देशभर के शैक्षणिक संस्थानों को 'वुमन फ्रेंडली' बनाने का आदेश
- विश्वविद्यालयों व उच्च शिक्षण संस्थानों को लिखा पत्र
- आंतरिक शिकायत समिति गठित करने का आदेश
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को अपने कैंपस में ‘वुमन फ्रेंडली’ माहौल बनाने का आदेश दिया है। उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यरत महिला कर्मियों, शिक्षकों और वहां पढ़ने वाली छात्राओं की बढ़ती शिकायतों के आधार पर यूजीसी ने पत्र लिखकर यह आदेश दिया है।
यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को पत्र लिखकर यह आदेश दिया गया है। प्रो. जैन ने पत्र में लिखा है कि यूजीसी रेगुलेशन 2015 के तहत कैंपस में आतंरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य बनाया गया था। इसमें महिला शिक्षक, छात्रा और कर्मचारी यौन उत्पीड़न समेत अपनी सभी तरह की शिकायत दे सकती थीं।
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पत्र में कहा गया है कि बार-बार कहने के बावजूद संस्थान नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। प्रो. जैन ने विश्वविद्यालयों को अपने कैंपस में महिलाओं का सम्मान करने संबंधी जागरूकता अभियान चलाने को कहा है। साथ ही आने वाली शिकायतों की प्राथमिकता के आधार पर जांच कराकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
पहले भी दिए थे आदेश, नहीं हुए पूरे
यूजीसी ने इससे पहले भी महिलाओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए उचित व्यवस्था करने का आदेश दिया था। इसके लिए 2016 में यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों व विश्वविद्यालयों में आंतरिक शिकायत समिति का गठन करना अनिवार्य घोषित कर दिया था। लेकिन कई विश्वविद्यालयों ने अभी तक महिलाओं के लिए अलग से आंतरिक शिकायत समिति तक का गठन नहीं किया है।
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