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मशहूर फिल्म एडिटर संजीब दत्ता का निधन, रानी मुखर्जी की फिल्म मर्दानी के लिए मिला था स्क्रीन अवॉर्ड
Mon, 16 Sep 2019 12:42 AM IST
Mishra Mishra
मुंबई डेस्क, अमर उजाला
मुंबई डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mishra Mishra
Updated Mon, 16 Sep 2019 12:42 AM IST
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Sanjib Datta
- फोटो : Social Media
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हिंदी और बांग्ला सिनेमा के मशहूर फिल्म एडिटर संजीब कुमार दत्ता का निधन हो गया है। हिंदी की तमाम चर्चित फिल्मों जैसे इकबाल, तीन दीवारें, एक हसीना थी और 8x10 तस्वीर का संपादन करने वाले संजीब की असामयिक मृत्यु के बारे में ज्यादा जानकारी अभी नहीं मिल पा रही है। लेकिन, फिल्म निर्देशक अश्विनी चौधरी ने अपनी फेसबुक वॉल पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें एक अच्छा संपादक और एक महान व्यक्तित्व का धनी बताया है।
फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (एफटीटीआई) से फिल्म संपादन का प्रशिक्षण पाने वाले संजीब दत्ता ने मशहूर फिल्म संपादक रेनू सलूजा के सहायक के तौर पर अपना करियर शुरू किया और रेनू के जरिए ही उन्हें उनके करियर की बतौर संपादक पहली फिल्म बड़ा दिन (1998) मिली थी। रेनू को वह बहुत सम्मान देते थे और रेनू सलूजा के निधन के बाद महीने भर तक उनकी लैंडलाइन पर सिर्फ रेनू की रिकॉर्डेड आवाज सुनने के लिए फोन किया करते थे।
संजीब दत्ता को फिल्म इंडस्ट्री में काफी सम्मान मिला। श्रीराम राघवन निर्देशित फिल्म एक हसीना थी (2004) के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ संपादन का जी सिने अवार्ड मिला तो रानी मुखर्जी स्टारर फिल्म मर्दानी (2014) के संपादन के लिए उन्हें स्क्रीन अवार्ड मिला था। बंगाली फिल्म साहेब बीबी गोलाम (2016) के लिए संजीब ने पूर्वी क्षेत्र का फिल्मफेयर पुरस्कार जीता था।
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फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (एफटीटीआई) से फिल्म संपादन का प्रशिक्षण पाने वाले संजीब दत्ता ने मशहूर फिल्म संपादक रेनू सलूजा के सहायक के तौर पर अपना करियर शुरू किया और रेनू के जरिए ही उन्हें उनके करियर की बतौर संपादक पहली फिल्म बड़ा दिन (1998) मिली थी। रेनू को वह बहुत सम्मान देते थे और रेनू सलूजा के निधन के बाद महीने भर तक उनकी लैंडलाइन पर सिर्फ रेनू की रिकॉर्डेड आवाज सुनने के लिए फोन किया करते थे।
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संजीब दत्ता को फिल्म इंडस्ट्री में काफी सम्मान मिला। श्रीराम राघवन निर्देशित फिल्म एक हसीना थी (2004) के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ संपादन का जी सिने अवार्ड मिला तो रानी मुखर्जी स्टारर फिल्म मर्दानी (2014) के संपादन के लिए उन्हें स्क्रीन अवार्ड मिला था। बंगाली फिल्म साहेब बीबी गोलाम (2016) के लिए संजीब ने पूर्वी क्षेत्र का फिल्मफेयर पुरस्कार जीता था।
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