क्या है ब्रिक्स? इसमें शामिल हो रहे हैं पीएम मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए ब्राजील पहुंच चुके हैं। इस सम्मेलन का विषय इस बार ‘अभिनव भविष्य के लिए आर्थिक वृद्धि’ है। वहीं, प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान में बताया गया है कि मोदी छठी बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शिरकत कर रहे हैं। पहली बार उन्होंने 2014 में ब्राजील के फोर्टालेजा में शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था।
क्या है ब्रिक्स और क्या है इसका महत्व व उद्देश्य? इस बारे में पूरी जानकारी आगे पढ़ें।
ब्रिक्स समूह की विशेषताएं
ब्रिक्स पांच उभरती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का समूह है। इसकी चर्चा वर्ष 2001 में गोल्डमैन सैश के अर्थशास्री जिम ओ नील द्वारा ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन की अर्थव्यवस्थाओं के लिए विकास की संभावनाओं पर एक रिपोर्ट में की गई थी। वर्ष 2006 में चार देशों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की सामान्य बहस के अंत में विदेश मंत्रियों की वार्षिक बैठकों के साथ एक नियमित अनौपचारिक राजनयिक समन्वय शुरू किया गया।
पहला ब्रिक शिखर सम्मेलन वर्ष 2009 में रूस के येकतेरिनबर्ग में हुआ। इसके बाद दिसंबर 2010 में दक्षिण अफ्रीका को ब्रिक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया, जिसके बाद इस समूह को ब्रिक्स कहा जाने लगा। मार्च 2011 में दक्षिण अफ्रीका ने पहली बार चीन के सान्या में तीसरे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लिया। भारत साल 2012 और साल 2016 में दो बार इस समिट की मेजबानी कर चुका है।
खास बातें
- ब्रिक्स देशों की जनसंख्या दुनिया की आबादी का लगभग 40% है
- ब्रिक्स देशों का वैश्विक घरेलू उत्पाद में हिस्सा लगभग 30% है।
- ब्रिक्स को महत्त्वपूर्ण आर्थिक इंजन के रूप में देखा जाता है
- ब्रिक्स एक उभरता हुआ निवेश बाजार और वैश्विक शक्ति है।
- दुनिया की तीन बड़ी अर्थव्यवस्था चीन, भारत और रूस इसका हिस्सा हैं।
- ब्राजील लेटिन अमेरिका का अहम देश है, जो ब्रिक्स का हिस्सा है।
- साऊथ अफ्रीका, अफ्रीका कॉन्टिनेंट का एक बड़ा देश है, जो ब्रिक्स में शामिल है।
- कोई भी पश्चिमी देश इस समूह का हिस्सा नहीं है।
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उद्देश्य
- ब्रिक्स का उद्देश्य स्थायी, न्यायसंगत और विकास के लिए समूह के साथ-साथ बाकि देशों से भी सहयोग को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना है।
- ब्रिक्स द्वारा प्रत्येक सदस्य की आर्थिक स्थिति और विकास को ध्यान में रखा जाए ।
- ब्रिक्स विभिन्न वित्तीय उद्देश्यों के साथ एक नए और आशाजनक राजनीतिक-राजनयिक इकाई के रूप में उभरे।
ब्रिक्स का बैंक और विवाद, आगे पढ़ें
न्यू डेवलपमेंट बैंक
न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) ब्रिक्स समूह के देशों द्वारा स्थापित किया गया एक विकास बैंक है। एनडीबी का मुख्यालय शंघाई, चीन में है। दक्षिण अफ्रिका के जोहांसबर्ग में इस बैंक का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित किया गया है। ब्रिक्स बैंक में प्रत्येक सदस्य को सामान वोट का अधिकार है। बैंक में किसी भी सदस्य को वीटो का अधिकार नहीं है। एनडीबी की शुरूआत साल 2014 में 100 अरब डॉलर की शुरुआती अधिकृत पूंजी के साथ की गई थी। इस धनराशि में सभी सदस्य देशों की बराबर हिस्सेदारी है।
ब्रिक्स देशों को उभरते बाजारों के बीच अधिक से अधिक वित्तीय और विकास सहयोग में बढ़ावा देने के लिए इस बैंक की स्थापना की गई थी। इसका उद्देश्य ब्रिक्स देशों और अन्य उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के विकास के लिए वित्तीय संसाधन जुटाना है। एनडीबी का काम किसी देश में शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी समस्याओं को दूर करना और ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग बढ़ाना, वैश्विक आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना भी है।
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ब्रिक्स देश आर्थिक मुद्दों पर एक साथ काम करना चाहते हैं, लेकिन इनमें से कुछ के बीच राजनीतिक विषयों पर भारी विवाद हैं। जैसे:
- भारत और चीन के बीच सीमा विवाद है।
- चीन और पाकिस्तान के संबंधों को लेकर भी भारत असहज है।
- ब्रिक्स को औपचारिक शक्ल देने पर भी मतांतर हैं।
- ब्रिक्स का सचिवालय बनाने पर भी फिलहाल कोई सहमति नहीं हो पाई है।
- समूह में नए सदस्यों को कैसे और कब जोड़ा जाए, इस विषय पर भी कोई साफ विचार नहीं है।
- भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था है लेकिन समूह में चीन भी है जहां साम्यवादी शासन है और गैर-कम्यूनिस्ट राजनीतिक गतिविधियों के लिए सहनशीलता ना के बराबर है।
- ब्राजील, चीन की मुद्रा युआन को जानबूझ कर सस्ता रखे जाने पर चिंता व्यक्त कर चुका है। चीन ये बात साफ कर चुका है कि युआन का मुद्दा ब्रिक्स में बहस के लिए नहीं उठाया जा सकता।
कब, कहां हुआ ब्रिक्स सम्मेलन
| वर्ष | संस्करण | स्थान |
| 2009 | पहला | येकतेरिनबर्ग, रुस |
| 2010 | दूसरा | ब्रासीलिया, ब्राजील |
| 2011 | तीसरा | सान्या, चीन |
| 2012 | चौथा | नई दिल्ली, भारत |
| 2013 | पांचवा | डरबन, दक्षिण अफ्रीका |
| 2014 | छठा | फोर्टालेजा और ब्रासीलिया, ब्राजील |
| 2015 | सातवां | बाश्कोर्तोस्तान (ऊफा), रुस |
| 2016 | आठवां | गोवा, भारत |
| 2017 | नौवां | शियामिन, चीन |
| 2018 | दसवां | जोहान्सबर्ग, दक्षिण अफ्रीका |
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