आदिल हुसैन ने जीता बेस्ट एक्टर अवार्ड, 'परीक्षा' में रिक्शेवाले की भूमिका ने जीता सबका दिल
बीता बृहस्पतिवार भारतीय फिल्म जगत के लिए सिर ऊंचा करने वाला दिन रहा है। इस दिन देश के दो कलाकारों आदिल हुसैन और उषा यादव ने अलग-अलग फिल्मों के लिए बर्लिन में चल रहे इंडो जर्मन फिल्म वीक में सर्वश्रेष्ठ कलाकार के रूप में सम्मान हासिल किया। उषा को उनकी फिल्म 'माई घाट- क्राइम नंबर 103/2005' और आदिल को यह सम्मान प्रकाश झा की फिल्म 'परीक्षा' और एक और फिल्म 'निरवाना इन' के लिए मिला।
अपनी खुशी जाहिर करते हुए आदिल हुसैन ने लिखा, 'फिल्म 'परीक्षा' में अपने किरदार बुच्ची पासवान के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार जीतने पर मैं बहुत रोमांचित हूं। इस सम्मान के लिए सबका धन्यवाद। इस पुरस्कार को मैं फिल्म के निर्देशक प्रकाश झा और इसकी टीम के साथ साझा करता हूं।' इसके अलावा दूसरी पोस्ट में आदिल ने अपनी फिल्म 'निरवाना इन' का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह पुरस्कार उन्हें इस फिल्म के लिए भी मिला है। देश में जो फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है।
The Award for Best Actor at the #IndoGermanFilmWeek, Berlin Last Night is for my two roles as Buchchi and Jogi in @Pareeksha2020 and @NirvanaInnFilm Director @Pareeksha2020 and @iam_vj
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I am sorry that I hadn't Mentioned Both Films in earlier tweet . 🙏🏽😔 — Adil hussain (@_AdilHussain) October 1, 2020
आदिल हुसैन ने फिल्म 'परीक्षा' में एक रिक्शा खींचने वाले का किरदार निभाया है। वह रिक्शा जरूर चलाता है लेकिन उसके सपने बहुत बड़े हैं। वह अपने बच्चे को बड़े स्कूल में पढ़ाने की इच्छा रखता है और उसे एक बड़ा आदमी बनते हुए देखना चाहता है। पैसे की कमी के कारण वह दबाव में आकर चोरी चकारी जैसे कुछ बुरे काम करने लगता है। हालांकि, पुलिस उसकी भावनाओं को समझती है और एक अफसर उसके बच्चे की पूरी मदद करता है।
उधर, उषा यादव को भी अपने फिल्म 'माई घाट- क्राइम नंबर 103/2005' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार से नवाजा गया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, 'इंडो जर्मन फिल्म फेस्टिवल, बर्लिन में बीती रात अपनी फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिलने पर मैं बहुत खुश हूं। इसके लिए मैं निर्माता मोहिनी गुप्ता, निर्देशक अनंत महादेवन और इस फिल्म की पूरी टीम का धन्यवाद और उन्हें बधाई देना चाहती हूं।' उषा की यह फिल्म प्रभावती अम्मा और उनके बेटे उदय कुमार की दर्दनाक कहानी पर आधारित है।