Bihar Assembly Election Analysis: जिन जिलों में पीएम मोदी और राहुल ने की रैलियां, वहां कैसे रहेंगे नतीजे?
Bihar Vidhan Sabha Chunav Result 2025 update: बिहार में चुनावों के नतीजे आज आएंगे। इसके साथ यह भी पता चलेगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जिन जिलों में अपने-अपने दल के प्रत्याशियों के लिए प्रचार किया उसका उन्हें कितना फायदा हुआ?
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विस्तार
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आज आ रहे हैं। 6 अक्तूबर 2025 को बिहार में चुनाव की घोषणा हुई। चुनावों की घोषणा होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए के उम्मीदवारों के प्रचार के लिए बिहार में 6 दिन अलग-अलग जिलों में रैलियां की। पीएम मोदी ने समस्तीपुर, बेगूसराय, पटना में रोड शो, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, कटिहार जैसे जिलों में रैली की। वहीं, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी अलग-अलग जिलों में रैलियां करके महगठबंधन के उम्मीदवारों के लिए वोट मांगा। उनकी बहन प्रियंका गांधी भी प्रत्याशियों के लिए वोट मांगने बिहार आईं। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज, नालंदा, बेगूसराय जैसे जिलों में प्रचार किया। इन नेताओं के प्रचार का उनके गठबंधन के उम्मीदवारों को कितना फायदा हुआ इसका पता आज चल जाएगा।
पीएम मोदी ने कहां-कहां की रैलियां और कितनी सीटों को किया कवर?
चुनावों का घोषणा के बाद पीएम मोदी की सबसे पहली चुनावी रैली समस्तीपुर और बेगूसराय जिले में हुई। समस्तीपुर में 10 और बेगूसराय में सात विधानसभा सीटें शामिल हैं। समस्तीपुर जिले में कल्याणपुर (एससी), वारिसनगर, समस्तीपुर, उजियारपुर, मोरो, सरायरंजन, मोहिउद्दीननगर, विभूतिपुर, रोसरा (एससी), हसनपुर निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। वहीं बेगूसराय जिले में चेरिया बरियारपुर, बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी, साहेबपुर कमाल, बेगूसराय, बखरी (SC) निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
2020 में इस सीट के नतीजों को देखें, तो समस्तीपुर जिले में भाजपा को दो सीटें मिली थी। जबकि जदयू को तीन सीटें मिली थीं। राजद को सबसे ज्यादा चार और माकपा को एक सीट मिली थी। एनडीए में शामिल भाजपा और जदयू को पांच और और महागठबंधन जिसमें राजद और माकपा थे, उन्हें पांच सीटें मिली थीं। दोनों ही गठबंधनों का सीट पर एक जैसा प्रदर्शन था। वहीं, बेगूसराय में एनडीए की केवल दो सीटें भाजपा को मिली थी। वहीं, महागठबंधन को चार सीटें जिसमें दो राजद और दो भाकपा को मिली थी। वहीं, एक सीट लोजपा के खाते में गई थी।
30 अक्तूबर को मुजफ्फरपुर और छपरा में पीएम मोदी की रैली
मुजफ्फरपुर और छपरा में भी पीएम मोदी ने रैली की। मुजफ्फरपुर में 11 विधानसभा सीटें हैं। इनमें गायघाट, औराई, मीनापुर, बोचहा (SC), सकरा (SC), कुरहानी, मुजफ्फरपुर, कांटी बरुराज पारू और साहेबगंज सीट शामिल हैं। इस जिले में 2020 के नतीजे में एनडीए को कुल छह सीटें मिली थीं। इसमें भाजपा को तीन सीटें, वीआईपी को दो और जदयू को एक सीट मिली थी। महागठबंधन को पांच सीटें मिली थीं। इसमें से चार राजद और एक कांग्रेस के खाते में गई थी। छपरा की बात करें तो यह सारण जिले के अंदर आता है। इस सीट पर 2020 में भाजपा के सीएन गुप्ता को जीत मिली थी।
2025 के नतीजों की बात करें तो मुजफ्फरपुर जिले की पारू सीट को छोड़कर सभी सीटें एनडीए के खाते में ही गई है। सारण जिले में 10 सीटों में से तीन राजद के पास और बाकि सभी एनडीए के पास गई है। जिसमें से पांच पर भाजपा और दो पर जदयू है।
2 नवंबर को पटना और नवादा में रोड शो
नवादा में पांच विधानसभा सीटें आती हैं, इसमें रजौली (एससी), हिसुआ, नवादा, गोबिंदपुर, वारसलीगंज शामिल हैं। 2020 के नतीजों में एनडीए में भाजपा को केवल एक सीट मिली थी। बाकि सभी चार सीट महागठबंधन के खाते में गई थी। इसमें तीन राजद और एक कांग्रेस को मिली। पटना में 14 विधानसभा सीटें हैं। इसमें से एनडीए की भाजपा को पांच सीटें मिली थी। बाकि नौ सीटें महागठबंधन के खाते में गई थी। इसमें एक सीट कांग्रेस, दो भाकपा माले और छह सीटें राजद के पास गई थी।
पटना जिले में 2025 के नतीजों की बात करें तो तीन सीट राजद और दो सीट भाकपा माले के खाते में गई है। बाकी सात सीट भाजपा और दो जदयू के पास गई है। नवादा की पांच विधानसभा सीट जहां मोदी ने रैली की उसका हाल देखें तो दो सभी सीटें एनडीए के पास है। इसमें लोजपा को दो, दो पर भाजपा और एक सीट जदयू के खाते में गई थी।
3 नवंबर को कटिहार में रैली
कटिहार में कुल सात विधानसभा सीटें है, जहां पीएम मोदी ने 7 नवंबर को रैली की थी। इसमें कटिहार, कदवा, बलरामपुर, प्राणपुर, मनिहारी (एसटी), बरारी, कोरहा (एससी) सीट शामिल है। 2020 के नतीजे में इस सीट पर एनडीए को चार सीट मिली, इसमें भाजपा को तीन और जदयू को एक सीट मिली थी। वहीं, महागठबंधन को तीन सीट मिली थी। जिसमें कांग्रेस को दो और भाकपा माले को एक सीट मिली थी।
2025 बिहार चुनाव के नतीजों में कटिहार में मनिहारी सीट कांग्रेस के पास गई बाकि सभी सीटों पर एनडीए ने कब्जा किया है।
भागलपुर में पीएम मोदी की रैली
6 नवंबर को सात विधानसभा सीटों वाले जिले में पीएम मोदी ने रैली की थी। इस जिले में बिहपुर, गोपालपुर, पीरपैंती (SC), कहलगांव, भागलपुर, सुल्तानगंज और नाथनगर निर्वाचन क्षेत्र आते हैं। 2020 में इस जिले पर एनडीए को पांच जिसमें भाजपा को तीन और जदयू को दो सीट मिली थी। वहीं महागठबंधन को दो सीट जिसमें राजद को एक और कांग्रेस को एक सीट मिली थी। इस चुनाव में भागलपुर की सभी सीटें एनडीए के खाते में गई है। जिसमें तीन भाजपा. तीन जदयू और एक लोजपा के खाते में गई है।
बेतिया में पहुंचे पीएम मोदी
8 नवंबर को पीएम मोदी ने बेतिया में रैली की। यह पश्चिमी चंपारण का हिस्सा है। इस सीट से पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी जीतती रही है। 2020 में भी सीट पर रेणु देवी को ही जीत मिली थी। पश्चिमी चंपारण की नौ सीटों की बात करें को सात सीटें भाजपा के खाते में गई थी। एक सीट जदयू और एक सीट भाकपा माले के खाते में गई थी। पश्चिमी चंपारण की बात करें तो वाल्मीकि नगर की सीट को छोड़कर सभी सीटें एनडीए के खाते में गई है। सात सीट भाजपा, एक जदयू के पास गई है। एक सीट कांग्रेस के खाते में गई है।

राहुल ने शुरू किया नालंदा से चुनाव अभियान का आगाज
चुनावों का घोषणा होने के बाद राहुल गांधी ने 30 अक्तूबर को नालंदा में पहली रैली की। नालंदा जिले में कुल सात सीटें हैं। 2020 में यहां से एक सीट राजद के राकेश कुमार रौशन को मिली थी। पांच सीट जदयू और एक सीट भाजपा के खाते में गई थी। कांग्रेस को यहां से भी भी सीट पर जीत नहीं मिली थी
नालंदा की सभी सीटों पर एनडीए ने कब्जा किया है। यहां राहुल गांधी की रैली का कोई खास असर देखने को नहीं मिला। बिहार शरीफ पर भाजपा और बाकी छह सीटों पर जदयू ने कब्जा किया है।
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खगड़िया में राहुल गांधी
2 नवंबर को राहुल गांधी खगड़िया में रैली करने पहुंचे थे। इस जिले में कुल चार विधानसभा सीटें हैं। 2020 में कांग्रेस ने यहां एक सीट जीती थी। एक सीट राजद के और दो सीट जदयू के खाते में गई थी।
इस जिले में भी राहुल गांधी अपनी बात जनता को समझाने में असफल रहे। इस जिले की सभी सीटों पर एनडीए ने कब्जा किया है। तीन पर यहां जदयू और एक पर लोजपा को जीत मिली।
औरंगाबाद में राहुल गांधी की रैली
4 नवंबर को राहुल गांधी औरंगाबाद पहुंचे थे। यहां कुल छह विधानसभा सीटें है। 2020 में दो सीटें औरंगाबाद और कुटुंबा सीट कांग्रेस के खाते में गई थी। वहीं चार सीट राजद के खाते में गई थी। इस जिले में पूरी तरह महागठबंधन का कब्जा है।
इस जिले में 2025 में केवल एक सीट महागठबंधन के खाते में गई है। बाकी सभी सीट एनडीए खाते में गई थी जिसमें दो भाजपा, एक लोजपा, एक हम और एक जदयू के खाते में गई थी।
गया जी की वजीरगंज सीट पर राहुल गांधी
5 नवंबर को राहुल गांधी वजीरगंज सीट पर जनसभ करने पहुंचे थे। यह विधानसभा सीट गया जी जिले में है। यहां कुल 10 सीटें है और एक पर भी 2020 में कांग्रेस को हासिल नहीं हुई थी। जिस सीट पर राहुल गांधी पहुंच थे वहां 2020 में भाजपा के बीरेंद्र सिंह को जीत मिली थी। यहां 10 में से पांच सीट राजद, तीन हम और दो भाजपा के पास है। 2025 में गया की तीन सीट पर राजद ने जीत दर्ज की है। बाकि पर एनडीए को जीत मीली। जिसमें तीन भाजपा, तीन हम और एक लोजपा के खाते में गई। 2025 में केवल तीन सीटें राजद के खाते में गई थी। बाकी सभी सीटें एनडीए के खाते में गई जिसमें तीन सीटें भाजपा, तीन हम और एक लोजपा के खाते में गई थी।

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अररिया में राहुल गांधी
अररिया के फोरबिसगंज में राहुल गांधी 7 नवंबर को रैली करने पहुंचे थे। 2020 में अररिया में कांग्रेस के पास एक सीट है। तीन सीट पर भाजपा, जदयू को एक और एक सीट एआईएमआईएम को मिली थी।
2025 के नतीजों में केवल रानीगंज सीट राजद के खाते में गई थी। एनडीए की बात करें तो चार सीट भाजपा और एक सीट जदयू के खाते में गई थी।
पूर्णिया में राहुल ने किया प्रचार
पुर्णिया सीट पर 9 नवंबर को राहुल गांधी पहुंचे थे। पुर्णिया में केवल कसबा सीट कांग्रेस के पास है। दो भाजपा, दो जदयू और दो एआईएमआईएम के पास है। 2025 के नतीजे में यहां दो सीट एआईएमआईएम के खाते में गई। बाकि सभी एनडीए ने जीती, जिसमें दो भाजपा, दो जदयू और एक लोजपा के खाते में गई।
सीमांचल की दो और सीटों पर राहुल और प्रियंका पहुंते। इसमें कटिहार की कदवा सीट और किशनगंज की बहादुगंज सीट शामिल है। कटिहार में कांग्रेस के पास दो सीटें है। इसमें कदवा सीट भी शामिल है। वहीं किशनगंज में भी कांग्रेस एक सीट पर 2020 में जीती थी। 2025 के नतीजे में दो सीट एआईएमआईएम, एक कांग्रेस और एक जदयू के खाते में गई।