LS Polls 2024: शिवसेना-यूबीटी के उम्मीदवारों के एलान के बाद संजय निरुपम नाराज, अपनी ही पार्टी को दी चेतावनी
LS Polls 2024: लोकसभा चुनाव को लेकर शिवसेना-यूबीटी ने बुद्धवार सुबह अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी। इस लिस्ट के सामने आने के बाद कांग्रेस में बगावत की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इधर बुद्ववार सुबह शिवसेना-यूबीटी ने महाराष्ट्र की 16 सीटों के लिए प्रत्याशियों का एलान कर दिया तो उधर कांग्रेस में भी बगावत शुरू हो गई। महा विकास अघाड़ी में फूट के संकेत भी मिल रहे हैं। दरअसल शिवसेना-यूबीटी ने अपनी पहली लिस्ट में मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा क्षेत्र से अमोल कीर्तिकर को चुनाव मैदान में उतारा है। कांग्रेस इस सीट के लिए निरुपम की दावेदारी कर रही थी। अब जब शिवसेना-यूबीटी ने कीर्तिकर को टिकट दिया तो कांग्रेस नेता ने खुलकर कह दिया कि सभी विकल्प खुले हुए हैं।
नाराज निरुपम ने दी यह चेतावनी
शिवसेना द्वारा स्पष्ट तौर पर यह भी कह दिया गया है कि पार्टी राज्य की 22 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। यहां तक कि जिस सीट से कांग्रेस के संजय निरुपम ताल ठोकना चाह रहे थे, उस सीट पर उद्दव ठाकरे की पार्टी ने अमोल कीर्तिकर को उम्मीदवार बना दिया। ऐसे में संजय निरुपम ने कांग्रेस से कहा है कि शिवसेना-यूबीटी से रिश्ते तोड़े जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि अभी भी उनके पास सभी विकल्प खुले हुए हैं।
महाविकास अघाड़ी में कुछ ठीक नहीं चल रहा
गठन होने के बाद से महाविकास अघाड़ी में नेताओं के बीच सीटों को लेकर खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं। जिन चार सीटों को लेकर कांग्रेस और शिवसेना-यूबीटी और कांग्रेस के बीच बहस हो रही थी, उनमें से दो सीटों पर उद्दव की पार्टी ने अपने कैंडिडेट उतार दिए हैं। सांगली और उत्तर पश्चिम मुंबई से उम्मीदवारों की घोषणा होने के बाद कांग्रेस खेमे में असंतोष बढ़ गया है। वंचित बहुजन अघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर भी कह चुके हैं कि महा विकास अघाड़ी गठबंधन में वंशवाद की राजनीति हावी है। इसलिए आंबेडकर ने खुद को इस गठबंधन से दूर रखा और नौ लोकसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा कर ली।
महाराष्ट्र में पांच चरणों में होगा मतदान
महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों पर पांच चरणों में 19 अप्रैल, 26 अप्रैल, 7 मई, 13 मई और 20 मई को चुनाव होंगे और वोटों की गिनती 4 जून को होगी। महाराष्ट्र में उत्तर प्रदेश के बाद सबसे ज्यादा 48 लोकसभा सीटें हैं।
2019 में किसने मारा था मैदान?
वर्ष 2019 के आंकड़ों पर गौर करें तो महाराष्ट्र की 48 सीटों में से 23 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की थी। शिवसेना ने 18 , राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने एआईएमआईएम ने एक एक सीट पर जीत हासिल की थी। इसके अलावा एक सीट निर्दलीय के खाते में गई थी।