Abhay Deol Birthday: देओल खानदान के इस सितारे ने चुनी अलग राह, इन फिल्मों में दिखाई दमदार अदाकारी
Abhay Deol Birthday: अभय देओल हिंदी सिनेमा के शानदार कलाकारों में से एक हैं। उन्हें अलग तरह की फिल्मों के लिए जाना जाता है। आइए जानते हैं उनके जन्मदिन पर उनकी कुछ बेहतरीन फिल्मों के बारे में...
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अभय देओल एक भारतीय अभिनेता हैं जो हिंदी फिल्मों में अपनी बेहतरीन अदाकारी के लिए जाने जाते हैं। वह हर साल 15 मार्च को अपना जन्मदिन मनाते हैं। देओल परिवार में जन्म लेने वाले अभय अपने स्वतंत्र और वैचारिक सिनेमा के प्रति झुकाव के लिए मशहूर हैं। जटिल किरदारों को निभाने में उन्हें महारत हासिल है। आज उनके जन्मदिन पर हम उनकी कुछ कुछ यादगार फिल्मों के बारे में जानते हैं...
साल 2005 में आई फिल्म 'सोचा ना था' से अभय देओल ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था। यह एक हल्की-फुल्की रोमांटिक कॉमेडी थी। इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसा युवक का किरदार निभाया था जो जिस पर परिवार की पसंद से शादी करने के लिए लगातार दवाब डाला जाता है, लेकिन उसे पहले से ही किसी से प्यार है। फिल्म में अभय की सादगी भरी अदाकारी दर्शकों का ध्यान खींचने में सफल रही थी।
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यह एक रहस्यमयी थ्रिलर फिल्म थी, जिसमें अभय मुख्य भूमिका में थे। कहानी एक रहस्यमयी महिला मनोरमा की मौत के इर्द-गिर्द घूमती है। इस फिल्म में अभय ने अपनी बेहतरीन अदाकारी से लोगों का दिल जीत लिया था।
दिबाकर बनर्जी के निर्देशन में बनी डार्क कॉमेडी फिल्म 'ओए लकी! लकी ओए!' अभय के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक है। इसमें उन्होंने लविंदर सिंह उर्फ लकी का किरदार निभाया, जो एक चालाक चोर है। फिल्म लकी के चोरी के कारनामों और उसके जीवन की उलझनों को हास्य और व्यंग्य के साथ पेश करती है।
अनुराग कश्यप की 'देव डी' अभय के करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है। यह शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास 'देवदास' का आधुनिक रूपांतरण थी। अभय ने इसमें देव का किरदार निभाया था। इस फिल्म वह एक ऐसा युवा के रूप में दिखे थे जो प्यार में मिली नाकामी के बाद नशे में डूब जाता है और खुद को तबाह करने के रास्ते पर चल पड़ता है। फिल्म की कहानी और संगीत से साथ अभय की जबर्दस्त अदाकारी दर्शकों के दिलों को छूने में कामयाब रही थी।
जोया अख्तर की यह फिल्म एक दोस्ती और खुद को तलाश करने की कहानी थी। इस फिल्म में अभय ने कबीर की भूमिका निभाई थी। कबीर एक आर्किटेक्ट है, जो अपने दो दोस्तों (ऋतिक रोशन और फरहान अख्तर) के साथ स्पेन में बैचलर ट्रिप पर जाता है। फिल्म जिंदगी को भरपूर जीने और रिश्तों की गहराई को बयां करती है।
प्रकाश झा की इस राजनीतिक थ्रिलर में अभय ने कबीर नाम के एक पुलिस मुखबिर की भूमिका निभाई, जो बाद में नक्सलियों के साथ शामिल हो जाता है। फिल्म सामाजिक अन्याय, भ्रष्टाचार और नक्सलवाद जैसे गंभीर मुद्दों पर आधारित थी। इस फिल्म में अभय ने अपने किरदार को बखूबी निभाया था।
आइए अभय देओल के खानदान के बारे मे ंजान लेते हैं...