आशा भोसले जयंती: गाने के अलावा ताई के पास था यह टैलेंट, रिहर्सल के बीच लता दीदी पर क्यों चिल्लाईं?
Asha Bhosle 93rd Birth Anniversary: हिंदी सिनेमा में आठ दशकों तक अपनी आवाज का जादू बिखेरने वालीं दिवंगत गायिका आशा भोसले की आज 93वीं जयंती है। यह आशा ताई का पहला जन्मदिन है जब वो हमारे बीच मौजूद नहीं है। पढ़िए उनसे जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से।
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'अभी न जाओ छोड़कर कि दिल अभी भरा नहीं..',
आशा भोसले और रफी साहब का यह गीत भले ही आज 65 साल पुराना हो चुका है पर जब भी आशा ताई की याद आती है तो फैंस इस गीत को गुनगुनाना नहीं भूलते। आज अपनी 93वीं जयंती पर आशा ताई भले ही हमारे बीच नहीं हैं पर उनकी आवाज हमेशा हमारे साथ रहेगी।
इस साल अपने जन्मदिन से पांच महीने पहले 12 अप्रैल को आशा ताई ने दुनिया को अलविदा कह दिया। जाने से पहले मखमली आवाज की मल्लिका ने सिनेमाई दुनिया में हजारों गाने दिए, जिन्हें आज भी शौक से सुना जाता है। हालांकि, कम ही लोग जानते हैं कि ताई स्वर ही नहीं, स्वाद साम्राज्ञी भी थीं। इस जन्मतिथि पर पढ़िए आशा भोसले से जुड़े कुछ खास किस्से...
9 साल की आशा के सिर से उठा पिता का साया
आशा भोसले ने महज 10 साल की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था। पिता दीनानाथ मंगेशकर मशहूर थिएटर एक्टर और क्लासिकल सिंगर थे, ऐसे में आशा का बचपन संगीत के माहौल में बीता। घर पर हर वक्त सुरों और शास्त्रीय संगीत की महफिल सजती थी।
जब आशा महज 9 साल की थीं, तब उनके सिर से पिता का साया उठ गया। पिता की अचानक मृत्यु के बाद मंगेशकर परिवार भारी वित्तीय संकट में घिर गया। परिवार को जीवनयापन के लिए पुणे और कोल्हापुर से होते हुए अंततः मुंबई (बंबई) आना पड़ा।
कम उम्र में ही घर को संभालने के लिए 14 साल की बड़ी बहन लता मंगेशकर के साथ-साथ 9 साल की आशा भोसले ने भी संगीत और गायकी की दुनिया में कदम रखा।
मराठी फिल्म में गाया था पहला गाना
- बचपन के दिनों में आशा अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर के साथ बिल्कुल जुड़ी रहती थीं और परछाई बनकर उनके पीछे-पीछे चलती थीं।
- लता दीदी भी छोटी बहन आशा को अपनी गोद में लेकर घूमती थीं।
- एक बार जब लता दीदी छोटी आशा को अपने साथ स्कूल ले गईं तो वहां के शिक्षक ने इसका विरोध भी किया था।
- आगे चलकर आशा ताई भी बहन की तरह गायक बनीं और पहला फिल्मी गाना मराठी फिल्म 'मझा बल' के लिए 'चला चला नव बाला' गाया।
- यह गाना उन्होंने 1943 में गाया था। उस समय आशा की उम्र सिर्फ 10 साल थी।
- आगे चलकर ताई ने हिंदी और दूसरे भाषाओं के हजारों गाने गाए।
- लोकगीत, गजल, शास्त्रीय, कव्वाली, बॉलीवुड गानों समेत उन्होंने हर तरह के गाने गाए।
संघर्ष पथ पर चलकर मिली कामयाबी
मशहूर सिंगर की बेटी होने के बावजूद आशा को अपने करियर की शुरुआत में काफी स्ट्रगल करना पड़ा था। उस जमाने में गीता दत्त, शमशाद बेगम और लता मंगेशकर का खूब नाम हुआ करता था। जब ये तीनों कोई गाना छोड़ देते तो वो आशा भोसले को दिया जाता था।
यही कारण है कि 50 के दशक में वैम्प्स, बैड गर्ल्स या सेकंड ग्रेड की फिल्मों के ज्यादातर गाने आशा ताई ने गाए। इसी के चलते अफवाह थी कि आशा ताई, लता दीदी को अपना प्रतिद्वंदी मानने लगी थीं।
लता दीदी पर क्यों चिल्ला पड़ी थीं आशा?
एक इंटरव्यू में आशा जी ने बताया था कि एक गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान वो लता दीदी पर किस तरह चिल्लाई थीं। दरअसल, म्यूजिक कंपोजर शंकर जयकिशन ने दोनों को अपना गाना 'कर गया रे.. कर गया रे मुझपे जादू' ऑफर किया।
ये गाना फिल्म 'बसंत बहार' का था। यह राग भैरवी पर आधारित था और दोनों ने बहुत बार इसकी रिहर्सल की थी। जिस दिन रिकॉर्डिंग थी उस दिन आशा स्टूडियो जाने के लिए तैयार हो गईं। वहीं लता दीदी अभी भी रियाज किया जा रही थीं।
उसी दिन आशा ताई को एक और गाना रिकॉर्ड करने के लिए जाना था। ये मौका वो छोड़ना नहीं चाहती थीं। एक घंटा हो गया और जब लता दीदी नहीं आईं तो आशा ताई के सब्र का बांध टूट गया। वो रिहर्सल रूम में गईं और चिल्लाते हुए लता दीदी से कहा, 'अब चलिए, मैं और इंतजार नहीं कर सकती'।
इसके बाद लता ने उन्हें एक प्यारी मुस्कान दी और उनके साथ रिकॉर्डिंग के लिए चली गईं।
बहन के सेक्रेटरी के साथ भागकर शादी की
आशा ताई की पर्सनल लाइफ में भी कई तूफान आए। उन्हें 16 साल की उम्र में लता मंगेशकर के 31 साल के पर्सनल सेक्रेटरी गणपत राव भोसले से प्यार हो गया था। घर वालों के खिलाफ जाकर उन्होंने गणपत राव से शादी कर ली थी। इस कारण उन्हें अपना घर भी छोड़ना पड़ा था।
शादी के कुछ दिन तो अच्छे से बीते लेकिन फिर गणपत और उनके भाई आशा को पीटने लगे। गणपत के परिवार वाले आशा को उनके घर के किसी भी सदस्य से मिलने नहीं देते थे। उन्होंने कई बार लता दीदी से मिलने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हुईं।
जब ये सब उनके बर्दाश्त से बाहर हो गया तो 1960 में वो दो बच्चों के साथ अपनी मां के घर आ गईं। उस समय भी आशा प्रेग्नेंट थीं। ताई के परिवार की मर्जी के खिलाफ विवाह करने के बाद कुछ वर्षों की दूरियां आईं, लेकिन जब वे वापस लौटीं तो लता दीदी ने उन्हें अपने पास कमरा देकर फिर से पूरा परिवार एक कर लिया।
आशा ताई का परिवार
आशा भोसले के बड़े बेटे का नाम हेमंत था। वह अब इस दुनिया में नहीं हैं। आशा भोसले की बेटी वर्षा ने 8 अक्टूबर 2012 में सुसाइड कर लिया था। आशा ताई के सबसे छोटे बेटे आनंद भोसले हैं।
आरडी बर्मन ने आखिरी सांस तक निभाया साथ
मां के घर आने के बाद आशा ने फिर से गाना शुरू किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात राहुल देव बर्मन यानी आरडी बर्मन से हुई। दोनों ने बहुत से गाने साथ में गाए। इसके बाद 1980 में दोनों ने शादी कर ली।
यहां एक बात खास है कि आरडी बर्मन, आशा जी से 6 साल छोटे थे। दोनों की ही एक शादी टूट चुकी थी। लेकिन ये शादी सफल रही और आरडी बर्मन ने अपनी आखिरी सांस तक आशा का साथ दिया था।
आशा भोसले और पंचम दा ने साल 1980 में शादी रचाई थी। दोनों के संग साथ का सफर बेहद खूबसूरत रहा, मगर यह काफी छोटा था। 54 साल की उम्र में 4 जनवरी 1994 को कार्डियक अरेस्ट के कारण पंचम दा का निधन हो गया था।
क्या था आशा भोसले का दूसरा प्लान?
गायिकी की दुनिया में खुद को स्थापित करने वाली आशा भोसले का एक बी प्लान भी था। जी हां, एक बातचीत में उन्होंने खुद इसका जिक्र किया था। वह प्लान था-कुकिंग। आशा भोसले को कुकिंग का बेहद शौक था और वे इस मामले में काफी जानकार भी थीं। वे जितना सुरीला गाती थीं, उतना ही स्वादिष्ट खाना भी बनाती थीं।
- आशा ताई के घर होने वाली दावतों में मेहमानों को अक्सर पाया करी, फिश करी, कड़ाही गोश्त और दाल परोसी जाती।
- उनके हाथ का बना कढ़ाई गोस्त और बिरयानी पूरे बॉलीवुड इंडस्ट्री में फेमस था। एक बार आशा जी से पूछा गया था कि अगर वो सिंगर ना होतीं तो क्या करतीं?
- तब आशा ने जवाब दिया था कि एक अच्छी कुक बनकर पैसे कमाती। इतना ही नहीं, उन्होंने विदेश में अपनी रेस्तरां चेन खोली थी। दुबई और कुवैत में आशा नाम से उनके रेस्टोरेंट काफी लोकप्रिय हैं।
- दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर तो आशा भोसले के हाथों के बने खाने के दीवाने थे। एक बातचीत के दौरान आशा भोसले ने कहा था कि ऋषि कपूर को उनके हाथ का शामी कबाब, कढ़ाई गोश्त और काली दाल बहुत पसंद थी।
गोरिल्लाज के साथ आखिरी गाना
आशा भोसले का 92 साल की उम्र में 12 अप्रैल 2026 को निधन हो गया। उनका आखिरी गाना गोरिल्लाज के साथ था। यह ट्रैक 'द शैडोई लाइट' नाम का है, जो 27 फरवरी 2026 को रिलीज हुआ था। यह गाना आशा ताई ने गोरिल्लाज एल्बम के लिए ही गाया था। ये गाना यूट्यूब पर मौजूद है और इसे लाखों व्यूज मिल चुके हैं।