फेक न्यूज है शूटिंग के दौरान मौत होने पर 50 लाख के मुआवजे की खबर, इम्पा ने जारी किया बयान
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हिंदी फिल्मों, धारावाहिकों और वेब सीरीज निर्माताओं की प्रमुख संस्था इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (इम्पा) ने उन खबरों को भ्रामक और निराधार बताया है जिसमें शूटिंग के दौरान सेट पर किसी कर्मचारी की कोरोना से मौत होने पर 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की बात कही जा रही है। इम्पा के सचिव अनिल नागरथ की तरफ से जारी एक लिखित बयान में कहा गया है कि इस बारे में वह खुद फिल्म कर्मचारियों के फेडरेशन से बात कर चुके हैं और ऐसा कोई संदेश या निर्देश फेडरेशन की तरफ से अब तक जारी नहीं किया गया है।
देश के सभी उद्योगों में सबसे तेजी से तरक्की करते रहे मनोरंजन उद्योग की हालत पिछले दो महीने से चले आ रहे लॉकडाउन की वजह से खस्ता है। ऐसी फिल्मों के निर्माता अपनी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज करने का इंतजार करने की बजाय ओटीटी पर रिलीज करने लगे हैं, जिनमें ब्याज पर लिया गया पैसा लगा है। फिल्मों के अलावा तमाम धारावाहिकों और वेब सीरीज में भी निवेशकों का पैसा लगा है जिस पर ब्याज लगातार बढ़ रहा है पर आमदनी कहीं से नहीं हो रही। इस सबके चलते इम्पा ने महाराष्ट्र सरकार से उन फिल्मों आदि का काम फिर से शुरू करने की अनुमति मांगी है जिनकी शूटिंग हो चुकी है और बाकी काम दफ्तरों में रहकर पूरा किया जा सकता है।
इस बीच फिल्म इंडस्ट्री में एक व्हाट्सएप मैसेज को लेकर बवाल मचा हुआ है। इस संदेश में कहा गया है कि अगर फिल्मों, टीवी सीरियल व वेब सीरीज की दोबारा शूटिंग शुरू होने पर किसी कर्मचारी की कोरोना से मृत्यु होती है तो संबंधित निर्माता को इसके एवज में 50 लाख रुपये संबंधित कर्मचारी के परिवार को देने होंगे। ये संदेश फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लाइज की तरफ से भेजा गया बताया जा रहा है। इस बारे में इम्पा के सचिव अनिल नागरथ ने पड़ताल की और सीधे फेडरेशन के महासचिव अशोक दुबे से बात भी की।
इम्पा के अध्यक्ष टी पी अग्रवाल की तरफ से जारी लिखित बयान में अनिल नागरथ लिखते हैं, “दुबे ने ऐसे किसी फैसले या निर्देश संबंधी सूचना की खबरें निराधार और असत्य बताया है।” नागरथ कहते हैं कि शूटिंग के बारे में मानक संचलन प्रक्रिया (एसओपी) सभी निर्माता संगठनों से बातचीत और उनकी सहमति के बाद ही बनाई जा सकती है। इम्पा ने सभी निर्माताओं से अपील भी की है कि वे इस तरह की अफवाहों को लेकर सतर्क रहें।