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क्या है UNHRC, जहां कश्मीर मुद्दे पर आमने-सामने हुए भारत और पाकिस्तान
Tue, 10 Sep 2019 06:37 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया
Updated Tue, 10 Sep 2019 06:37 PM IST
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सार
- UNHRC में आमने-सामने होंगे भारत और पाकिस्तान
- पाक उठा सकता है कश्मीर का मुद्दा
- जिनेवा में शुरू हुआ है सत्र
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विस्तार
भारत और पाकिस्तान एक बार फिर कश्मीर मुद्दे को लेकर आमने-सामने होंगे। इस बार दोनों देशों का सामना UNHRC में होने जा रहा है। इसके लिए जिनेवा में सत्र शुरू हो चुका है। 9 सितंबर से शुरू हुआ यूएनएचआरसी का यह सत्र 27 सितंबर तक चलेगा।
यहां पूर्व सचिव विजय ठाकुर सिंह के अलावा पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया भारत का नेतृत्व करेंगे। बैठक में भारत का पक्ष रखेंगे और पाकिस्तान की सच्चाई दुनिया के सामने लाएंगे। वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी 9 से 12 सितंबर तक इस सत्र में भारत के खिलाफ पाकिस्तान का नेतृत्व करेंगे।
हालांकि यूएनएचआरसी में पाकिस्तान द्वारा कश्मीर मुद्दा उठाने पर भारत भी चुप नहीं बैठेगा। ऐसी संभवानाएं जताई जा रही हैं कि पाकिस्तान के जवाब में भारत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मानवाधिकार हनन का मुद्दा उठाएगा। भारत द्वारा पाकिस्तान के सिंध-बलूचिस्तान में सेना के दमन का मुद्दा भी उठाया जा सकता है। पीओके में पाकिस्तानी सेना के अत्याचार को उजागर कर सकता है। बलूचिस्तान, गिलगित, खैबर पख्तूनख्वा में मानवाधिकार उल्लंघन का जिक्र भी संभव है।
अब सवाल है कि ये यूएनएचआरसी (UNHRC) है क्या? वैश्विक स्तर पर इसकी कितनी अहमियत है? इसकी स्थापना कब हुई और इसमें कितने सदस्य हैं? कितने समय अंतराल पर इसके सत्र आयोजित किए जाते हैं? ऐसे सभी सवालों के जवाब आप आगे पढ़ सकते हैं।
- UNHRC का पूरा नाम है संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (United Nations Human Rights Council)। इसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जिनेवा में है।
इसकी स्थापना यूएन जेनरल असेंबली द्वारा 15 मार्च 2006 में की गई थी। यूएन मानवाधिकार आयोग (UNCHR - UN Commission on Human Rights) की जगह यूएनएचआरसी की स्थापना की गई थी। क्योंकि मानवाधिकार का खराब रिकॉर्ड रखने वाले देशों को भी सदस्य बनाने के लिए UNCHR की आलोचना हो रही थी। - यूएनसीएचआर मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR - Office of the High Commissioner for Human Rights) के साथ जुड़कर काम करता है।
- यह संयुक्त राष्ट्र (United Nations) का एक अंग है जिसका मूल उद्देश्य दुनिया भर में मानवाधिकारों की रक्षा करना है।
इस परिषद में 47 सदस्य होते हैं। क्षेत्रीय समूह के आधार पर इनका कार्यकाल तीन साल के लिए निर्धारित किया जाता है। एक सदस्य लगातार दो बार से ज्यादा चुना नहीं जा सकता और एक से ज्यादा पद पर कार्य नहीं कर सकता। - इस परिषद के 47 सदस्यों का चुनाव जेनरल असेंबली के सदस्यों द्वारा किया जाता है।
- UNHRC में कुल पांच क्षेत्रीय समूह हैं - अफ्रीका, एशिया, पूर्वी यूरोप, लातिन अमेरिका व कैरिबियन और पश्चिमी यूरोप व अन्य।
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- अफ्रीका को यूएनएचआरसी में 13 सीटें, एशिया को 13, पूर्वी यूरोप को 6, लातिन अमेरिका को 8, पश्चिमी यूरोप को 7 सीटें मिली हुई हैं।
- अगर यूएनएचआरसी का कोई सदस्य अपने कार्यकाल के दौरान मानवाधिकार का उल्लंघन करता है तो परिषद उससे उसके अधिकार व सुविधाएं छीन सकता है। इसके लिए जेनरल असेंबली के दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है।
- वैसे यूएनएचआरसी के साल में तीन सत्र होते हैं। मार्च, जून और सितंबर में। लेकिन आपातकालीन परिस्थितियों में परिषद कभी भी सत्र आयोजित कर सकता है। हालांकि इसके लिए सदस्य देशों के एक तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। अब तक यूएनएचआरसी ऐसे 28 विशेष सत्र आयोजित कर चुका है।
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- कोई देश यूएनएचआरसी के पास मानवाधिकार उल्लंघन के संबंध में शिकायत रख सकता है। इस शिकायत पर एक प्रक्रिया में काम होता है।
- पहले शिकायत वर्किंग ग्रुप ऑन कम्युनिकेशंस (WGC) के पास जाती है। यहां पांच विशेषज्ञों की समिति फैसला करती है कि शिकायत पर जांच की जरूरत है या नहीं। अगर है तो इसे वर्किंग ग्रुप ऑन सिचुएशंस (WGS) को भेज दिया जाता है।
- WGS के पांच सदस्यों की समिति जांच के बाद अपनी रिपोर्ट यूएनएचआरसी को सौंपती है। साथ ही क्या आवश्यक कदम उठाए जाने की जरूरत है, इस बारे में भी प्रस्ताव देती है।
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