ओमपुरी को घसीटकर कील वाले जूते से कुचलवाना चाहते थे निर्देशक!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ओमपुरी ने अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि कहा कि भले ही राजकुमार जी के सनक के किस्से आज तक मशहूर हैं। लेकिन उनके साथ राजकुमार जी कभी गुस्से से पेश नहीं आए। उन्होंने कहा कि ये सही बात है कि वो बहुत कम बोलते थे।
ओमपुरी ने राजकुमार के साथ फिल्म 'मरते दम तक' में काम किया। इस फिल्म से जुड़ा एक वाकया बताते हुए ओम जी ने कहा कि जब उन्हे राजकुमार जी के साथ काम करने का मौका मिला तो उन्होने निर्देशक से पहले ही तय कर लिया कि वो क्लाइमेक्स में राजकुमार जी से हाथापाई बिल्कुल नहीं करेंगे।
राजकुमार के बारे में मशहूर था कि वो क्लाइमेक्स को लंबा खींचते हैं और विलेन को देर तक पिटना पड़ता है। निर्देशक ने ओमपुरी की शर्त मान ली कि ठीक है फिल्म के आखिर में गोली लगने से तुम्हारी मौत होगी। लेकिन क्लाइमेक्स की शूटिंग से पहले मामला बदल गया और ओमपुरी परेशान।
'ओम सर, सीन थोड़ा बदल गया है'
ओमपुरी ने बताया कि क्लाइमेक्स से पहले डायरेक्टर का असिस्टेंट उनके पास आया और कहा कि सर सीन थोड़ा बदल गया है। असिस्टेंट ने उनसे कहा कि अब अपकी मौत सीधे गोली लगने से नहीं होगी। असिस्टेंट ने कहा कि ओम जी पहले आपकी राजकुमार जी से थोड़ी फाइट होगी।
ओमपुरी ने बताया कि उन्होंने इसको लेकर निर्देशक से बात की कि वो अपने वादे से मुकर रहे हैं। निर्देशक के कहने पर भी जब ओमपुरी नहीं माने तो आखिरकार निर्देशक को मानना पड़ा। फिल्म का अंत वैसे ही हुआ जैसे तय था। यानि राजकुमार ने ओमपुरी को गोली मारी और फिल्म खत्म।
अगर क्लाइमेक्स में बदलाव मान लिया होता तो...
राजकुमार और ओमपुरी की फिल्म 'मरते दम तक' का क्लाइमेक्स नहीं बदला। लेकिन अगर बदलता तो सिर्फ कुछ देर हाथापाई ही ना होती बल्कि और भी बहुत कुछ होता। इसका खुलासा ओमपुरी जी ने किया।
ओमपुरी ने बताया कि राजकुमार जी के जूते के नीचे कील लगी हुई थी। जिसका पता उन्हे शूटिंग के बाद चला। उन्होने कहा कि अगर उन्होने बदलाव की बात मान ली होती तो वो कील उनके चेहरे को बिगाड़ देती।
दरअसल ये सब इसलिए किया दया जिससे अचानक जख्म खाकर ओमपुरी के मुंह से चीख निकल जाए। ये सीन को बेहतर बनाने के लिए किया गया था। लेकिन ओमपुरी नहीं माने और उनका चेहरा बिगड़ने से बच गया।