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Hindi News ›   Education ›   UP BEd: Youth disillusioned with B.Ed, 12,400 out of 75000 students reached in Round-1

UP BEd: बीएड से युवाओं का मोह भंग, राउंड-1 में 75000 में से पहुंचे 12,400 छात्र

Wed, 21 Aug 2024 04:09 PM IST
मेघा झा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: मेघा झा Updated Wed, 21 Aug 2024 04:09 PM IST
सार

UP BEd 2024: बीएड को लेकर विद्यार्थियों का रुझान लगातार कम होता जा रहा है। गत वर्षों के आंकड़े इस बात का सबूत हैं। वहीं इस बार के आंकड़ों ने भी इस बात का पुख्ता कर दिया है, कि बीएड के लिए अब युवा तैयार नहीं है। हालांकि बीएड के लिए पंजीकरण करने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगभग दो लाख रही, लेकिन पहली काउंसलिंग में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या 10 प्रतिशत से भी कम रही।

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UP BEd: Youth disillusioned with B.Ed, 12,400 out of 75000 students reached in Round-1
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

UP BEd 2024: बीएड में प्रवेश का ग्राफ हर वर्ष गिरता जा रहा है। 11 अगस्त 2023 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीएड की ओर से विद्यार्थियों का रुझान और कम हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि सिर्फ बीटीसी डीएलएड) डिप्लोमा धारक प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ाने के पात्र होंगे। लेवल-1 (पहली से 5वीं कक्षा तक) के स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए बीएड अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर पाएंगे। जिसका असर गत वर्ष के बीएड काउंसलिंग में भी दिखा। 
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दरअसल प्रदेश भर में लगभग 2.50 लाख बीएड की सीटें हैं, जिसमें 8200 सीटें सरकारी कॉलेजों में हैं। इनमें से गत सत्र में मात्र 1.50 लाख सीटें ही भर पाईं थीं। आंकड़ों की मानें तो लगभग एक लाख सीटों पर बीएड में प्रवेश ही नहीं हुआ था।
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लेकिन इस साल तो स्थिति और भी गंभीर है। बीएड की प्रवेश परीक्षा में ही 1,93,062 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए थे। वहीं प्रवेश के लिए पहले राउंड की काउंसलिंग में 75000 परीक्षार्थियों को सम्मिलित होना था। लेकिन 13 अगस्त को शुरू हुई काउंसलिंग में कुल 12,400 विद्यार्थियों ने ही पंजीकरण करवाया। हालांकि बुधवार शाम तक पहले राउंड की काउंसलिंग के तहत आवेदन करने वाले परीक्षार्थियों को सीट आवंटित हो जाएगी। शेष रह गई सीटों के लिए दूसरे राउंड की काउंसलिंग 25 से 31 अगस्त तक आयोजित की जाएगी। विशेषज्ञों की मानें तो न्यायालय के इस फैसले के बाद वर्तमान सत्र में प्रवेश का आंकड़ा एक लाख पहुंचना भी असंभव लग रहा है। हालांकि सरकारी कॉलेजों की सीटें पहले राउंड की काउंसलिंग में फुल हो जाएंगी। सरकारी सीटों के भरने के बाद पंजीकरण की गति भी कम हुई है। निजी कॉलेजों में प्रवेश के लिए छात्र रुचि नहीं दिखा रहे, क्योंकि निजी कॉलेजों में फीस भी ज्यादा है। प्रदेश भर की शेष 80 प्रतिशत से अधिक सीटें इस बार खाली रह सकती हैं। यह लगातार दूसरी बार होगा, जब एक लाख से ज्यादा प्रदेश भर की बीएड की सीटें खाली रह जाएंगी।
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वहीं बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने भी माना कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर गत वर्ष के बीएड दाखिले पर पड़ा था। इस बार विद्यार्थी और कम रुचि ले रहे हैं, इसलिए दाखिले एक लाख के आसपास रह सकता है।
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