बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

'एयरलिफ्ट' के रियल हीरो मैथुनी मैथ्यू का निधन, अक्षय कुमार ने ट्विटर पर दी श्रद्धांजलि

amarujala.com- Presented by: पवनप्रीत कौर Updated Mon, 22 May 2017 05:34 AM IST
विज्ञापन
airlift real hero mathunny mathews passed away akshay kumar pays tribute

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
अक्षय कुमार की चर्चित फिल्म ‘एयरलिफ्ट’ के रियल लाइफ हीरो और नामचीन कारोबारी मथुनी मैथ्यूज का शनिवार को कुवैत में निधन हो गया। 1990 में कुवैत पर इराकी हमले के दौरान फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने में मैथ्यूज की भूमिका बेहद अहम रही थी। कुवैत के मशहूर कारोबारी मैथ्यूज 81 साल के थे और पिछले कुछ दिनों से बीमार थे। शनिवार को उन्होंने आखिरी सांस ली। वह केरल के पाटनामथिट्टा जिले के कुंबानाड़ के रहने वाले थे। 
विज्ञापन


केरल के सीएम पी. विजयन ने बॉलीवुड की फिल्म एयरलिफ्ट की प्रेरणा रहे मैथ्यूज के निधन पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने कहा कि 1990 में कुवैत पर इराकी हमले में फंसे हजारों भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालने में उनकी भूमिका को हमेशा याद किया जाएगा।


उन्होंने उस दौरान अपनी जिंदगी और संपत्ति की कोई परवाह नहीं की और खुद को भारतीयों को वहां से सुरक्षित निकालने के काम में झोंक दिया। हजारों फंसे हुए भारतीयों के लिए उन्होंने भोजन, पानी और सुरक्षित जगह की व्यवस्था की। इस लड़ाई में अपना सब कुछ गंवा कर हजारों भारतीय उनकी बदौलत ही वहां से सुरक्षित निकल सके। आज भी लोग उनकी इस मदद को याद करते हैं।

गौरतलब है कि 1990 में कुवैत पर इराक के हमले के दौरान बड़ी तादाद में भारतीय वहां फंस गए थे। उस दौर के वीपी सिंह सरकार ने डेढ़ लाख भारतीयों को वहां से विमान के जरिये स्वदेश पहुंचाया था। उस दौरान सरकार के इस अभियान को अंजाम देने के लिए मैथ्यूज ने भारत के गैर आधिकारिक प्रतिनिधि की तरह काम किया था। कुवैत में उन्होंने ही इस अभियान का सफल संयोजन किया था। 

टोयोटा सन्नी के नाम से थे मशहूर 
मैथ्यूज को टोयोटा सन्नी नाम से बुलाया जाता था। भारतीयों को सुरक्षित निकालने के अभियान के बाद वह केरल में लीजेंड बन चुके थे।

अक्षय कुमार ने जताया शोक 
अपनी फिल्म एयरलिफ्ट के प्रेरणास्त्रोत अक्षय कुमार ने मैथ्यूज के निधन पर गहरा शोक जताया है। अक्षय ने ट्वीट कर कहा कि दुख की इस घड़ी में वह मैथ्यूज के परिवार के साथ खड़़े हैं।

खड़ा किया था मजबूत कारोबार 
मैथ्यूज 20 साल की उम्र में ही नौकरी की तलाश में कुवैत पहुंच गए थे। वहां उन्होंने टोयोटा कंपनी में टाइपिस्ट के तौर पर नौकरी शुरू की और तरक्की करते हुए मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर पहुंच गए। 1989 में टोयोटा से रिटायर होने के बाद उन्होंने कार रेंटल और जनरल ट्रेडिंग कंपनी खोली। वह जाब्रिया इंडियन स्कूल के चेयरमैन भी थे।
 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us