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Tripura: छात्रों को बोर्ड एग्जाम मिले बंगाली और रोमन लिपि में लिखने की अनुमति, अनिमेष देबबर्मा ने किया आग्रह

Fri, 09 Feb 2024 06:11 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Fri, 09 Feb 2024 06:11 PM IST
सार

Tripura: राज्य में विधानसभा में विपक्ष के नेता अनिमेष देबबर्मा ने मुख्यमंत्री माणिक से 10वीं और 12वीं के छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं में कोकबोरोक पेपर बंगाली और रोमन लिपि में लिखने की अनुमति का आग्रह किया है।

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Tripura LoP urges CM to allow students to write Kokborok paper in Bengali & Roman script
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : iStock

विस्तार

Board Exams: त्रिपुरा विधानसभा में विपक्ष के नेता अनिमेष देबबर्मा ने मुख्यमंत्री माणिक साहा से आग्रह किया है कि छात्रों को कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाओं में कोकबोरोक पेपर बंगाली और रोमन लिपि में लिखने की अनुमति दी जाए।

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कोकबोरोक, पूर्वोत्तर राज्य के लगभग 24 प्रतिशत लोगों द्वारा बोली जाने वाली एक स्वदेशी भाषा है, जिसकी कोई लिपि नहीं है। छात्र आम तौर पर बंगाली लिपि में भाषा के पेपर लिखते हैं। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी टिपरा मोथा ने अपने चुनाव घोषणापत्र में कोकबोरोक भाषा को रोमन लिपि में पेश करने का वादा किया था।
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त्रिपुरा बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (टीबीएसई) द्वारा आयोजित कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएं 1 मार्च से शुरू होंगी।

अनिमेष देबबर्मा ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि बोर्ड संसाधनों की कमी का हवाला देते हुए छात्रों को केवल बंगाली लिपि में कोकबोरोक पेपर लिखने की अनुमति देने के अपने फैसले पर कायम है। बोर्ड ने छात्रों को 15 से 17 वर्षों के लिए बंगाली और रोमन लिपि में कोकबोरोक लिखने की अनुमति दी थी। इसका मतलब है उनके पास दोनों भाषाओं में कोकबोरोक पेपर का मूल्यांकन करने की सुविधाएं हैं।"
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आगामी बोर्ड परीक्षाओं में छात्रों को रोमन लिपि में अपना कोकबोरोक पेपर लिखने की अनुमति नहीं दिए जाने पर आंदोलन की आशंका व्यक्त करते हुए, देबबर्मा ने मुख्यमंत्री से इस मामले को देखने और छात्रों को अपना कोकबोरोक पेपर रोमन और बंगाली लिपि में लिखने की अनुमति देने का आग्रह किया।


उन्होंने कहा, "परीक्षा के दौरान कुछ भी गलत होने पर मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री होने के नाते आप जिम्मेदार होंगे।" इससे पहले, टिपरा मोथा सुप्रीमो प्रद्योत किशोर माणिक्य ने बोर्ड अध्यक्ष धनंजय गोंचौधरी को हटाने की मांग की थी।

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