फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   What is C40 Summit, Delhi CM Arvind Kejriwal could not attend summit as MEA denied clearance

क्या है C40 समिट जहां जाना चाहते थे अरविंद केजरीवाल, लेकिन मोदी सरकार ने नहीं दी अनुमति

Fri, 11 Oct 2019 01:24 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Fri, 11 Oct 2019 01:24 PM IST
विज्ञापन
What is C40 Summit, Delhi CM Arvind Kejriwal could not attend summit as MEA denied clearance
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

अंतरराष्ट्रीय सी40 सम्मेलन (C40 Summit) जारी है। दुनिया के कई अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी इस सम्मेलन का हिस्सा बनने वाले थे। लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिल पाई। 

विज्ञापन


केजरीवाल को इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए विदेश मंत्रालय (MEA - Ministry of External Affairs) की तरफ से क्लीयरेंस मिलना जरूरी था। लेकिन उन्हें यह नहीं मिल सका। अगर केजरीवाल इस सम्मेलन में शामिल होते, तो वहां दिल्ली के वायु प्रदूषण के विषय में बात करते।
विज्ञापन


सवाल है कि यह सी40 सम्मेलन है क्या? यह कितना महत्वपूर्ण है? यह सम्मेलन कहां हो रहा है और किन बातों पर चर्चा हो रही है? इन सवालों के जवाब आगे पढ़ें।

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या है C40 सम्मेलन

  • इसका पूरा नाम है C40 वर्ल्ड मेयर्स समिट (C40 World Mayors' Summit)।
  • इस वक्त ये सम्मेलन डेनमार्क की राजधानी कोपनहेगन में हो रहा है। दुनिया के विभिन्न देशों के 90 से ज्यादा शहरों के मेयर इसमें हिस्सा ले रहे हैं।
  • यह एक तीन दिवसीय सम्मेलन है, जिसमें अलग-अलग देशों के विभिन्न शहरों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। ये प्रतिनिधि हरियालीयुक्त शहरी विकास पर एक-दूसरे के साथ अपने आइडिया साझा करते हैं। साथ ही इस बात पर चर्चा करते हैं कि देशों की केंद्र सरकार किस तरह जलवायु के मुद्दों पर काम कर सकती है।
  • सी40 की वेबसाइट के अनुसार, यह सम्मेलन दुनिया के 96 से ज्यादा बड़े शहरों को जोड़ता है। यहां शहरी नागरिकों को बेहतर पर्यावरण देने के लिए जरूरी उपाय ढूंढे जाते हैं।
ये भी पढ़ें : क्या होती है डेथ रेस, 70 साल की महिला ने जीती ये खतरनाक स्पर्धा

कब शुरू हुआ C40 ग्रुप, क्यों दिया गया ये नाम

  • सी40 समूह 2005 में शुरू हुआ था। इसे लंदन के तत्कालीन मेयर केन लिविंग्स्टोन ने शुरू किया था। 
  • इसे C40 नाम 2006 में दिया गया। ये नाम इसलिए पड़ा क्योंकि उस साल दुनिया के 40 शहर इस समूह के सदस्य थे। अभी यह संख्या 96 हो गई है। इन 96 शहरों की आबादी 70 करोड़ से ज्यादा है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था की एक चौथाई है।
  • सी40 की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, ये 96 शहर करीब 40 फीसदी तक प्रदूषण व उत्सर्जन कम कर सकते हैं।
ये भी पढ़ें : क्या है नागरिकता कानून जिसे बदलना चाहती है सरकार, करोड़ों लोगों पर क्या होगा इसका असर

इस साल भारत से किन शहरों ने लिया हिस्सा

  • इस बार यह सम्मेलन 9 अक्तूबर 2019 से शुरू हुआ है, जो 12 अक्तूबर को खत्म होगा।
  • इस सम्मेलन का लक्ष्य है 2025 तक शहरों को कार्बन न्यूट्रल बनाना।
  • मेयर्स, डिप्टी मेयर्स के अलावा जलवायु विशेषज्ञ, बिजनेस लीडर्स, इनोवेटर्स, चेंजमेकर्स समेत कई लोग इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं।
  • भारत से इस बार इस सम्मेलन में दिल्ली एनसीआर, बेंगलूरु, जयपुर और कोलकाता के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया है।
ये भी पढ़ें : क्या है SC-ST एक्ट? सुप्रीम कोर्ट के फैसला वापस लेने के बाद अब क्या हैं नियम
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed