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Vidyanjali: विद्यांजलि कार्यक्रम के बारे में जानकारी का प्रसार करें उच्च शिक्षण संस्थान- यूजीसी का निर्देश

Thu, 13 Oct 2022 04:32 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: सुभाष कुमार Updated Thu, 13 Oct 2022 04:32 PM IST
सार

यूजीसी के सचिव ने कहा कि कोई भी स्वयंसेवक विद्यांजलि पोर्टल के माध्यम से सेवा, परिसम्पत्ति, सामग्री या उपकरण आदि प्रदान कर सकता है।

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ugc instructs higher education institutes to Disseminate about Vidyanjali program
Vidyanjali program - फोटो : Social Media

विस्तार

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी ने देश के सभी उच्च शैक्षणिक संस्थानों एवं उनसे संबद्ध कॉलेजों/संस्थानों से विद्यांजलि कार्यक्रम का प्रसार करने को कहा है। यूजीसी ने कहा है कि स्कूली शिक्षा को बढ़ावा देने वाले विद्यांजलि कार्यक्रम के बारे में छात्रों एवं कर्मचारियों को जानकारी देने को कहा है ताकि वे इस अभियान से अधिक से अधिक जुड़ सकें। यूजीसी के सचिव पीके ठाकुर ने 12 अक्टूबर को देश के सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों/संस्थाओं को पत्र लिखकर यह आग्रह किया है।

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पत्र में क्या कहा गया?
पत्र में कहा गया है कि शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने पिछले वर्ष विद्यांजलि ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया था। विद्यांजलि एक अनोखा स्कूल स्वयंसेवा प्रबंधन कार्यक्रम है। यह समुदायों एवं संगठनों को देश के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में स्कूलों से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है।
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क्या है विद्यांजलि का मकसद?
सचिव पीके ठाकुर ने लिखा कि विद्यांजलि की संकल्पना राष्ट्रीय शिक्षा नीति/NEP की भावना के अनुरूप की गई है जो देश में शिक्षा प्रणाली में बदलाव लाने के लिये स्वयंसेवा एवं सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देती है। इसका मकसद स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना तथा निजी क्षेत्र की भागीदारी से सरकार एवं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाना है।
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यूजीसी के सचिव ने कहा कि कोई भी स्वयंसेवक विद्यांजलि पोर्टल के माध्यम से सेवा, परिसम्पत्ति, सामग्री या उपकरण आदि प्रदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि इसके तहत सेवा खंड में स्वयंसेवक विषयों में मदद कर सकते हैं, तकनीकी कला एवं शिल्प, योग एवं खेल, व्यवसायिक कौशल, भाषा, विशेष जरूरत वाले बच्चों को शिक्षा सहायता, मध्याह्न भोजन में पोषण सहायता में योगदान दे सकते हैं ।


विद्यांजलि अभियान के तहत कोई भी स्वयंसेवक प्रशिक्षित परामर्शकों, विशेष शिक्षकों, डॉक्टरों के चिकित्सा शिविर, सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों में हिस्सेदारी आदि को प्रायोजित कर सकते हैं। इसके अलावा सामान, उपकरण आदि के रूप में भी योगदान दे सकते हैं। यूजीसी के सचिव ने विश्वविद्यालयों, कॉलेजों को लिखे पत्र में सभी उच्च शैक्षणिक संस्थानों एवं उनसे संबद्ध कॉलेजों/संस्थानों से स्कूली शिक्षा को बढ़ावा देने वाले ‘विद्यांजलि कार्यक्रम’ के बारे में छात्रों एवं कर्मचारियों में जानकारी देने का आग्रह किया है ताकि वे इस अभियान से जुड़ सकें।

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