‘ये मेरा भारत नहीं..’, अपने बयानों से लेकर हिंदी बोलने का विरोध करने तक, जानिए कब-कब विवादों में रहे रहमान
AR Rahman Controversies: ऑस्कर और गोल्डन ग्लोब जैसे अवॉर्ड जीतने वाले दिग्गद संगीतकार एआर रहमान इन दिनों विवादों में घिरे हुए हैं। लेकिन ये पहला मौका नहीं है, इससे पहले भी कई बार रहमान विवादों में रह चुके हैं। जानिए कब-कब विवादों रहे संगीतकार…
विस्तार
दिग्गज संगीतकार व सिंगर एआर रहमान इन दिनों अपने संगीत या गानों की वजह से नहीं, बल्कि अपने बयानों के चलते चर्चाओं में हैं। रहमान ने विक्की कौशल की ‘छावा’ को जहां बांटने वाली फिल्म बताया। वहीं उनका कहना है कि बीते आठ साल से मैं यह महसूस कर रहा हूं कि इंडस्ट्री में टैलेंट के दम पर काम नहीं मिलता। म्यूजिक इंडस्ट्री की कमान ऐसे हाथों में है जो न तो क्रिएटिव हैं और ना ही क्रिएटिविटी को समझते हैं। धर्म भी कम काम करने का एक कारण है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि म्यूजिक इंडस्ट्री में अब सांप्रदायिक भावना हावी हो रही है।
अपने इन्हीं बयानों को लेकर एआर रहमान चर्चाओं में आ गए। इसके बाद इंडस्ट्री के तमाम लोगों की ओर से उनके बयानों पर प्रतिक्रिया सामने आ रही है। तो वहीं इसको लेकर अब सियासी पारा भी हाई हो गया है। वैसे ये पहला मौका नहीं है, जब एआर रहमान अपने बयानों के चलते विवादों में आए हों। इससे पहले भी वो कई बार विवादों में रह चुके हैं। जानते हैं कब-कब और क्यों विवादों में घिर चुके हैं एआर रहमान?
यह मेरा भारत नहीं
साल 2017 में एआर रहमान उस वक्त विवादों में आ गए थे जब उन्होंने कहा था कि यह मेरा भारत नहीं है। दरअसल, साल 2017 में बेंगलूरू में पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या कर दिए जाने पर एआर रहमान ने इस तरह का बयान दिया था। अपनी फिल्म ‘वन हार्टः द ए.आर. रहमान कन्सर्ट फिल्म’ के प्रीमियर पर गौरी लंकेश की हत्या मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए रहमान ने कहा था, ‘मैं इस घटना से बहुत दुखी हूं। उम्मीद करता हूं कि इस तरह की घटनाएं भारत में नहीं होनी चाहिए। अगर यह घटनाएं भारत में होती हैं, तो यह मेरा भारत नहीं है। मैं चाहता हूं कि मेरा देश तरक्कीपसंद और नरमदिल हो।’ बेशक रहमान ने ये बयान इस मामले पर दिया था, लेकिन उनके बयान को लेकर काफी हंगामा हुआ था।
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पैगंबर मुहम्मद पर बनी फिल्म में संगीत देने पर छिड़ा था विवाद
साल 2015 में संगीतकार एआर रहमान ईरानी निर्माता-निर्देशक माजिद मजीदी की पैगंबर मुहम्मद पर बनी फिल्म ‘मुहम्मद: मैसेंजर ऑफ गॉड’ में संगीत देने पर विवादों में आ गए थे। फिल्म में धुन बनाने पर एक तरफ जहां उन पर मुंबई की राजा अकादमी ने फतवा जारी कर दिया था। वहीं दूसरी तरफ विश्व हिंदू परिषद ने रहमान से घर वापसी करने की बात कही थी। इस मुद्दे पर रहमान को लेकर लोगों में दो तरह की राय देखने को मिली थी।
एंकर को हिंदी बोलने पर रहमान ने रोका
एआर रहमान इससे पहले भाषा विवाद को लेकर भी चर्चाओं में रहे थे। फिल्म '99 सॉन्ग्स' के प्रमोशनल इवेंट के दौरान रहमान तब लोगों के निशाने पर आ गए थे, जब उन्होंने एंकर के हिंदी बोलने पर नाराजगी जताई थी।कार्यक्रम के दौरान एंकर ने पहले तमिल में एआर रहमान का स्वागत किया और उसके तुरंत बाद ही वो रहमान का हिंदी में स्वागत करती है। एंकर को हिंदी बोलते देख रहमान उन्हें ट्रोल कर देते हैं और स्टेज से नीचे उतर जाते हैं। ऐसा करने पर लोग संगीतकार को ट्रोल करने लगे थे। हालांकि, बाद में इस मामले पर रहमान ने सफाई देते हुए कहा था, ‘उस दौरान हम तीन भाषाओं में म्यूजिक लॉन्च कर रहे थे। हिंदी का पहले ही लॉन्च हो चुका था और यह तमिल भाषा का लॉन्च था। तो वहां स्टेज के कुछ नियम कायदे थे। हम तमिल ऑडियंस से बात कर रहे थे। इसलिए मैंने उनसे तमिल में बात करने के लिए कहा।’
नकाब में बेटी की तस्वीर साझा कर विवादों में घिरे
2019 में संगीतकार अपनी बेटियों की सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करने पर विवादों में आ गए थे। दरअसल, रहमान ने नीता अंबानी के साथ अपनी बेटियों और पत्नी की तस्वीर साझा की थी। इसमें उनकी एक बेटी नकाब पहने हुए थी। इसको लेकर रहमान लोगों के निशाने पर आ गए थे। कई लोगों ने इसको लेकर रहमान पर नाराजगी जताई थी और आजादी चुनने की बात कही थी। हालांकि, एक वर्ग रहमान के समर्थन में भी था।
भाषा कभी रुकावट पैदा नहीं करती
आज इंडस्ट्री में सांप्रदायिकता की भावना बढ़ने की बात करने वाले एआर रहमान ने 2022 में भाषा को लेकर छिड़े विवाद पर कुछ ऐसा कहा था जिसकी तारीफ हुई थी। दरअसल, बॉलीवुड वर्सेज साउथ इंडस्ट्री को लेकर छिड़े विवाद पर रहमान ने कहा था कि भाषा कभी भी रुकावट पैदा नहीं कर सकती। रहमान का कहा था कि जब बात म्यूजिक की आती है तो भाषा से किसी भी तरह की रुकावट नहीं आनी चाहिए।
जब रहमान ने दी थी एकजुट रहने की सलाह
वहीं रहमान ने भारत में एकजुटता लाने की भी बात कही थी। एक किस्से को साझा करते हुए रहमान ने कहा था कि मैं लगभग सात साल पहले मलेशिया गया था। वहां, एक अच्छे चीनी सज्जन ने मुझसे कहा, 'तुम भारत से हो?' मुझे भारत पसंद है। मुझे उत्तर भारत बेहतर लगता है। वे अधिक निष्पक्ष हैं। उनकी फिल्में बहुत अधिक आकर्षक हैं। रहमान ने बताया कि उस सज्जन की टिप्पणियों ने मझे सोचने पर मजबूर कर दिया और इससे आश्चर्य हुआ कि क्या उस व्यक्ति ने वास्तव में दक्षिण भारतीय फिल्में देखी थीं और उन्होंने ऐसा बयान क्यों दिया? रहमान ने कहा, ‘फिर मैंने पाया कि हमें जो करने की जरूरत है वह यह है कि हमें लोगों को रंग में रंगने की जरूरत है। उन्हें सशक्त बनाएं और उन्हें ऐसे चरित्र दें जो उन्हें सम्मान दें। यह सबसे महत्वपूर्ण बात है जो दक्षिण भारतीय कर सकते हैं क्योंकि हम अपने रंग से प्यार करते हैं। दक्षिण भारत हो या उत्तर भारत वह पूरा भारत ही है।’
यौन उत्पीड़न के आरोपी के साथ काम करने पर हुई ट्रोलिंग
बीते दिनों संगीतकार कोरियोग्राफर जानी मास्टर के साथ काम करने के चलते भी विवादों में आ गए थे। दरअसल, जानी मास्टर पर नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे। तभी जानी मास्टर ने रहमान के साथ एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की थी। जिसमें बताया गया था कि जानी ने रहमान के संगीत में बने फिल्म ‘पेद्दी’ के गाने ‘चकरी चकरी’ को कोरियोग्राफ किया है। इस बात के सामने आने के बाद रहमान लोगों के निशाने पर आ गए थे और उन्हें सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था।