Maharashtra: महाविकास अघाड़ी में ठाकरे ने बढ़ाई बेचैनी, निरुपम बोले- हमारे बिना एक सीट भी नहीं जीत सकते उद्धव
संजय निरुपम का कहना है कि उद्वव ठाकरे कांग्रेस को कमजोर साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना-यूबीटी कांग्रेस के साथ के बिना एक भी सीट नहीं जीत सकती।
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विस्तार
लोकसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र का गढ़ जीतने के लिए विपक्षी दलों ने महा विकास अघाड़ी गठबंधन बनाया। शिवसेना-यूबीटी, राकांपा- एसपी और कांग्रेस ने मिलकर यह गठबंधन तो बना लिया लेकिन अब विवाद खुलकर सामने आ रहे हैं। हाल ही में शिवसेना-यूबीटी द्वारा 16 सीटों पर प्रत्याशियों का एलान किया गया, जिसके बाद से इस गठबंधन की जड़ें कमजोर पड़ रही हैं। जिस सीट से कांग्रेस नेता संजय निरुपम लड़ना चाहते थे, उस सीट से उद्धव ने अपना प्रत्याशी उतारने बात कही है।
संजय निरुपम ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता संजय निरुपम का कहना है कि कांग्रेस को सीटों के लिए उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले संगठन के आगे झुकना नहीं चाहिए। इसके साथ निरुपम ने दावा किया कि कांग्रेस के समर्थन के बिना शिवसेना-यूटीबी एक भी सीट नहीं जीत सकती। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि शिवसेना-यूटीबी ने मुंबई की छह में से पांच सीटें लेने के लिए हमारी बांह मरोड़ दी। यह कार्रवाई कांग्रेस को खत्म करने की एक चाल है। निरुपम ने कहा कि कांग्रेस को सांगली, मुंबई उत्तर-पश्चिम, मुंबई दक्षिण-मध्य और भिवंडी में दोस्ताना लड़ाई लड़नी चाहिए।
कहां से शुरु हुआ विवाद ?
दरअसल इस सप्ताह की शुरुआत में शिवसेना- यूबीटी ने 16 उम्मीदवारों की सूची जारी की और कहा कि वह महाराष्ट्र में कुल 22 संसदीय सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इन सीटों में मुंबई की चार सीटें भी शामिल हैं। इन सीटों में मुंबई उत्तर-पश्चिम सीट भी शामिल है, जहां से कांग्रेस संजय निरुपम को दावेदार बनाना चाहती थी। अब इस सीट को लेकर खींचतान मच गई है।
महाराष्ट्र में पांच चरणों में होगा मतदान
महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों पर पांच चरणों में 19 अप्रैल, 26 अप्रैल, 7 मई, 13 मई और 20 मई को चुनाव होंगे और वोटों की गिनती 4 जून को होगी। महाराष्ट्र में उत्तर प्रदेश के बाद सबसे ज्यादा 48 लोकसभा सीटें हैं।
2019 में किसने मारा था मैदान?
वर्ष 2019 के आंकड़ों पर गौर करें तो महाराष्ट्र की 48 सीटों में से 23 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की थी। शिवसेना ने 18 , राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने एआईएमआईएम ने एक एक सीट पर जीत हासिल की थी। इसके अलावा एक सीट निर्दलीय के खाते में गई थी।