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Hindi News ›   Education ›   UGC asked universities to use Khadi and swadeshi clothes in convocations

दीक्षांत समारोहों में कपड़ों को लेकर आया नया निर्देश, अब सिर्फ भारतीय परिधान काफी नहीं

Tue, 29 Oct 2019 09:26 AM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Tue, 29 Oct 2019 09:26 AM IST
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UGC asked universities to use Khadi and swadeshi clothes in convocations
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala

दीक्षांत समारोहों में छात्रों व प्रतिनिधियों द्वारा पहने जाने वाले कपड़ों को लेकर अब एक नया निर्देश आया है। इससे पहले दीक्षांत समारोहों में अंग्रेजी गाउन की जगह भारतीय परिधान पहनने का निर्देश दिया गया था। लेकिन अब सिर्फ इतना ही काफी नहीं होगा।

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विश्वविद्यालय अनुदान आयाेग (UGC) ने देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे दीक्षांत समारोहों में सिर्फ खादी, स्वदेशी और हाथ से बुने हुए कपड़ों का ही इस्तेमाल करें। केवल दीक्षांत ही नहीं, यूजीसी ने संस्थानों से अन्य विशेष अवसरों पर ही इन्हीं कपड़ों का प्रयोग करने के लिए कहा है। विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने संबद्ध कॉलेजों में भी यही व्यवस्था लागू करें। 
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यूजीसी के सचिव रजनीश जैन द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि सभी कुलपतियों को इस व्यवस्था को लागू करने की दिशा में काम करना है। उनका कहना है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि देश के बुनकरों और सूत कातने वालों को प्रोत्साहन मिल सके।

कई संस्थानों में भारतीय परिधान

पिछले कुछ सालों में कई संस्थानों ने दीक्षांत समारोहों में गाउन पहनने की प्रथा खत्म की है। इसकी जगह कुर्ता-पायजामा, साड़ी, सलवार-कमीज जैसे भारतीय परिधानों ने ली है। 

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गौरतलब है कि लंबे समय से शिक्षाविद भी गाउन का विरोध करने और भारतीय परिधान को बढ़ावा देने की वकालत करते आए हैं। अब इसमें खादी व हाथ से बुने स्वदेशी कपड़ों को जोड़ा जा रहा है।

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