UKSSSC Paper Leak: पेपर लीक मामले में दो आरोपी गिरफ्तार; पुलिस ने कहा- 'किसी गिरोह की संलिप्तता नहीं मिली'
UKSSSC Paper Leak: उत्तराखंड में यूकेएसएसएससी परीक्षा के तीन पन्ने लीक होने के मामले में पुलिस को किसी संगठित गिरोह की भागीदारी नहीं मिली है। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। कांग्रेस ने इस मामले पर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।
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UKSSSC Paper Leak: उत्तराखंड पुलिस ने रविवार को कहा कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ग्रेजुएट स्तर की परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में अब तक किसी संगठित गिरोह की भागीदारी नहीं पाई गई है। वहीं, कांग्रेस ने इस मामले पर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।
आयोग ने पहले इस मामले की विस्तृत पुलिस जांच की मांग की थी। आयोग के अध्यक्ष गणेश सिंह मार्टोलिया ने माना कि परीक्षा के तीन पन्ने किसी केंद्र से लीक हुए हैं। देहरादून सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) अजय सिंह ने बताया कि कुछ परीक्षा सवालों की तस्वीरें एक केंद्र से भेजी गई थीं और आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ मजबूत सबूत इकट्ठा किए गए हैं।
समाजसेवी बॉबी पनवार भी संदेह के घेरे में
पुलिस अधिकारी ने आगे कहा कि समाजसेवी बॉबी पनवार भी संदेह के घेरे में हैं, जिन पर कथित तौर पर पेपर के स्क्रीनशॉट्स बिना सत्यापन के सोशल मीडिया पर साझा करने का आरोप है। मार्टोलिया ने कहा, "यह पूरा पेपर लीक का मामला नहीं है, लेकिन तीन पन्नों का लीक होना चिंता का विषय है। यदि यह पन्ने लीक हुए हैं, तो संभव है कि उन्हें कहीं और ले जाया गया हो या किसी ने हल किया हो।" उन्होंने बताया कि सभी केंद्रों पर मोबाइल जैमर लगाए गए थे और आयोग हैरान है कि फिर भी कुछ पन्ने कैसे लीक हो गए।
मार्टोलिया ने कहा कि आयोग ने इस मामले की जांच के लिए देहरादून SSP और विशेष कार्य बल को भी बुलाया है। साथ ही, यह पता लगाने के लिए आंतरिक जांच भी की जा रही है कि पन्ने किस केंद्र से लीक हुए।
शनिवार को पुलिस ने दो आरोपियों - उत्तरकाशी के निवासी हकम सिंह और उनके सहयोगी पंकज गौर को गिरफ्तार किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने उम्मीदवारों को परीक्षा पास कराने का वादा कर 12 से 15 लाख रुपये की मांग की। हकम सिंह पहले भी इसी तरह के मामलों में गिरफ्तार हो चुके हैं।
कांग्रेस का सरकार पर हमला
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि पुष्कर सिंह धामी सरकार पेपर लीक माफिया को रोकने में नाकाम रही है, भले ही उसने कठोर एंटी-चीटिंग कानून बनाया हो। उन्होंने कहा, "यह धामी सरकार की राज्य के युवाओं के प्रति एक और धोखा है।"
माहरा ने कहा कि सरकार ने उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम लागू किया, जिसे देश का सबसे कड़ा एंटी-चीटिंग कानून बताया गया था, लेकिन सभी दावे खोखले साबित हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि माफिया राज्य में सक्रिय है, जबकि सरकार "निष्क्रिय" बनी हुई है, और कांग्रेस हर स्तर पर युवाओं के हितों की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रखेगी।
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