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ओमपुरी को घसीटकर कील वाले जूते से कुचलवाना चाहते थे निर्देशक!

Fri, 02 Oct 2015 03:40 PM IST
Updated Fri, 02 Oct 2015 03:40 PM IST
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actor om puri in amar ujala sanvad

ओमपुरी ने अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि कहा कि भले ही राजकुमार जी के सनक के किस्से आज तक मशहूर हैं। लेकिन उनके साथ राजकुमार जी कभी गुस्से से पेश नहीं आए। उन्होंने कहा कि ये सही बात है कि वो बहुत कम बोलते थे।

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ओमपुरी ने राजकुमार के साथ फिल्म 'मरते दम तक' में काम किया। इस फिल्म से जुड़ा एक वाकया बताते हुए ओम जी ने कहा कि जब उन्हे राजकुमार जी के साथ काम करने का मौका मिला तो उन्होने निर्देशक से पहले ही तय कर लिया कि वो क्लाइमेक्स में राजकुमार जी से हाथापाई बिल्कुल नहीं करेंगे।
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राजकुमार के बारे में मशहूर था कि वो क्लाइमेक्स को लंबा खींचते हैं और विलेन को देर तक पिटना पड़ता है। निर्देशक ने ओमपुरी की शर्त मान ली कि ठीक है फिल्म के आखिर में गोली लगने से तुम्हारी मौत होगी। लेकिन क्लाइमेक्स की शूटिंग से पहले मामला बदल गया और ओमपुरी परेशान।

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'ओम सर, सीन थोड़ा बदल गया है'

actor om puri in amar ujala sanvad

ओमपुरी ने बताया कि क्लाइमेक्स से पहले डायरेक्टर का असिस्टेंट उनके पास आया और कहा कि सर सीन थोड़ा बदल गया है। असिस्टेंट ने उनसे कहा कि अब अपकी मौत सीधे गोली लगने से नहीं होगी। असिस्टेंट ने कहा कि ओम जी पहले आपकी राजकुमार जी से थोड़ी फाइट होगी।

ओमपुरी ने बताया कि उन्होंने इसको लेकर निर्देशक से बात की कि वो अपने वादे से मुकर रहे हैं। निर्देशक के कहने पर भी जब ओमपुरी नहीं माने तो आखिरकार निर्देशक को मानना पड़ा। फिल्म का अंत वैसे ही हुआ जैसे तय था। यानि राजकुमार ने ओमपुरी को गोली मारी और फिल्म खत्म।

अगर क्लाइमेक्स में बदलाव मान लिया होता तो...

actor om puri in amar ujala sanvad

राजकुमार और ओमपुरी की फिल्म 'मरते दम तक' का क्लाइमेक्स नहीं बदला। लेकिन अगर बदलता तो सिर्फ कुछ देर हाथापाई ही ना होती बल्कि और भी बहुत कुछ होता। इसका खुलासा ओमपुरी जी ने किया।

ओमपुरी ने बताया कि राजकुमार जी के जूते के नीचे कील लगी हुई थी। जिसका पता उन्हे शूटिंग के बाद चला। उन्होने कहा कि अगर उन्होने बदलाव की बात मान ली होती तो वो कील उनके चेहरे को बिगाड़ देती।

दरअसल ये सब इसलिए किया दया जिससे अचानक जख्म खाकर ओमपुरी के मुंह से चीख निकल जाए। ये सीन को बेहतर बनाने के लिए किया गया था। लेकिन ओमपुरी नहीं माने और उनका चेहरा बिगड़ने से बच गया।

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