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UP Board Result 2020: पांच मई से शुरू होना हैं बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन, शिक्षकों ने की ये मांग
Mon, 04 May 2020 08:22 AM IST
Jaya Tripathi
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Jaya Tripathi
Updated Mon, 04 May 2020 08:22 AM IST
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यूपी बोर्ड रिजल्ट 2020
- फोटो : अमर उजाला
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UP Board 2020: यूपी बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन पांच मई से शुरू होने जा रहा है। लेकिन लॉकडाउन में जगह-जगह फंसे शिक्षक इसके लिए तैयार नहीं हैं। शिक्षक विधायक सुरेश त्रिपाठी ने उपमुख्यमंत्री और माध्यमिक शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि मूल्यांकन लॉकडाउन के बाद कराया जाए या परीक्षकों के घर कॉपियां भेजकर मूल्यांकन कराया जाए।
विधायक की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि लॉकडाउन 17 मई तक चलेगा। इन परिस्थितियों में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं कराया जा सकता है। वर्तमान समय में सार्वजनिक परिवहन के साधन बंद हैं और शिक्षकों का केंद्रों में पहुंचना कठिन है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कि बोर्ड ने कॉपियों के मूल्यांकन के लिए कुल 275 केंद्र बनाए थे। जिनमें करीब 1.47 लाख अध्यापकों से इन कॉपियों का मूल्याकंन किए जाने के लिए नियुक्त किया गया था। अभी तक उम्मीद यह थी कि यदि कॉपियों का मूल्यांक 5 मई से शुरू किया गया, तो लगभग 2 सप्ताह इसे पूरा करके परिणाम जारी कर दिया जाएगा। यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 में इस बार लगभग 56 लाख परिक्षार्थी शामिल हुए थे। इन सभी शामिल छात्रों की कापियों की संख्या लगभग तीन करोड़ है।
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माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने हर जिले में मूल्यांकन केंद्र के 100 मीटर की परिधि में धारा 144 लागू करने और केंद्र में किसी भी व्यक्ति को प्रवेश नहीं देने के निर्देश दिए हैं। केंद्रों पर सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराने, कक्ष में परीक्षकों को कम से कम 2 मीटर की दूरी पर बैठाने तथा प्रत्येक परीक्षक और कर्मचारी को मास्क, ग्लब्स अनिवार्य रूप में पहनने के निर्देश दिए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों को सैनिटाइज कराने, परीक्षकों और कर्मचारियों को प्रवेश से पहले थर्मल स्कैनिंग कराने और उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल भी सैनिटाइज कराने को कहा है।
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विधायक की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि लॉकडाउन 17 मई तक चलेगा। इन परिस्थितियों में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं कराया जा सकता है। वर्तमान समय में सार्वजनिक परिवहन के साधन बंद हैं और शिक्षकों का केंद्रों में पहुंचना कठिन है।
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कि बोर्ड ने कॉपियों के मूल्यांकन के लिए कुल 275 केंद्र बनाए थे। जिनमें करीब 1.47 लाख अध्यापकों से इन कॉपियों का मूल्याकंन किए जाने के लिए नियुक्त किया गया था। अभी तक उम्मीद यह थी कि यदि कॉपियों का मूल्यांक 5 मई से शुरू किया गया, तो लगभग 2 सप्ताह इसे पूरा करके परिणाम जारी कर दिया जाएगा। यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 में इस बार लगभग 56 लाख परिक्षार्थी शामिल हुए थे। इन सभी शामिल छात्रों की कापियों की संख्या लगभग तीन करोड़ है।
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माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने हर जिले में मूल्यांकन केंद्र के 100 मीटर की परिधि में धारा 144 लागू करने और केंद्र में किसी भी व्यक्ति को प्रवेश नहीं देने के निर्देश दिए हैं। केंद्रों पर सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराने, कक्ष में परीक्षकों को कम से कम 2 मीटर की दूरी पर बैठाने तथा प्रत्येक परीक्षक और कर्मचारी को मास्क, ग्लब्स अनिवार्य रूप में पहनने के निर्देश दिए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों को सैनिटाइज कराने, परीक्षकों और कर्मचारियों को प्रवेश से पहले थर्मल स्कैनिंग कराने और उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल भी सैनिटाइज कराने को कहा है।
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