फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   When College Doesn’t Meet Expectations: Don’t Panic, Explore Your Options; Know Here

Tips: जब कॉलेज उम्मीदों पर खरा न उतरे! तो घबराएं नहीं, आत्मविश्वास से करें सामना; मिलेगा हर समस्या का समाधान

Thu, 29 May 2025 01:53 PM IST
शिवम गर्ग कैथरीन स्टीफन, लेक्चरर, वोलोंगोंग विश्वविद्यालय
कैथरीन स्टीफन, लेक्चरर, वोलोंगोंग विश्वविद्यालय Published by: शिवम गर्ग Updated Thu, 29 May 2025 01:53 PM IST
सार

Student Counselling: अगर आप भी विश्वविद्यालय में प्रवेश लेते हैं और वह आपकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं होता, तो घबराने की जरूरत नहीं है। अपने आप को परिस्थिति के अनुसार ढालने और अन्य विकल्पों को समझने के लिए खुद को थोड़ा समय दें।

विज्ञापन
When College Doesn’t Meet Expectations: Don’t Panic, Explore Your Options; Know Here
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

विस्तार

University Transition Tips: कुछ छात्र कॉलेज में दाखिला इसलिए लेते हैं, क्योंकि उन्हें पहले से ही पता होता है कि उन्हें क्या पसंद है और आगे क्या पढ़ना है, जबकि कुछ अपने जुनून या लक्ष्य को पाने की उम्मीद में जाते हैं। हालांकि, कई बार कॉलेज पहुंचकर छात्रों को पता चलता है कि यह वैसा नहीं है, जैसी उन्होंने कल्पना की थी। इसी कारण बहुत से छात्र पहले ही साल कॉलेज छोड़ देते हैं, क्योंकि अलग-अलग कारणों से उन्हें खुद के फैसले पर पछतावा होता है। तो, अगर आप भी विश्वविद्यालय में प्रवेश लेते हैं और वह आपकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं होता, तो घबराने की जरूरत नहीं है। अपने आप को परिस्थिति के अनुसार ढालने और अन्य विकल्पों को समझने के लिए खुद को थोड़ा समय दें।

विज्ञापन

बदलावों के लिए तैयार रहें

अगर आप अभी-अभी 12वीं कक्षा से निकले हैं, तो यूनिवर्सिटी में जाना आपके लिए परिवर्तनकारी कदम हो सकता है। इसका कारण स्कूल से कॉलेज में प्रवेश के दौरान होने वाले बदलाव हैं। आम तौर पर बारहवीं तक सब कुछ बहुत व्यवस्थित होता है, आपकी कक्षाएं तय होती हैं और शिक्षक हमेशा आपका मार्गदर्शन करने के लिए मौजूद रहते हैं। वहीं अगर बात कॉलेज की करें, तो वहां आपको अपना टाइमटेबल खुद मैनेज करना होता है, डेडलाइन का भी ध्यान रखना होता है, नए कैंपस में अपना रास्ता तलाशना होता है और कभी-कभी तो नए और अपरिचित विषयों का भी अध्ययन करना होता है। इसलिए इन सबके लिए तैयार रहें।

विज्ञापन

असल समस्या को समझें

अगर आपको यूनिवर्सिटी में पढ़ाई पसंद नहीं आ रही है, तो पहले समझने की कोशिश करें कि असली समस्या क्या है। समस्या कॉलेज का वातावरण है, आपका चुना गया कोर्स है या फिर कोई एक विषय। अगर आपकी मौजूदा डिग्री आपके लिए सही नहीं है, तो आप दूसरी डिग्री या विषयों का नया संयोजन चुन सकते हैं। अगर यूनिवर्सिटी ही आपको सूट नहीं कर रही है, तो परेशान न हों। आपके पास अन्य तरीके भी हैं, जैसे व्यावसायिक शिक्षा या प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, जो अक्सर व्यावहारिक और पेशेवर कौशल पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

विकल्पों को तलाशें

याद रखें कि हर विश्वविद्यालय छात्रों को किसी न किसी तरह की सहायता जरूर प्रदान करता है। अगर आपको अपनी पढ़ाई में परेशानी हो रही है, तो आप पूछ सकते हैं कि क्या अकादमिक लेखन या लाइब्रेरी में शोध करने जैसी चीजों के लिए मदद मौजूद है या नहीं। अगर आप पैसे को लेकर तनाव में हैं, तो पता लगाएं कि क्या संस्थान में स्कॉलरशिप जैसी कोई सहायता उपलब्ध है।

समय का रखें ख्याल

किसी भी बदलाव के लिए एक समय-सीमा  निर्धारित होती है, जिसका ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अधिकतर कॉलेज भी एक नियत तारीख से पहले किसी भी तरह का बदलाव करने की इजाजत देते हैं। ये तिथियां हर संस्थान  में अलग-अलग होती हैं। फिर भी समस्या का समाधान न हो, तो काउंसलर की मदद लें।  - द कन्वर्सेशन

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed