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इंजीनियरिंग में क्यों कम हो रही है छात्रों की रुचि, 36 कॉलेजों में नहीं हुआ एक भी दाखिला
Mon, 22 Jul 2019 12:25 PM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Mon, 22 Jul 2019 12:25 PM IST
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प्रदेश में इंजीनियरिंग, ऑर्कीटेक्चर व फॉर्मेसी क्षेत्र में उच्च शिक्षा (परास्नातक) की पढ़ाई संकट में आ गई है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) द्वारा अपने घटक संस्थानों व संबद्ध कॉलेजों में एमटेक, एमआर्क, एमडेस में प्रवेश के लिए तीन चरणों की काउंसलिंग में 4500 सीटों के सापेक्ष मात्र 270 प्रवेश हुए हैं। प्रदेश के 36 से अधिक निजी कॉलेजों में एक भी विद्यार्थी ने प्रवेश नहीं लिया है।
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काउंसलिंग में एमटेक में 5 सरकारी संस्थानों के साथ 85 कॉलेजों में, एमफार्मा में 39 कॉलेजों, एमआर्क में 1 व एमडेश के लिए 1 संस्थान शामिल हैं। सरकारी संस्थान सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज (कैस), आईईटी लखनऊ, केएनआईटी सुल्तानपुर, बीआईईटी झांसी, यूपीटीटीआई कानपुर, फैकल्टी ऑफ ऑर्कीटेक्चर, यूपीआईडी नोएडा में अभी आधी सीटों पर ही प्रवेश हुए हैं।
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कैस में 21, आईईटी लखनऊ में 74, केएनआईटी में 18, बीआईईटी में 21, फेकेल्टी ऑफ ऑर्कीटेक्चर में 11, यूपीटीटीआई में मात्र 4 प्रवेश हुए हैं। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में खासकर विद्यार्थी स्नातक के बाद परास्नातक करने के इच्छुक नहीं हैं। वहीं इंजीनियरिंग की पुरानी ब्रांचों में कोई खास स्कोप न होना भी इसका बड़ा कारण है। यही व जह है कि एआईसीटीई ने अब कुछ खास व इमर्जिंग एरिया की ब्रांच में ही नई संबद्धता देने का निर्णय लिया है।
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पीजी प्रवेश समन्वयक प्रो. मनीष गौड़ ने बताया कि मार्केट में एमटेक-बीटेक की सेलरी में कोई खास अंतर नहीं होता। इसलिए विद्यार्थियों का रुझान कम है, जिन्हें शिक्षण क्षेत्र या शोध करना है वही विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं। हालांकि यूजीसी ने 2022 से शिक्षकों के लिए पीएचडी अनिवार्य कर दिया है। हम स्पॉट राउंड करेंगे, उसके बाद प्राइवेट कॉलेजों को डायरेक्ट एडमिशन का भी मौका देंगे।
एमडेश में नहीं खुला खाता
विश्वविद्यालय के घटक संस्थान यूपीआईडी नोएडा में मास्टर ऑफ डिजाइन (एमडेश) कोर्स चलता है। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी प्रवेश की स्थिति काफी खराब है। 20 सीटों के लिए तीन चरणों की काउंसलिंग में यहां एक भी विद्यार्थी ने प्रवेश नहीं लिया। बैचलर ऑफ डिजाइन (बीडेश) में भी गिने-चुने प्रवेश हुए हैं।
अब जोशा के स्पॉट राउंट पर टिकी उम्मीद
एकेटीयू प्रशासन की उम्मीदें आईआईटी-एनआईटी में प्रवेश की काउंसलिंग पर है। विश्वविद्यालय ने प्रवेश के लिए 25 जुलाई को खत्म हो रहे स्पॉट राउंड के बाद 27, 28, 29 व 30 जुलाई को सरकारी व निजी संस्थानों की खाली सीटों के लिए चौथी बार काउंसलिंग का निर्णय लिया है। इसके लिए गेट, जीपैट क्वालीफाई अभ्यर्थियों का रजिस्ट्रेशन भी वेबसाइट पर किया जा रहा है।
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