की इस दिन घर घर पूजा होती है। हमारा परिवार इस परंपरा और पूजा को कई पीढ़ियों से मनाता चला आ रहा है। कहते हैं कि इस पूजा से संतान, सुख और समृद्धि मिलती है।’
नयना मुके भी इस दौरान पारंपरिक परिधानों में दिखीं और उन्होंने अपना श्रृंगार भी इस दिन के लिए खास किया। गौ पूजन में उनकी सहायता करने के लिए उनके प्रशंसकों व परिजनों की टोली भी उनके साथ दिखी। गायों के चरण धोने के बाद उन्होंने हल्दी, कुमकुम और अक्षत से गौ पूजा की, उन्हें तांबूल अर्पित करने के बाद प्रसाद भी चढ़ाया। नयना ने बताया कि इस दिन की शुरूआत गायों की रंगोली बनाने के साथ होती है।
गौपूजा के बाद नयना ने गोवंश के साथ भी स्नेहमयी समय बिताया और उनको लाड करने के बाद उन्हें झूला भी झुलाया। नयना बताती हैं, ‘भारतीय संस्कृति की तमाम धरोहरें अब भी देश के किसानों की वजह से ही बची हुई हैं। गाय, खेत और नदियां ही हमारे पर्यावरण को बचाए रखती हैं। पर्यावरण संतुलन में इन तीनों का बड़ा योगदान है। वसुबारस का त्योहार हमें जीवनदायिनी हवा, दूध और पानी देने वालों के प्रति श्रद्धा दिखाने का पर्व है। और, पुराणों के अनुसार इस दिन गौपूजा करने से विष्णु आराधना का भी फल मिलता है।’