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हरिवंश राय बच्चन के जन्मदिन पर भावुक हुए बिग बी, पिता की लिखी इन लाइनों के साथ किया याद
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 27 Nov 2018 11:58 AM IST
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amitabh with Harivansh
- फोटो : twitter
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मशहूर कवि हरिवंश राय बच्चन की आज बर्थ एनिवर्सरी है। हरिवंश राय की वैसे तो लिखी गई कई कविताएं लोगों को पसंद आई लेकिन 'मधुशाला' आज भी लोगों की पहली पसंद है। पिता हरिवंश राय बच्चन के जन्मदिन पर अमिताभ बच्चन ने कुछ पुरानी तस्वीरें शेयर की हैं। इसके साथ ही पिता की लिखी कुछ लाइनों को सोशल मीडिया पर शेयर किया है।
अमिताभ बच्चन ने ट्विटर पर लिखा - 'पूज्य बाबूजी का जन्म। विश्व युद्ध द्वितीय के समय वो इलाहबाद विश्वविद्यालय में शिक्षक थे और UOTC के सदस्य। यूनिवर्सिटी ऑफिसर्स ट्रेनिंग कॉर्प्स ,तो उस समय ये लिखा उन्होंने - 'मैं कलम और बंदूक़ चलाता हूं दोनों, दुनिया में ऐसे बंदे कम पाए जाते हैं।'
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अमिताभ बच्चन ने ट्विटर पर लिखा - 'पूज्य बाबूजी का जन्म। विश्व युद्ध द्वितीय के समय वो इलाहबाद विश्वविद्यालय में शिक्षक थे और UOTC के सदस्य। यूनिवर्सिटी ऑफिसर्स ट्रेनिंग कॉर्प्स ,तो उस समय ये लिखा उन्होंने - 'मैं कलम और बंदूक़ चलाता हूं दोनों, दुनिया में ऐसे बंदे कम पाए जाते हैं।'
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आपको बता दें, हरिवंश राय बच्चन हिंदी के प्रमुख कवियों में से एक हैं। हरिवंश राय बच्चन की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा उनके गांव की पाठशाला में हुई। इलाहाबाद में शिक्षा लेने के बाद वह उच्च शिक्षा के लिए कैम्ब्रिज भी गए। कैम्ब्रिज में उन्होंने अंग्रेजी साहित्य के विख्यात कवियों की कविताओं पर शोध किया। दिलचस्प बात यह है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने के दौरान वो कई राजकीय पदों पर भी कार्यरत रहे।T 3007 - 27th November 1907 .. पूज्य बाबूजी का जन्म ! विश्व युध II के समय वो इलाहबाद विश्वविद्यालय में शिक्षक थे , और UOTC के सदस्य ! University Officers Training Corps ,तो उस समय ये लिखा उन्होंने :
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"मैं कलाम और बंदूक़ चलता हूँ दोनों ; दुनिया में ऐसे बंदे काम पाए जाते हैं " ~ pic.twitter.com/iUGSXNtRFY — Amitabh Bachchan (@SrBachchan) November 26, 2018