उत्तर प्रदेश के इन संस्थानों से देश को मिली हैंं कई महान शख्सियतें
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उत्तर प्रदेश के काशी शहर में गोस्वामी तुलसी दास ने रामचरितमानस लिखी थी। वहीं, कानपुर के डीएवी कॉलेज से भारत के लोकप्रिय नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी शिक्षा प्राप्त की। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय और लखनऊ विश्वविद्यालय भी ख्याति प्राप्त संस्थान हैं। उत्तर प्रदेश के ये शहर कई और महत्वपूर्ण संस्थानों के लिए जाने जाते हैं। इन संस्थानों ने देश को कई महान शख्सियतों से नवाजा है। पढ़ें इनके बारे में -
कानपुर :
चमड़े और इससे बने सामानों के लिए विश्व में प्रसिद्ध कानपुर अपने शिक्षण संस्थानों के लिए भी पूरी दुनिया में जाना जाता है। कानपुर के डीएवी कॉलेज से ही भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पढ़ाई पूरी की थी। देश के वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी अपनी शिक्षा कानपुर विश्वविद्यालय से पूरी की है। कानपुर के कुछ और प्रमुख शिक्षण संस्थान निम्नलिखित हैं-
- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कल्याणपुर, कानपुर (IIT Kanpur) - इसकी स्थापना 1960 ई. में की गई थी। इस संस्थान को आईआईटी कानपुर के नाम से जाना जाता है। इसके प्रमुख छात्रों में से इंफोसिस के संस्थापक एनआर नारायणमूर्ति, भारतीय रिजर्व बैंक के 22वें गवर्नर डी सुब्बाराव भी हैं।
- राष्ट्रीय शर्करा संस्था - सन् 1936 में राष्ट्रीय शर्करा संस्थान की स्थापना हुई। इस संस्थान का कार्य शर्करा रसायन शास्त्र, शर्करा प्रौद्योगिकी, शर्करा अभियांत्रिकी तथा समवर्गी क्षेत्रों की सभी शाखाओं में तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान में प्रशिक्षण प्रदान करना तथा इसका प्रबंध करना है।गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज - स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी के नाम पर इस मेडिकल कॉलेज का नाम रखा गया था।
- छत्रपती शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय - इस विश्वविद्यालय की स्थापना 1966 में हुई थी। तब इसका नाम कानपुर विश्वविद्यालय था। इसके साथ ही शहर में काकादेव नामक जगह आईआईटी की कोचिंग के लिए मशहूर है। यहां से प्रत्येक वर्ष कई छात्र आईआईटी की परीक्षा में सफल होते हैं। साथ ही मेडिकल और सरकारी नौकरियों की परीक्षा की तैयारी के लिए यहां बहुत से संस्थान हैं।
लखनऊ :
नजाकत, तहजीब और नवाबों के शहर के नाम से मशहूर है लखनऊ। यह शहर अपने अंदर इतिहास के कई पन्ने समेटे हुए है। लखनऊ हिंदी और उर्दु साहित्य का केंद्र रहा है। यहां के प्रमुख शिक्षण संस्थान हैं-
- किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय - इस कॉलेज की स्थापना 1911 में हुई थी। तब इसका नाम किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज था। यह संस्थान भारत और उत्तर प्रदेश के उत्कृष्ट आयुर्विज्ञान संस्थान में से एक है।
- बीरबल साहनी पुरावनस्पति विज्ञान संस्थान - इस संस्थान की स्थापना 3 अप्रैल, 1949 को हुई थी। इसका नाम इसके संस्थापक प्रसिद्ध पुरावनस्पति वैज्ञानिक बीरबल साहनी के नाम पर रखा गया है।
- लखनऊ विश्वविद्यालय - इस संस्थान की स्थापना 1921 में हुई थी । यह भारत के प्रमुथ विश्वविद्यालयों में से एक है।
वाराणसी :
विश्व के प्राचीन शहरो में से एक में से एक। इसे काशी के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में काशी को मोक्ष नगरी भी कहा गया है। यह शहर सिर्फ धर्म के मामले में ही नहीं, अपनी शिक्षा को लेकर भी मशहूर रहा है। यहां पर गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस लिखी थी और गौतम बुद्ध ने अपना प्रथम प्रवचन निकट के स्थान सारनाथ में दिया था। आज यहां की शिक्षा का बोलबाला है। वाराणसी के प्रमुख शिक्षण संस्थान हैं-
- काशी हिंदू विश्वविद्यालय - यह विश्वविद्यालय अपनी पढ़ाई के लिए पूरे विश्व में जाना जाता है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना सन् 1996 में पंडित मदनमोहन मालवीय द्वारा की गई थी। इस विद्यालय का मुख्य परिसर 1300 एकड़ भू-भाग में फैला हुआ है। इस विश्वविद्यालय में लाल बाहादुर शास्त्री जैसी नामी हस्तियों ने पढ़ाई की है।
- सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय - इस संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना 1791 में की गई थी। तब इस विद्यालय का नाम शासकीय संस्कृत महाविद्यालय था। सन् 1974 में इसका नाम बदलकर सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय किया गया।
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