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अब सेंसर बोर्ड ने 'टॉयलेट: एक प्रेम कथा' के इस शब्द पर जताई आपत्ति
amarujala.com- Presented by: आकांक्षा सिंह
Updated Sat, 12 Aug 2017 11:48 AM IST
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'टॉयलेट: एक प्रेम कथा' फिल्म का पोस्टर
'टॉयलेट: एक प्रेम कथा' अपनी रिलीज के वक्त ही एक शब्द को लेकर विवादों में घिर गई है। फिल्म में एक लाइन है जिसमें ब्राह्मणों का जिक्र किया गया है। सेंसर बोर्ड चाहता है कि मेकर्स अब फिल्म से ये शब्द हटा दें।
पढ़ें: कैसी है 'टॉयलेट: एक प्रेम कथा' ? जानें इन 11 बातों से
फिल्म में एक किरदार का डायलॉग है, 'मैं ब्राह्मण हूं लेकिन फिर भी अंडा खाता हूं।' इस लाइन को लेकर सेंसर बोर्ड अब जागा है। गौर करने वाली बात है कि सेंसर बोर्ड ने पहले इस लाइन पर कैंची नहीं चलाई थी लेकिन अब उन्हें इससे आपत्ति है। बोर्ड से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, 'हमने मेकर्स से इसे हटाने के लिए कहा है। 'ब्राह्मण' शब्द को हम जाने नहीं दे सकते क्योंकि ये पूरे समुदाय के लिए इस्तेमाल हो रहा है।'
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पढ़ें: मंदिर, मस्जिद से ज्यादा जरूरी है टॉयलेट बनाना: राकेश ओम प्रकाश मेहरा
सेंसर बोर्ड की गाइडलाइन्स के मुताबिक फिल्म में किसी भी समुदाय या जाति से जुड़ा शब्द इस्तेमाल नहीं कर सकते। अक्षय कुमार और भूमि पेडनेकर की ये फिल्म 11 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म को समीक्षकों और दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है।
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फिल्म में एक किरदार का डायलॉग है, 'मैं ब्राह्मण हूं लेकिन फिर भी अंडा खाता हूं।' इस लाइन को लेकर सेंसर बोर्ड अब जागा है। गौर करने वाली बात है कि सेंसर बोर्ड ने पहले इस लाइन पर कैंची नहीं चलाई थी लेकिन अब उन्हें इससे आपत्ति है। बोर्ड से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, 'हमने मेकर्स से इसे हटाने के लिए कहा है। 'ब्राह्मण' शब्द को हम जाने नहीं दे सकते क्योंकि ये पूरे समुदाय के लिए इस्तेमाल हो रहा है।'
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सेंसर बोर्ड की गाइडलाइन्स के मुताबिक फिल्म में किसी भी समुदाय या जाति से जुड़ा शब्द इस्तेमाल नहीं कर सकते। अक्षय कुमार और भूमि पेडनेकर की ये फिल्म 11 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म को समीक्षकों और दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है।