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मोदीनामा: 'अजेय' नरेंद्र मोदी की काट नहीं ढूंढ पा रहा विपक्ष, क्या है जो प्रधानमंत्री मोदी को बनाता है खास
Sun, 09 Jun 2024 11:06 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 09 Jun 2024 11:06 AM IST
सार
अभी तक अपने राजनीतिक करियर में पीएम मोदी ने अपने सभी चुनाव में जीत हासिल की है। हालिया लोकसभा चुनाव में जीत के बाद एक बार फिर केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार बन रही है। तो ऐसा क्या है जो नरेंद्र मोदी को अजेय बनाता है और विपक्ष लाख कोशिशों के बाद भी उनसे पार नहीं पा रहा।
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पीएम मोदी अभी तक कोई चुनाव नहीं हारे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष ने भाजपा को हराने के लिए लाख जतन किए, लेकिन काफी कोशिशों के बाद भी विपक्ष नरेंद्र मोदी से पार नहीं पा रहा। लोकसभा चुनाव के नतीजों से स्पष्ट है कि केंद्र में एक बार फिर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बन रही है। आम चुनाव में भाजपा को झटका लगा है, लेकिन अभी भी भाजपा अकेले दम पर 240 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी है और एकजुट विपक्ष भी उनकी बराबरी नहीं कर पा रहा। रविवार को नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे और इसके साथ ही वे इतिहास रच देंगे। पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद नरेंद्र मोदी ही दूसरे नेता हैं, जो लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। तो आइए जानते हैं कि ऐसा क्या है कि एकजुट विपक्ष भी नरेंद्र मोदी के किले को भेद नहीं पा रहा है।
'अजेय' नरेंद्र मोदी
साफ है कि देश की जनता का विश्वास अभी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कायम है और मौजूदा राजनीति में और हाल के वर्षों में शायद ही कोई नेता है, जो पीएम मोदी के करिश्मे की बराबरी कर सके। 7 अक्तूबर 2001 की तारीख भारतीय राजनीति में मील की पत्थर कही जा सकती है। दरअसल इसी तारीख को नरेंद्र मोदी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद से आज तक पीएम मोदी कोई चुनाव नहीं हारे हैं और आज भारतीय राजनीति में इतने अहम हैं कि अगर ये कहें कि आज वह देश की राजनीति का केंद्र बिंदु हैं तो अतिश्योक्ति नहीं होगी।
1. 7 अक्तूबर, 2001 को नरेंद्र मोदी ने केशुभाई पटेल की जगह गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली।
2. मुख्यमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी 2002 को पहली बार राजकोट उपचुनाव में जीत हासिल की थी।
3. मुख्यमंत्री बनने के एक साल के बाद ही गुजरात में दिसंबर 2002 में फिर विधानसभा चुनाव हुए। सभी मान रहे थे कि नरेंद्र मोदी एक साल बाद ही होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल नहीं कर पाएंगे, लेकिन उन्होंने सभी को गलत साबित करते हुए 2002 के गुजरात विधानसभा चुनाव में जोरदार जीत हासिल कर एक बार फिर से सीएम पद की शपथ ली।
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4. 2002 के चुनाव में नरेंद्र मोदी अहमदाबाद की मणिनगर सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे।
5. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने 2007 और 2012 के विधानसभा चुनाव में भी जीत हासिल की। इस दौरान मोदी मणिनगर सीट से चुनाव जीतते रहे।
6. 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने नरेंद्र मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार घोषित किया। 2014 के चुनाव में भाजपा ने मोदी लहर में जोरदार जीत हासिल की और नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
7. नरेंद्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की वाराणसी सीट से चुनाव लड़ा और बड़े अंतर से जीत हासिल की।
8. 2019 के लोकसभा चुनाव में एक बार फिर भाजपा ने पीएम मोदी के नेतृत्व में प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई और पीएम मोदी फिर से वाराणसी से सांसद चुने गए।
9. 2024 के चुनाव में भी पीएम मोदी ने वाराणसी से चुनाव लड़कर जीत हासिल की। अब तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री पद पर आसीन हो रहे हैं।
बचपन में ही हुआ आरएसएस से जुड़ाव
पीएम मोदी का जन्म 17 सितंबर, 1950 को गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अन्य पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखते हैं और उनके पिता वडनगर स्टेशन पर चाय की दुकान चलाते थे, जिस पर बचपन में नरेंद्र मोदी भी काम किया करते थे। बचपन में ही पीएम मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे। इस दौरान उन्होंने संघ के प्रांत प्रचारक लक्ष्मणराव इनामदार के असिस्टेंट के तौर पर भी काम किया। साल 1972 में नरेंद्र मोदी खुद संघ प्रचारक बन गए और उन्होंने कई सामाजिक आंदोलनों में हिस्सा लिया। संगठन और सामाजिक काम करते हुए पीएम मोदी साल 1981 में प्रांत प्रचारक बने।
प्रांत प्रचारक रहते हुए उन्हें आरएसएस की विभिन्न शाखाओं जैसे भारतीय किसान संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और विश्व हिंदू परिषद आदि के समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई। इस तरह पीएम मोदी ने जमीनी स्तर पर काम करके संघ के कामकाज समझा और संगठन की समझ हासिल की। शायद वही संगठन की समझ है, जिसकी वजह से पीएम मोदी आज भी जनता के विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए सीधे तौर पर जुड़े रहते हैं। यही खासियत उन्हें जननेता बनाती है और दूसरे नेताओं से अलग करती है।
भाजपा के कई अहम आंदोलनों और यात्राओं के पीछे नरेंद्र मोदी का दिमाग
गुजरात में संघ का काम करते हुए ही पीएम मोदी की संगठन क्षमता की गूंज पार्टी में दिल्ली तक पहुंची। लालकृष्ण आडवाणी साल 1986 में भाजपा के अध्यक्ष बने तो उन्होंने ही पीएम मोदी की संघ से भाजपा में एंट्री कराई और उन्हें पार्टी में संगठन मंत्री का पद दिया। जब आडवाणी ने 1990 में सोमनाथ मंदिर से देश के पश्चिमी तट तक चर्चित रथ यात्रा निकाली तो गुजरात में रथ यात्रा के आयोजन की जिम्मेदारी मोदी को ही सौंपी गई। साल 1991 में जब तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने कन्याकुमारी से लेकर श्रीनगर तक एकता यात्रा निकाली तो उस यात्रा के आयोजन, संगठन की पूरी जिम्मेदारी नरेंद्र मोदी ने ही उठाई थी। इन्हीं यात्राओं के बाद भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में मोदी एक जाना पहचाना नाम बन गए। गुजरात में भाजपा संगठन को मजबूत करने में पीएम मोदी की अहम भूमिका रही। बाद में सीएम पद पर रहते हुए उन्होंने देश को विकास का गुजरात मॉडल दिया, जिसके दम पर भाजपा गुजरात में आज तक अंगद का पैर जमाकर सत्ता पर काबिज है।
ऐतिहासिक फैसले मोदी सरकार की पहचान
गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने विकास का गुजरात मॉडल दिया, जिसने पूरे देश में उनकी खास पहचान बनाई। इसी पहचान के दम पर साल 2014 में उन्हें भाजपा ने पीएम पद का दावेदार घोषित किया। 2014 में भाजपा ने शानदार जीत हासिल की और नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। प्रधानमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने कई ऐसे काम किए, जो क्रांतिकारी साबित हुए, जिनमें मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया जैसे अभियानों ने देश के विकास को गति दी तो सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक ने उनकी छवि एक ऐसे नेता की बनाई, जो दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देना जानता है। पीएम मोदी ने देशवासियों में देश को लेकर एक विश्वास और स्वाभिमान की भावना जाग्रत की। जिसके दम पर साल 2019 में भाजपा बंपर बहुमत लेकर सत्ता में वापस लौटी।
देशवासियों के मिले समर्थन से पीएम मोदी ने दूसरे कार्यकाल में कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिए, जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गए हैं। इनमें जम्मू कश्मीर के अनुच्छेद 370 हटाना, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शामिल है। अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर देश बेहतर स्थिति में है। रूस-यूक्रेन युद्ध, इस्राइल-हमास युद्ध और चीन के आक्रामक रूख के खिलाफ पीएम मोदी ने जिस तरह से स्टैंड लिया है, साथ ही जी20 के सफल आयोजन और दुनियाभर में पीएम मोदी की लोकप्रियता ने उन्हें मजबूत वैश्विक नेता के तौर पर स्थापित कर दिया है।
अब पीएम मोदी देशवासियों से तीसरे कार्यकाल में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और साल 2047 तक देश को महाशक्ति बनाने की बात कर रहे हैं और प्रधानमंत्री के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए उनके इन दावों पर शक करने की शायद ही कोई वजह हो।
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'अजेय' नरेंद्र मोदी
साफ है कि देश की जनता का विश्वास अभी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कायम है और मौजूदा राजनीति में और हाल के वर्षों में शायद ही कोई नेता है, जो पीएम मोदी के करिश्मे की बराबरी कर सके। 7 अक्तूबर 2001 की तारीख भारतीय राजनीति में मील की पत्थर कही जा सकती है। दरअसल इसी तारीख को नरेंद्र मोदी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद से आज तक पीएम मोदी कोई चुनाव नहीं हारे हैं और आज भारतीय राजनीति में इतने अहम हैं कि अगर ये कहें कि आज वह देश की राजनीति का केंद्र बिंदु हैं तो अतिश्योक्ति नहीं होगी।
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1. 7 अक्तूबर, 2001 को नरेंद्र मोदी ने केशुभाई पटेल की जगह गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली।
2. मुख्यमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी 2002 को पहली बार राजकोट उपचुनाव में जीत हासिल की थी।
3. मुख्यमंत्री बनने के एक साल के बाद ही गुजरात में दिसंबर 2002 में फिर विधानसभा चुनाव हुए। सभी मान रहे थे कि नरेंद्र मोदी एक साल बाद ही होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल नहीं कर पाएंगे, लेकिन उन्होंने सभी को गलत साबित करते हुए 2002 के गुजरात विधानसभा चुनाव में जोरदार जीत हासिल कर एक बार फिर से सीएम पद की शपथ ली।
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4. 2002 के चुनाव में नरेंद्र मोदी अहमदाबाद की मणिनगर सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे।
5. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने 2007 और 2012 के विधानसभा चुनाव में भी जीत हासिल की। इस दौरान मोदी मणिनगर सीट से चुनाव जीतते रहे।
6. 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने नरेंद्र मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार घोषित किया। 2014 के चुनाव में भाजपा ने मोदी लहर में जोरदार जीत हासिल की और नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
7. नरेंद्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की वाराणसी सीट से चुनाव लड़ा और बड़े अंतर से जीत हासिल की।
8. 2019 के लोकसभा चुनाव में एक बार फिर भाजपा ने पीएम मोदी के नेतृत्व में प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई और पीएम मोदी फिर से वाराणसी से सांसद चुने गए।
9. 2024 के चुनाव में भी पीएम मोदी ने वाराणसी से चुनाव लड़कर जीत हासिल की। अब तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री पद पर आसीन हो रहे हैं।
बचपन में ही हुआ आरएसएस से जुड़ाव
पीएम मोदी का जन्म 17 सितंबर, 1950 को गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अन्य पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखते हैं और उनके पिता वडनगर स्टेशन पर चाय की दुकान चलाते थे, जिस पर बचपन में नरेंद्र मोदी भी काम किया करते थे। बचपन में ही पीएम मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे। इस दौरान उन्होंने संघ के प्रांत प्रचारक लक्ष्मणराव इनामदार के असिस्टेंट के तौर पर भी काम किया। साल 1972 में नरेंद्र मोदी खुद संघ प्रचारक बन गए और उन्होंने कई सामाजिक आंदोलनों में हिस्सा लिया। संगठन और सामाजिक काम करते हुए पीएम मोदी साल 1981 में प्रांत प्रचारक बने।
प्रांत प्रचारक रहते हुए उन्हें आरएसएस की विभिन्न शाखाओं जैसे भारतीय किसान संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और विश्व हिंदू परिषद आदि के समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई। इस तरह पीएम मोदी ने जमीनी स्तर पर काम करके संघ के कामकाज समझा और संगठन की समझ हासिल की। शायद वही संगठन की समझ है, जिसकी वजह से पीएम मोदी आज भी जनता के विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए सीधे तौर पर जुड़े रहते हैं। यही खासियत उन्हें जननेता बनाती है और दूसरे नेताओं से अलग करती है।
भाजपा के कई अहम आंदोलनों और यात्राओं के पीछे नरेंद्र मोदी का दिमाग
गुजरात में संघ का काम करते हुए ही पीएम मोदी की संगठन क्षमता की गूंज पार्टी में दिल्ली तक पहुंची। लालकृष्ण आडवाणी साल 1986 में भाजपा के अध्यक्ष बने तो उन्होंने ही पीएम मोदी की संघ से भाजपा में एंट्री कराई और उन्हें पार्टी में संगठन मंत्री का पद दिया। जब आडवाणी ने 1990 में सोमनाथ मंदिर से देश के पश्चिमी तट तक चर्चित रथ यात्रा निकाली तो गुजरात में रथ यात्रा के आयोजन की जिम्मेदारी मोदी को ही सौंपी गई। साल 1991 में जब तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने कन्याकुमारी से लेकर श्रीनगर तक एकता यात्रा निकाली तो उस यात्रा के आयोजन, संगठन की पूरी जिम्मेदारी नरेंद्र मोदी ने ही उठाई थी। इन्हीं यात्राओं के बाद भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में मोदी एक जाना पहचाना नाम बन गए। गुजरात में भाजपा संगठन को मजबूत करने में पीएम मोदी की अहम भूमिका रही। बाद में सीएम पद पर रहते हुए उन्होंने देश को विकास का गुजरात मॉडल दिया, जिसके दम पर भाजपा गुजरात में आज तक अंगद का पैर जमाकर सत्ता पर काबिज है।
ऐतिहासिक फैसले मोदी सरकार की पहचान
गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने विकास का गुजरात मॉडल दिया, जिसने पूरे देश में उनकी खास पहचान बनाई। इसी पहचान के दम पर साल 2014 में उन्हें भाजपा ने पीएम पद का दावेदार घोषित किया। 2014 में भाजपा ने शानदार जीत हासिल की और नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। प्रधानमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने कई ऐसे काम किए, जो क्रांतिकारी साबित हुए, जिनमें मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया जैसे अभियानों ने देश के विकास को गति दी तो सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक ने उनकी छवि एक ऐसे नेता की बनाई, जो दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देना जानता है। पीएम मोदी ने देशवासियों में देश को लेकर एक विश्वास और स्वाभिमान की भावना जाग्रत की। जिसके दम पर साल 2019 में भाजपा बंपर बहुमत लेकर सत्ता में वापस लौटी।
देशवासियों के मिले समर्थन से पीएम मोदी ने दूसरे कार्यकाल में कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिए, जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गए हैं। इनमें जम्मू कश्मीर के अनुच्छेद 370 हटाना, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शामिल है। अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर देश बेहतर स्थिति में है। रूस-यूक्रेन युद्ध, इस्राइल-हमास युद्ध और चीन के आक्रामक रूख के खिलाफ पीएम मोदी ने जिस तरह से स्टैंड लिया है, साथ ही जी20 के सफल आयोजन और दुनियाभर में पीएम मोदी की लोकप्रियता ने उन्हें मजबूत वैश्विक नेता के तौर पर स्थापित कर दिया है।
अब पीएम मोदी देशवासियों से तीसरे कार्यकाल में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और साल 2047 तक देश को महाशक्ति बनाने की बात कर रहे हैं और प्रधानमंत्री के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए उनके इन दावों पर शक करने की शायद ही कोई वजह हो।