दान पर विवाद: बिग बी पर लगे सिख विरोधी होने के आरोप, वायरल हो रहा 10 साल पहले अकाल तख्त को लिखा गया पत्र
- अमिताभ बच्चन ने दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को 12 करोड़ रुपये दिए थे दान।
- सिख विरोधी होने का लग रहा अमिताभ बच्चन पर आरोप।
- बिग बी द्वारा साल 2011 में अकाल तख्त को लिखा पत्र हुआ वायरल।
विस्तार
दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को करोड़ों रुपये दान देने के बाद महानायक अमिताभ बच्चन विवादों में घिर गए हैं। उनके द्वारा दान दिए गए करोड़ों रुपये को लेकर सिख राजनीति में उथल-पुथल मच गई है। अमिताभ बच्चन पर साल 1984 में हुए सिख कत्लेआम को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं। अब इस पूरे मामले में एक और बड़ा खुलासा हो गया है। अमिताभ बच्चन ने दस साल पहले ही पूरे मामले को लेकर पत्र लिखा था और अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया था। ये पत्र अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और इसमें दावा किया जा रहा है कि अमिताभ बच्चन ने यह पत्र साल 2011 में अकाल तख्त के जत्थेदार को मुंबई निवासी तत्कालीन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य गुरिंदर सिंह बाबा के माध्यम से भेजा था। इंटरनेट पर वायरल हो रहे इस तथाकथित पत्र में अमिताभ ने खुद पर लगे सिख कत्लेआम के लिए भीड़ को उकसाने वाले आरोप पर स्पष्टीकरण दिया था।
साल 2011 में पंजाब सरकार ने खालसा पंथ के जन्म स्थान श्री आनंदपुर साहिब में ऐतिहासिक खालसा विरासत कॉम्पलेक्स के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए अमिताभ बच्चन को आमंत्रण भेजा था। इसे स्वीकार करने के बाद अमिताभ बच्चन ने इसलिए इनकार कर दिया था कि वो किसी ऐतिहासिक समागम में किसी शर्मिंदगी का कारण नहीं बनना चाहते थे।
समागम खत्म होने के बाद बिग बी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का खंडन किया था। अमिताभ बच्चन ने भावुक होते हुए तीन पन्नों के इस पत्र में लिखा था कि नेहरू-गांधी परिवार के साथ उनके संबंध रहे हैं। हर सुख-दुख में वह एक-दूसरे के घर आते जाते थे। 1984 में सिख विरोधी दंगों की घटना देश के इतिहास में हमेशा एक धुंधला और एक काला अध्याय है।
उन्होंने आगे लिखा था, वह सिखों की भावनाओं को कभी आहत नहीं कर सकते, क्योंकि उनका परिवार उन्हें सिखी के बारे में ही बताता रहा है। वह सिख कौम को ठेस पहुंचाने के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकते। 1984 में हिंसा भड़काने संबंधी आरोप गलत हैं।
सोशल मीडिया पर ये पत्र तब वायरल हुआ जब महानायक ने दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को 12 करोड़ रुपए दान में दिए। मनजीत सिंह जीके द्वारा इस संबंधी श्री अकाल तख्त साहिब पर मनजिंदर सिंह सिरसा के खिलाफ पत्र भी दिया गया था। इसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने यह दान सिख रिवायतों के खिलाफ लिया है क्योंकि अमिताभ बच्चन सिख विरोधी हैं।