खास महिलाओं की बनाई राखियां बेचने में मदद करेंगे आयुष्मान, दिल्ली के एनजीओ की करेंगे पत्नी संग मदद
आयुष्मान खुराना और उनकी पत्नी ताहिरा कश्यप अरसे से दिल्ली की एक गैर लाभकारी संस्था गुलमेहर से जुड़े रहे हैं। गुलमेहर ऐसी महिलाओं की मदद करता है जो रास्तों और बस्तियों से कूड़ा बीनकर समाज की गंदगी दूर करती हैं। इस बार इस संगठन की महिलाओं ने कोरोना संक्रमण की वजह से काफी परेशानियां उठाईं लेकिन इनकी मदद के लिए अभिनेता आयुष्मान फिर से सपत्नीक (पत्नी के साथ) सक्रिय हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक गुलमेहर से जुड़ी करीब दो सौ महिलाओं ने इस बार रक्षाबंधन पर खुद की बनाई राखियां घर घर तक पहुंचाने का फैसला किया है। इससे होने वाली आय उनके कल्याण और भरण-पोषण में खर्च की जाएगी।
आयुष्मान ने एक बार फिर इस नेक कार्य में मदद करने की ठानी है और उनकी ओर ध्यान खींचने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वह कहते हैं, “ताहिरा और मैं ‘गुलमेहर’ के साथ बहुत गहराई से जुड़े हुए हैं। यह संगठन दिल्ली की इस जरूरतमंद आबादी की मदद के लिए असाधारण कार्य कर रहा है। महामारी के चलते उनमें से ज्यादातर महिलाएं खतरे के साए में हैं, साथ ही साथ आर्थिक तौर पर भी वे बेहद असुरक्षित हैं। उनकी आय भी काफी प्रभावित हुई है।“
आयुष्मान कहते हैं, “राखी भाई-बहन के प्यार और पवित्र बंधन का प्रतीक है। देश के नागरिकों द्वारा इन महिलाओं की बनाई गई राखियां खरीद कर उनके नेक कार्य में मदद करना आत्म-निर्भरता के जश्न का उल्लास मनाता है।”