मॉडल से चौकी में रेप की पुष्टि, 8 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
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मुंबई की मॉडल से पुलिस चौकी में रेप मामले में की पुष्टि हो गई है। मिड डे की खबर के मुताबिक मुंबई क्राइम ब्रांच ने सोमवार को मुंबई की मजिस्ट्रेट कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। 126 गवहों और बयानों वाली 1168 पृष्ठों की इस चार्जशीट में आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिसमें तीन पुलिस वाले शामिल हैं।
खबर के मुताबिक सभी आरोपियों पर आईपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक षडयंत्र), 384 (जबरन वसूली), 388 (धमका कर वसूली ), 379 (चोरी), 365 (अपहरण या गलत इरादे से व्यक्ति को पकड़ना), 366 (अपहरण), 354 (A)(1) (2) (शारीरिक संबंध की जबरन चेष्टा) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया है।
इसमें सबसे गंभीर आरोप असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सुनील खाटपे पर है। इनपर धारा 376(2) (एक पुलिस ऑफिसर होते हुए रेप) का आरोप पत्र भी दाखिल किया गया है। आरोपपत्र में केइएम अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट भी है, जिसमें इस बात की पुष्टि होती है कि मॉडल के साथ वारदात वाले दिन अश्लील हरकत की गई थी।
रात को होटल के सामने से मॉडल को उठाया था
चार्जशीट के मुताबिक मॉडल को अगवा किया गया था। जिसके पीछे एपीआई खाटपे की गहरी साजिश थी। क्राइम ब्रांच के अनुसार होटल के बाहर से मॉडल और उसके बॉयफ्रेंड खाटपे ने अपनी प्राइवेट गाड़ी से उठवाया था। जिसे बाद में खुद ही एमआईडीसी पुलिस कालोनी में खड़ी कर दी और जब्त कर ली।
इस पूरे मामले की वारदात के स्थान जैसे होटल हॉलिडे इन, साकीनाका पुलिस स्टेशन और संघर्ष नगर पुलिस चौकी के आसपास के कई सीसीटीवी फुटेज क्राइम ब्रांच ने सबूत के तौर पर पेश किए हैं।
गौततलब है कि बीती 3 अप्रैल की रात मुंबई के साकीनाका पुलिस थाने में एक 29 वर्षीय मॉडल को लाया गया था। जिसमें मॉडल ने दो सहायक पुलिस निरीक्षक और एक पुलिस कांस्टेबल समेत आठ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़िता ने मामले में कमिश्नर से की थी। इसके बाद मामले तीन पुलिस वालों को गिरफ्तार भी किया गया था।
ये है वो घटना, उस रात क्या हुआ था मॉडल के साथ
पुलिस ने बताया कि पीड़िता 3 अप्रैल को अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ किसी जगह पर गई थी। वह जिस जगह पर गई थी वो स्थान साकीनाका पुलिस थाने के अंतर्गत आता है। पुलिस उपायुक्त क्राइम ने बताया कि तीन पुलिस वालों ने उन्हें बताया था कि उन्हें मॉडल को लेकर कुछ गलत सूचनाएं मिली थी, जिस कारण से वो मॉडल और उनके ब्वॉयफ्रेंड को साकीनाका की संघर्ष नगर चौकी में ले गए। यहां उन्हें गलत तरीके से हिरासत में रखा गया।
पीड़िता ने बताया, "इसके बाद मुझे और मेरे ब्वॉयफ्रेंड को तीन से चार घंटे हिरासत में रखा गया। आरोपी पुलिसवालों ने मुझे अनैतिक तस्करी निवारण अधिनियम (पीटा) के तहत गिरफ्तार करने की धमकी दी। कहा कि अगर ये केस निपटाना चाहते हो तो पांच लाख का बदोबस्त कर दो। मॉडल ने कहा कि उन्हें बांबे पोलिस एक्ट के तहत 1200 रुपए का दंड भरने को भी मजबूर किया गया।"
जब पैसा लेने के लिए ब्वॉयफ्रेंड को बाहर भगा दिया और मॉडल के साथ...
पीड़िता ने बताया, " मेरा ब्वॉयफ्रेंड आधी रात को अपने घर गया और उसने अलग अलग एटीएम से कुछ पैसा जुटाने की कोशिश की। वो किसी तरह चार लाख 35 हजार रुपए जुटा पाया। इस दौरान मैं पुलिसवालों की हिरासत में ही थी और उन्होंने मुझे छेड़ने की कोशिश की। इतना ही नहीं उन्होंने मुझे मेरी सोने की अंगूठी, चेन, कड़े और कुल 80,000 रुपए की नकदी देने को भी मजबूर किया।"
मॉडल ने बताया कि पुलिसवालों को पैसा देने के बाद वो लोग वहां से चले गए। कमिश्नर ने क्राइम ब्रांच से इस मामले की पड़ताल कराई। उन्होंने कहा कि जैसा कि इस मामले में पीड़िता ने खुद सामने आकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। यह एक साहसिक कदम है। इसके बाद एफआईआर दर्ज कर जांच की गई। तब कमिश्नर ने कहा कि हम यह संदेश देना चाहते हैं कि किसी भी गुनहगार को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। अब मामले में आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया है।
जब मामले में वकील ने दी शर्मनाक दलील
मुंबई मॉडल-रेप मामले में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि साकीनाका थाने के भीतर मॉडल के साथ आधा रेप हुआ था इसलिए आरोपियों को भी इस मामले में सजा भी आधी ही मिलनी चाहिए। मॉडल रेप मामले में गत 23 अप्रैल को शिकायत दर्ज कराई गई थी।
गत बुधवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट के सामने दलील दी, "चूंकि आरोपी आधा ही रेप कर पाए थे इसलिए उन्हें यौन हमले के इस मामले में आधी ही सजा मिलनी चाहिए।"
बचाव पक्ष के वकील सुभाष हुल्याकर ने आईपीसी की धारा 376 का हवाला देते हुए कहा कि पीड़िता के बयान के मुताबिक आरोपी खाटपे ने पीड़िता के साथ छेड़छाड़ शुरू ही की थी इसलिए इसे पूरा यौन हमला नहीं माना जाना चाहिए।
इस दलील को सुनने के बाद न्यायाधीश गणेश देशमुख ने बचाव पक्ष के वकील से कहा, "आप दलील देन से पहले एफआईआर को पूरी तरह से पढ़ लें।" उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच यह बताने के लिए काफी है कि इस मामले में आरोपियों की मिलीभगत है।