फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   UGC Guidelines: Strict Action on Ragging, Top Officials to Be Held Responsible

UGC: यूजीसी के नए दिशा-निर्देश, रैगिंग हुई तो गिरेगी गाज; शीर्ष अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

Tue, 25 Mar 2025 10:33 AM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Tue, 25 Mar 2025 10:33 AM IST
सार

University Grants Commission Guideline: यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनमें रैगिंग रोकने की जिम्मेदारी कुलपति, निदेशक और रजिस्ट्रार पर तय की गई है। सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि परिसर में रैगिंग की कोई घटना न हो और इसके लिए प्रभावी निगरानी और कड़े कदम उठाए जाएं। 

विज्ञापन
UGC Guidelines: Strict Action on Ragging, Top Officials to Be Held Responsible
UGC - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

UGC Guideline: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने रैगिंग पर सख्त रुख अपनाते हुए पहली बार उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों की जिम्मेदारी तय की है। शैक्षणिक सत्र 25-26 के लिए आयोग के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, रैगिंग की घटना होने पर अब कुलपति, निदेशक और रजिस्ट्रार पर गाज गिरेगी। उन पर यूजीसी नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन


निर्देशों में यह भी कहा है कि ऑनलाइन प्रवेश आवेदनपत्र के साथ सभी विद्यार्थियों से हलफनामा लिया जाएगा, जिसमें वे किसी भी रैगिंग में शामिल नहीं होने का वादा करेंगे। संस्थानों में ऑनलाइन दाखिले होने के कारण विद्यार्थियों को हर साल शपथपत्र देना होगा। इसमें विद्यार्थी का पंजीकरण नंबर भी होगा। यूजीसी के दिशा-निर्देश आईआईटी, एनआईटी, मेडिकल, इंजीनियरिंग व प्रबंधन समेत सभी उच्च संस्थानों पर लागू होते हैं।
विज्ञापन


निर्देशों के मुताबिक, झूठी जानकारी देने पर संस्थानों की मान्यता रद्द करने, जुर्माना लगाने से कोर्स की मंजूरी वापस लेने तक के प्रावधान हैं। परिसर में आत्महत्या, हत्या समेत अन्य मामलों की जांच के लिए समिति बनाई जाएगी। समिति अपनी रिपोर्ट यूजीसी को देगी। किसी मामले में पुलिस जांच होने पर कानूनी सलाहकार को भी शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


यूजीसी के मुताबिक, कैंपस में ऐसी घटनाएं किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं। विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मियों को जागरूक किया जाएगा। उच्च शिक्षण संस्थानों को एंटी रैगिंग कमेटी बनानी होगी। परिसर में सभी जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे।

दो साल में रैगिंग से गई 51 छात्रों की जान

देशभर के कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में रैगिंग के चलते 2022 से 24 के दौरान 51 छात्रों की जान चली गई। यह आंकड़ा कोटा के कोचिंग संस्थानों के 57 विद्यार्थियों की खुदकुशी के करीब है। सोसाइटी अगेंस्ट वायलेंस इन एजुकेशन (सेव) की ताजा रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।

मेडिकल कॉलेज रैगिंग के सबसे बड़े केंद्र हैं, 38.6 फीसदी शिकायतें यहीं से आती हैं। 35.4% गंभीर मामले और 45.1% मौतें मेडिकल कॉलेजों से है। हैरानी की बात यह है कि देश में मेडिकल छात्र महज 1.1 फीसदी है।

तीन वर्षों में राष्ट्रीय रैगिंग विरोधी हेल्पलाइन पर सिर्फ 3,156 शिकायतें दर्ज की गईं, जो पूरी तस्वीर नहीं है। काफी शिकायतें सीधे कॉलेजों या गंभीर मामलों में पुलिस में दर्ज होती  हैं। ज्यादातर पीड़ित सुरक्षा के डर से चुप रहते हैं या शिकायत दर्ज करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed