Fact Check: लोकसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस द्वारा ‘फ्री रिचार्ज योजना’ शुरू करने का दावा फर्जी, ये है सच
Fact Check: लोकसभा चुनावों के बीच, सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल है, जिसमें 'प्रधानमंत्री फ्री रिचार्ज' और 'कांग्रेस सरकार फ्री रिचार्ज' नामक कथित योजना के तहत लोगों को 84 दिनों तक फ्री रिचार्ज देने का दावा किया जा रहा है। PTI Fact Check Desk की पड़ताल में वायरल मैसेज फर्जी निकला।
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विस्तार
1 जून को लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण का मतदान है। इससे पहले 19 अप्रैल से लेकर 25 मई तक छह दौर की वोटिंग कराई जा चुकी है। इस चुनाव के लिए तमाम दलों ने अपने घोषणा-पत्र में वादे किए जिसका चुनाव प्रचार में उठाए गए। इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल है, जिसमें 'प्रधानमंत्री फ्री रिचार्ज' और 'कांग्रेस सरकार फ्री रिचार्ज' नामक कथित योजना के तहत देश के सभी नागरिकों को 84 दिनों तक फ्री रिचार्ज देने का दावा किया जा रहा है। वायरल मैसेज के साथ एक लिंक भी दिया गया है। दावा किया जा रहा है कि इस लिंक की मदद से यूजर्स लोकसभा चुनाव से पहले इस ऑफर का लाभ उठा सकते हैं। PTI Fact Check Desk की पड़ताल में वायरल मैसेज फर्जी निकला। डेस्क ने अपनी पड़ताल में पाया कि भाजपा और कांग्रेस पार्टी ने ऐसी कोई योजना शुरू नहीं की है।
दावा :
फेसबुक यूजर अनु ठाकुर ने 30 मई को 'प्रधानमंत्री फ्री रिचार्ज योजना' के नाम से वायरल हो रहे मैसेज को पोस्ट करते हुए लिखा, “ऑफर कल तक ही है आज ही रिचार्ज करवाएं।” पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
किशन यादव नामक एक अन्य फेसबुक यूजर ने 'कांग्रेस सरकार मुफ्त योजना' के नाम से वायरल हो रहे मैसेज को शेयर करते हुए लिखा, “Congress (राहुल गांधी) के द्वारा सभी भारतीय यूजर्स को ₹719 का 84 दिन वाला रिचार्ज फ्री में दे रहे है ताकि 2024 के चुनव में ज्यादा से ज्यादा लोग कांग्रेस को वोट कर सकें और 2024 में कांग्रेस सरकार बन सके। मैंने भी इससे अपना 28 दिन का फ़्री Recharge किया है, आप भी अभी नीचे दी गयी लिंक पर क्लिक करके 84 दिन का Free Recharge प्राप्त करें (चुनाव से पहले)।” पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
पड़ताल :
पड़ताल शुरू करते हुए डेस्क ने सबसे पहले वायरल हो रहे दोनों मैसेज को ध्यान से पढ़ा और गूगल सर्च के जरिए 'प्रधानमंत्री फ्री रिचार्ज' और 'कांग्रेस सरकार फ्री रिचार्ज' योजना से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स ढूंढने की कोशिश की, लेकिन पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क को ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए डेस्क ने भाजपा और कांग्रेस पार्टी के सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगाला। जाहिर सी बात है, यदि सरकार या विपक्षी दल द्वारा ऐसी कोई योजना शुरू की गई होती तो सोशल मीडिया पर इसका प्रचार जरूर किया गया होता। हालांकि, जांच के दौरान पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क को ऐसा कुछ नहीं मिला।
पड़ताल के दौरान डेस्क ने लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर भाजपा और कांग्रेस पार्टी द्वारा जारी किए गए घोषणापत्रों को भी ध्यान से देखा। इसमें भी ऐसी किसी योजना को लागू करने से जुड़ी कोई जानकारी नहीं थी। दोनों पार्टियों के घोषणापत्रों को यहां और यहां क्लिक कर पढ़ें।
पड़ताल के अगले चरण में डेस्क ने वायरल मैसेज के साथ दिए गए लिंक पर क्लिक किया और पाया कि यह एक फिशिंग लिंक है, जिसमें यूजर्स से उनके मोबाइल नंबर मांगे जा रहे हैं। पीटीआई फैक्ट चेक के पाठकों से अनुरोध है कि वह इस तरह के किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।
डेस्क ने एक-एक करके सभी स्टेप्स फॉलो किए, लेकिन दावे के मुताबिक मोबाइल नंबर पर रिचार्ज नहीं मिला।
इस संबंध में CNBCTV18 पर एक रिपोर्ट भी प्रकाशित हुई है। इसमें साइबर सिक्योरिटी फर्म CloudSEK के हवाले से कहा गया है कि स्कैमर्स इस तरह के मुफ्त रिचार्ज का लालच देकर फ़िशिंग लिंक साझा करते हैं। ऐसे लिंक पर क्लिक करने से आपका निजी डेटा खतरे में पड़ सकता है। डेस्क ने पहले भी ‘फ्री रिचार्ज योजना’ के नाम पर वायरल हो रहे मैसेज का फैक्ट चेक किया था, यहां और यहां क्लिक कर पढ़ें।
पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की अब तक की पड़ताल से यह साफ है कि भाजपा और कांग्रेस पार्टी की ओर से फ्री रिचार्ज से जुड़ी ऐसी कोई योजना शुरू नहीं की गई है। लोकसभा चुनाव के दौरान यूजर्स फर्जी दावे के साथ फिशिंग लिंक शेयर कर रहे हैं।
दावाभाजपा और कांग्रेस पार्टी देश के सभी नागरिकों को 84 दिनों के लिए फ्री रिचार्ज मुहैया कराएगी।
तथ्यपीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की पड़ताल में वायरल दावा फर्जी निकला।
निष्कर्षसोशल मीडिया पर एक मैसेज शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बीजेपी और कांग्रेस पार्टी देश के सभी नागरिकों को 84 दिनों के लिए फ्री रिचार्ज देगी। पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की पड़ताल में वायरल दावा फर्जी निकला। डेस्क ने अपनी पड़ताल में पाया कि दोनों पार्टियों ने ऐसी कोई योजना शुरू नहीं की है। लोकसभा चुनाव के दौरान यूजर्स फर्जी दावों के साथ फिशिंग लिंक शेयर कर रहे हैं।
(This story was originally published by PTI Fact Check Desk as part of the Shakti Collective. Except for the headline/excerpt/opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)