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J&K Poll: पूर्व डिप्टी CM से लेकर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के भाई तक, तीसरे चरण में ये दिग्गज मैदान में

Tue, 01 Oct 2024 06:34 AM IST
शिवेंद्र तिवारी स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Tue, 01 Oct 2024 06:34 AM IST
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सार
Jammu Kashmir Assembly Election Phase 3: जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के लिए मतदान आज है। इस चरण में चुनाव मैदान में उतरे कुल 415 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा जिसमें कई दिग्गज भी शामिल हैं।
 
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Jammu Kashmir Assembly Election 2024 phase three key seats News In Hindi
जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव चरण 3 - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण का चुनाव आज (मंगलवार ) है। तीसरे दौर में केंद्र शासित प्रदेश की 40 सीटों के लिए मतदान है, जिसमें कुल 415 उम्मीदवार चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। सात जिलों के 40 विधानसभा क्षेत्रों के करीब 39 लाख मतदाता मतदान करने के लिए पात्र हैं। तीसरे चरण में कुपवाड़ा, बारामुला, बांदीपोरा, उधमपुर, सांबा, कठुआ और जम्मू जिले के मतदाता वोट डालेंगे। तीसरे चरण में कई दिग्गज चेहरों की किस्मत भी ईवीएम में कैद हो जाएगी।


आइये जानते हैं कि इन दिग्गजों की सीटों पर कैसे समीकरण हैं? इनके सामने उम्मीदवार कौन है? यहां पर पहले कैसे नतीजे रहे हैं? 

तारा चंद: जम्मू जिले की छम्ब सीट तीसरे दौर में हॉट सीटों में शुमार है। यहां से कांग्रेस के टिकट पर जम्मू कश्मीर के दलित नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तारा चंद चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर अधिकतर चुनाव कांग्रेस ने ही जीते हैं। 61 वर्षीय तारा चंद 1996, 2002 और 2008 में तीन बार छम्ब सीट जीती थी। 2014 में तारा चंद भाजपा के डॉ. कृष्ण लाल से 14790 वोट से हार गए थे। तारा चंद मुफ्ती सईद और उमर अब्दुल्ला की सरकारों के दौरान कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता रहे हैं। इसके अलावा तारा उपमुख्यमंत्री और जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं। हाल ही में छम्ब सीट को अनारक्षित किये जाने के बाद तारा चंद ने यहां से चुनाव लड़ने का फैसला किया है। अब उनका मुकाबला भाजपा उम्मीदवार राजीव शर्मा, बागी कांग्रेस उम्मीदवार सतीश शर्मा और भाजपा के बागी उम्मीदवार नरेंद्र सिंह से है। 
 

मुजफ्फर हुसैन बेग: जम्मू कश्मीर में एक और पूर्व उपमुख्यमंत्री मुजफ्फर हुसैन बेग के उतरने से उत्तरी कश्मीर की बारामुला सीट चर्चा में है। यहां मुजफ्फर बेग और उनके भतीजे जावेद बेग के बीच टक्कर भी देखने को मिलेगी। दिग्गज नेता और पीडीपी के संस्थापक सदस्यों में से एक मुजफ्फर बेग बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। 50 से अधिक वर्षों से राजनीति में सक्रिय बेग ने अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद पार्टी छोड़ दी थी। पहाड़ी समुदाय से आने वाले मुजफ्फर हुसैन बेग ने इस साल भाजपा सरकार द्वारा पहाड़ी और तीन अन्य समुदायों को आरक्षण दिए जाने के बाद पीएम मोदी की तारीफ की थी। 2014 से पहले दो चुनावों में बारामुला सीट बेग के नाम रही है। 2014 में पीडीपी के टिकट पर उतरे जावेद हसन बेग ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार हसन राही को 7017 वोट से हराया था। इस चुनाव में मुजफ्फर हुसैन बेग के सामने नेकां से पूर्व विधायक जावेद हसन बेग, पीडीपी से मोहम्मद रफीक राथर और कांग्रेस से मीर इकबाल अहमद हैं।


 

सज्जाद लोन
सज्जाद लोन - फोटो : अमर उजाला
सज्जाद लोन: पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सज्जाद लोन की किस्मत भी तीसरे चरण में तय होगी। लोन उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा और हंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं। लोन पिछले लोकसभा चुनाव में उत्तरी कश्मीर के बारामुला निर्वाचन क्षेत्र से इंजीनियर रशीद से हार गए थे। हालांकि, हंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में मिली बढ़त के भरोसे लोन वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। लोन ने 2014 में हंदवाड़ा से जीत दर्ज की थी और वह भाजपा के कोटे से पीडीपी-भाजपा सरकार में मंत्री थे। हालांकि, इस चुनाव में लोन भाजपा के साथ अपने जुड़ाव की धारणा को खत्म करना चाहते हैं। हंदवाड़ा निर्वाचन क्षेत्र में लोन का मुकाबला नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार पूर्व मंत्री चौधरी मोहम्मद रमजान से, पीडीपी के गौहर आजाद मीर, भाजपा के गुलाम मोहम्मद मीर और आवामी इत्तेहाद पार्टी के अब्दुल मजीद से है।

वहीं कुपवाड़ा निर्वाचन क्षेत्र में लोन का मुकाबला नेशनल कॉन्फ्रेंस के नासिर असलम वानी, पीडीपी के फैयाज मीर और आवामी इत्तेहाद पार्टी की पीरजादा फिरदौस से है। 2014 में लोन की पार्टी के सहयोगी बशीर अहमद डार ने कुपवाड़ा में विधानसभा चुनाव जीता था। 

पार्टी मुख्यालय जम्मू में पत्रकारों से रूबरू होते भाजपा नेता देवेंद्र सिंह राणा।
पार्टी मुख्यालय जम्मू में पत्रकारों से रूबरू होते भाजपा नेता देवेंद्र सिंह राणा।
देवेंद्र सिंह राणा: जम्मू जिले की नगरोटा सीट भी इस चुनाव में चर्चा में बनी हुई है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के भाई देवेंद्र सिंह राणा यहां से भाजपा के उम्मीदवार हैं। जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस का दिग्गज चेहरा रहे देवेंद्र ने 2021 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। देवेंद्र राणा जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के भरोसेमंद सहयोगी थे और उनके राजनीतिक सलाहकार के तौर पर भी काम कर चुके हैं। 

व्यवसायी से राजनेता बने देवेंद्र स्थानीय लोगों के बीच एक जाना-माना चेहरा हैं। 2008 में उन्होंने नागरोटा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीता था। 2014 में जब तत्कालीन राज्य में आखिरी विधानसभा चुनाव हुए थे, तो देवेंद्र ने नेकां के टिकट पर नगरोटा से जीत हासिल की थी। उन्होंने भाजपा के नंद किशोर को 4,048 वोटों के अंतर से हराया था। इस चुनाव में देवेंद्र राणा का मुख्य मुकाबला नेशनल कॉन्फ्रेंस के जोगिंदर सिंह उर्फ काकू और कांग्रेस के बलबीर सिंह से है।

और किन उम्मीदवारों की चर्चा?
कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला आरएस पुरा-जम्मू दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। जम्मू उत्तर में पूर्व मंत्री और भाजपा उम्मीदवार शाम लाल शर्मा का मुकाबला नेशनल कॉन्फ्रेंस के अजय साधोत्रा से है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस उम्मीदवार चौधरी लाल सिंह बशोली में भाजपा के दर्शन सिंह से मुकाबला कर रहे हैं। पैंथर पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री हर्ष देव सिंह अपने चचेरे भाई भाजपा उम्मीदवार बलवंत सिंह मनकोटिया के खिलाफ उधमपुर के चेनानी विधानसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ रहे हैं। हर्ष और बलवंत पैंथर पार्टी के पूर्व सहयोगी हैं।

उधमपुर पश्चिम में भाजपा उम्मीदवार और पूर्व मंत्री पवन कुमार गुप्ता को अपने परिवार की मजबूत सीट को बनाए रखने की चुनौती होगी। गुप्ता परिवार ने तीन चुनावों में जीत हासिल की है। उधमपुर पूर्व में भाजपा के पूर्व विधायक आर एस पठानिया के सामने निर्दलीय उम्मीदवारों पवन खजूरिया और बलवान सिंह से चुनौती है। उड़ी में पूर्व मंत्री ताज मोहिउद्दीन नेकां के डॉ. सज्जाद शफी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। लंगेट एक और प्रमुख निर्वाचन क्षेत्र है जहां लोकसभा सांसद इंजीनियर राशिद के भाई शेख खुर्शीद और पीपल्स कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार इरफान अहमद गनी के बीच कड़ी टक्कर है। आतंकवाद को धन मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार होने के बाद इंजीनियर राशिद फिलहाल जमानत पर बाहर है। कुख्यात आतंकी और 2001 में संसद पर हुए आतंकवादी हमले का मुख्य आरोपी मोहम्मद अफजल गुरु का भाई एजाज अहमद सोपोर से चुनाव मैदान में है।


 
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