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'वे शांतिप्रिय हैं, उन्हें झगड़े नहीं पसंद'; कई मुद्दों पर राय जाहिर क्यों नहीं करते बिग बी? बोले परेश रावल
Thu, 16 Jul 2026 09:07 PM IST
ज्योति राघव
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: ज्योति राघव
Updated Thu, 16 Jul 2026 09:07 PM IST
सार
Paresh Rawal On Amitabh Bachchan: अमिताभ बच्चन सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहते हैं। ब्लॉग भी नियमित लिखते हैं। मगर, कई समसामयिक मुद्दों पर वे चुप रहना पसंद करते हैं। इसे लेकर हाल ही में परेश रावल ने बात की।
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परेश रावल-अमिताभ बच्चन
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अमिताभ बच्चन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खूब सक्रिय रहते हैं। ब्लॉग रोजाना लिखते हैं। मगर, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या अन्य सार्वजनिक मंचों पर वे तमाम मुद्दों पर राय रखने से बचते हैं। सोशल मीडिया पर अगर वे कुछ लिखते हैं तो काफी क्रिप्टिक अंदाज में लिखते हैं। इसकी वजह क्या है, इसका खुलासा तो कभी अमिताभ बच्चन ने नहीं किया। मगर, हाल ही में परेश रावल इस विषय पर बात करते दिखे।
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परेश रावल ने अमिताभ बच्चन की 'चुप्पी' पर क्या कहा?
अमिताभ बच्चन एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कभी अपनी राय जाहिर भी करते हैं तो काफी घुमा-फिराकर या कम शब्दों में लिखते हैं। कई बार उन्हें अपने विचार बताने से खुद को रोकते हुए भी देखा गया है। हाल ही में बिग बी के एक पोस्ट से अटकलें तेज हुई, जिसमें जिसमें लिखा था, 'कुछ कहना चाहता था, लेकिन सोचा...नहीं! यह मत कहो'। अमिताभ बच्चन ने इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहा, लेकिन उनके इस मैसेज पर इंटरनेट पर खूब चर्चा हुई। अब परेश रावल ने शहंशाह के मन की स्थिति और कई बार अपनी राय जाहिर करने से खुद को रोकने के संभावित कारणों पर बात की है।
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बोले- 'उन्हें बहुत तकलीफ उठानी पड़ी'
परेश रावल ने विक्की लालवानी के साथ एक इंटरव्यू में कहा, 'लोग डरे हुए हैं। उन्हें उत्पीड़न का डर है। पहले कुछ लोग बिना किसी झिझक के अपनी बात कहते थे। अगर आप गौर करें, तो समय के साथ ऐसे लोगों की संख्या भी कम हो गई है'। परेश रावल ने अमिताभ बच्चन के राजनीतिक सफर और इतने वर्षों में आईं चुनौतियों पर भी बात की। उन्होंने कहा, 'इस उम्र में वे क्या करेंगे? उन्होंने देखा है कि वीपी सिंह वाले मामले के बाद लोगों ने उनकी कितनी आलोचना की थी। अगर सत्ता आपके पीछे पड़ जाए, तो यह आपकी जिंदगी बर्बाद कर सकती है। हमें नहीं पता कि उन्हें किन-किन चीजों से गुजरना पड़ा। उन्हें बहुत तकलीफ उठानी पड़ी'।
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'अमिताभ बच्चन झगड़ों में यकीन नहीं रखते'
परेश रावल ने आगे कहा, 'अमिताभ बच्चन झगड़ों में यकीन नहीं रखते। उन्हें शांति पसंद है। वह हाथ जोड़कर वहीं बहस खत्म कर देते हैं। बहुत से लोग इसे कमजोरी समझते हैं। उन्हें अपने आस-पास लड़ाई-झगड़े, जहरीली बातें या नेगेटिविटी पसंद नहीं है। परेश रावल ने अपने भी पॉलिटिकल करियर के बारे में बात की और साफ किया कि आम धारणा के उलट, सांसद के तौर पर उनके कार्यकाल ने उनके एक्टिंग के काम को सीमित नहीं किया। परेश रावल 2014 में अहमदाबाद ईस्ट से बीजेपी सांसद के तौर पर राजनीति में आए थे। एक कार्यकाल पूरा करने के बाद, उन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव न लड़ने का फैसला किया। उन वर्षों में फिल्मों में उनकी मौजूदगी कम हो गई, जिससे कई लोगों को लगा कि राजनीति ने उनके एक्टिंग करियर पर असर डाला है। हालांकि, परेश रावल ने इन दावों को नकार दिया।
क्या राजनीति की वजह से फिल्मों पर असर पड़ा?
अभिनेता का कहना है, 'मेरे कम फिल्में करने में राजनीति की कभी कोई भूमिका नहीं रही। फिल्मों की संख्या इसलिए कम हुई, क्योंकि मैंने उन्हें करने से मना कर दिया था। मैं 'मना करने' (Refuse) शब्द का इस्तेमाल कर रहा हूं, 'रिजेक्ट' (Reject) का नहीं। कई बार मुझे स्क्रिप्ट या कहानियों में कोई खास बात नहीं लगीट। उन्होंने आगे बताया कि संसद और फिल्मों के बीच तालमेल बिठाना कभी कोई चुनौती नहीं थी। उन्होंने कहा, 'एक राजनेता होने के बावजूद, मेरे पास फिल्में करने के लिए काफी समय था। संसद साल में लगभग 110 दिन चलती है। फिर भी मेरे पास अपने लिए करीब 265 दिन होते थे। मैंने अपने थिएटर शो भी कम कर दिए थे'।