300 फिल्मों का प्रचार कर चुके पीआरओ आर आर पाठक का निधन, आमिर और अजय भी रहे मीडिया पर पकड़ के मुरीद
हिंदी सिनेमा के बेहद लोकप्रिय जनसंपर्क अधिकारियों (पीआरओ) में से एक राजाराम पाठक का मुंबई में निधन हो गया है। हमेशा सफेद शर्ट, पैंट और सफेद जूते पहनने वाले और आर आर के नाम से चर्चित पाठक ने पिछली सदी में सैकड़ों फिल्मों का पीआर किया। पूरे देश के फिल्म पत्रकारों के बीच उनकी छवि बहुत ही सौम्य, सरल और सज्जन इंसान की रही। उनके निधन पर हिंदी फिल्म जगत के तमाम लोगों ने अफसोस जाहिर किया है।
लंबे अरसे से बीमार चल रहे राजा राम पाठक का निधन मुंबई के उनके वर्सोवा स्थित आवास पर हुआ। बताते हैं कि पाठक को बुजुर्ग अवस्था में होने वाली दिक्कतों के चलते लंबे अरसे से दिक्कतें आ रही थीं। उनके शरीर ने धीरे धीरे उनका साथ छोड़ना शुरू कर दिया था और रविवार को उन्होंने ये नश्वर शरीर छोड़ दिया।
राजा राम पाठक ने मशहूर फिल्म निर्माता नंदू तोलानी के साथ खूब काम किया। तोलानी ने ही पाठक का नाम आर आर प्रचलित कर दिया था। ये उन दिनों की बात है जब फिल्मों के प्रिंट्स रेलगाड़ियों से पूरे देश के सिनेमाघरों तक भेजे जाते थे। प्रिंट्स रेलवे स्टेशन छोड़ने जाने वाला ये लेने जाने वाला एक नंबर खास तौर से याद रखता था जिसे आर आर नंबर (रेलवे रसीद नंबर) कहते हैं। इसी नाम पर पाठक का नाम तोलानी ने आर आऱ रख दिया था।
आमिर खान और अजय देवगन के करियर की शुरूआत में उनका पीआर देखने वाले आर आऱ पाठक ने अपने करियर में करीब 300 फिल्मों का प्रचार प्रसार देखा। राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया में बराबर की पकड़ रखने वाले आर आर पाठक को करीब 10 भारतीय भाषाओं का ज्ञान था और वह हिंदी व अंग्रेजी के अलावा गुजराती, मराठी, तमिल, तेलुगू आदि भाषाएं फर्रादेदार तरीके से बोलते थे। मुंबई के फिल्म पत्रकारों की संस्था चेम्बर ऑफ फिल्म जर्नलिस्ट्स ने आर आर पाठक के निधन पर गहरा दुख जताया है और उनके निधन को हिंदी फिल्म जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
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