फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   birthday special on shakeel badayuni

"दिल तोड़ने वाले तुझे दिल ढूंढ रहा है"

Sat, 03 Aug 2013 11:16 AM IST
एजेंसी/इंटरनेट डेस्क
एजेंसी/इंटरनेट डेस्क Updated Sat, 03 Aug 2013 11:16 AM IST
विज्ञापन
birthday special on shakeel badayuni

मशहूर शायर और गीतकार शकील बदायूं का आज जन्मदिन है। शकील के लिखे गीत और गजल आज भी संगीत प्रेमियों के जेहन में जिंदा हैं। मजेदार है आपूर्ति विभाग के मुलाजिम से लेकर एक मकबूल गीतकार बनने का उनका सफर।

विज्ञापन


शकील बदायूं का अपनी जिंदगी के प्रति नजरिया उनकी रचित इन पंक्तियों मे समाया हुआ है।

"मैं शकील दिल का हूं तर्जुमा, कि मोहब्बतों का हूँ
राजदान मुझे फख्रहै मेरी शायरी मेरी जिंदगी से जुदा नहीं"


उत्तर प्रदेश के बदांयू कस्बे में 03 अगस्त 1916 को जन्में शकील अहमद उर्फ शकील बदायूंनी बी.ए पास करने के बाद वर्ष 1942 मे वह दिल्ली पहुंचे जहां उन्होनें आपूर्ति विभाग मे आपूर्ति अधिकारी के रूप मे अपनी पहली नौकरी की। इस बीच वह मुशायरों मे भी हिस्सा लेते रहे जिससे उन्हें पूरे देश भर मे शोहरत हासिल हुई।
विज्ञापन


अपनी शायरी की बेपनाह कामयाबी से उत्साहित शकील बदायूंनी ने नौकरी छोड़ दी और वर्ष 1946 मे दिल्ली से मुंबई आ गये। मुंबई मे उनकी मुलाकात उस समय के मशहूर निर्माता ए.आर. कारदार उर्फ कारदार साहब और महान संगीतकार नौशाद से हुयी।
विज्ञापन
विज्ञापन


नौशाद के कहने पर शकील ने "हम दिल काअफसाना दुनिया को सुना देंगे। हर दिल मे मोहब्बत की आग लगा देंगे" गीत लिखा। यह गीत नौशाद साहब को काफी पसंद आया जिसके बाद उन्हें तुंरत ही कारदार साहब की 'दर्द' के लिये साइन कर लिया गया। वर्ष 1947 मे अपनी पहली ही फिल्म 'दर्द' के गीत "अफसाना लिख रही हूं" की अपार सफलता से शकील कामयाबी के शिखर पर जा बैठे।

नौशाद के साथ जमी जोड़ी

शकील बदायूंनी ने सबसे ज्यादा फिल्में संगीतकार नौशाद के साथ ही की। शकील बदायूंनी और नौशाद की जोड़ी वाले गीतों में "कुछ है तू मेरा चांद मैं तेरी चांदनी", सुहानी रात ढल चुकी, "वो दुनिया के रखवाले" जैसे गीत आज भी लोगों को याद हैं।

इसके अलावा "दो सितारो का जमीं पे है मिलन आज की रात", "मधुबन मे राधिका नाची रे", "जब प्यार किया तो डरना क्या", "नैन लड़ जइहें तो मन वा मे कसक होइबे करी", "दिल तोड़ने वाले तुझे दिल ढूंढ रहा है", "तेरे हुस्न की क्या तारीफ करू", "दिलरूबा मैंने तेरे प्यार मे क्या क्या न किया" जैसे गीत हिंदी फिल्मों के इतिहास के अमर गीत बन गए।


शकील बदायूंनी को अपने गीतों के लिये तीन बार फिल्म फेयर अवार्ड से नवाजा गया। फिल्मीं गीतों के अलावे शकील ने कई गायकों के लिये गजल भी लिखी हैं। सबसे ज्यादा गजहें उन्होंने पंकज उधास के लिए लिखी हैं। लगभग 54 वर्ष की उम्र, मे 20 अप्रैल 1970 को शकील इस दुनिया को अलविदा कह गये।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed