फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   Chetan Bhagat and kangna Talks About 'One Indian Girl', Feminism and More

43 के होकर भी बाप की मदद क्यों लेते हैं लोग : कंगना

Sat, 01 Oct 2016 11:40 PM IST
अमित कर्ण/ अमर उजाला, मुंबई
अमित कर्ण/ अमर उजाला, मुंबई Updated Sat, 01 Oct 2016 11:40 PM IST
विज्ञापन
Chetan Bhagat and kangna Talks About 'One Indian Girl', Feminism and More
- फोटो : amarujala

रितिक रोशन और कंगना रनोट के बीच तनातनी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। कंगना रनोट ने इस मामले में अब एक सनसनीखेज बयान जारी कर दिया है। वह यह कि  लोग 43 के हो जाते हैं, फिर भी अपनी समस्याओं के समाधान को अपने पिता की मदद लेते रहते हैं। यह उन्होंने तब कहा, 'जब उनसे पूछा गया कि खुद राकेश रोशन उनके अतीत के राज पर्दाफाश करने वाले हैं।

विज्ञापन


कंगना यह सुनते ही भड़क उठीं। तुरंत बेलाग लपेट लहजे में कह दिया कि कुछ लोग अपनी प्रॉब्लम खुद सॉल्व क्यों नहीं कर पाते? वह भी 43 का होने के बाद। बच्चे की तरह रोते हुए बाप की गोद में चले जाते हैं।' गौरतलब है कि कंगना ने कुछ महीने पहले रितिक पर प्यार में धोखा देने के आरोप लगाए थे। उन्होंने दोनों की ईमेल पर हुई निजी हुई बातें भी सार्वजनिक कीं।
विज्ञापन


मगर रितिक रोशन ने उसे फर्जी करार दिया था। उन्होंने अपने बचाव में कहा कि कंगना से उनके बजाय कोई इम्पोस्टर लगातार संवाद कर रहा था। उस इम्पोस्टर ने उनकी ईमेल आईडी बना उस कारनामे को अंजाम दिया। फिलहाल यह मामला साइबर सेल के पास है। वहां से जांच रिपोर्ट आने पर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

सफल होती गई, प्यार से दूर होती गई : कंगना

Chetan Bhagat and kangna Talks About 'One Indian Girl', Feminism and More

बहरहाल कंगना इतने पर ही नहीं रुकीं। उन्होंने चेतन भगत की बुक वन इंडियन गर्ल की लौंच पर अपने बारे में और भी खुलासे किए। वह यह कि मर्द औरतों की सफलता पचा नहीं पाते। वे जैसे-जैसे सफल होती गईं, उनके ब्वॉय फ्रेंड उनसे दूर होते गए। बकौल कंगना, ' मेरे ब्वॉय फ्रेंड में इनसिक्योरिटी यानी असुरक्षा की भावना आने लगी।

वे यह स्वीकार नहीं कर पाए कि उनकी गर्लफ्रेंड इतनी सफल और महत्वाकांक्षी कैसे हो सकती है? नतीजतन मेरे रिश्ते टूटते गए। आज सफलता मेरे कदमों में हैं, मगर बांहों में भरने  को कोई नहीं। कांधे पर मैं अपना सिर रख चैन की नींद सो सकूं, वे कांधे देने वाले कोई नहीं हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed