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Hindi News ›   Education ›   CBSE: Supreme Court to Hear Pleas Challenging Three-Language Policy for Class 9 Today

सीबीएसई: कक्षा 9वीं में तीन भाषाएं अनिवार्य करने वाली नीति को चुनौती, सुप्रीम कोर्ट आज करेगा सुनवाई

Thu, 17 Sep 2026 10:42 AM IST
पीटीआई Published by: शाहीन परवीन Updated Thu, 17 Sep 2026 10:42 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट सीबीएसई की उस नीति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आज सुनवाई करेगा, जिसमें कक्षा 9 के छात्रों के लिए दो भारतीय भाषाओं सहित तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य किया गया है।

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CBSE: Supreme Court to Hear Pleas Challenging Three-Language Policy for Class 9 Today
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट आज उन याचिकाओं पर सुनवाई करेगा, जिनमें केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की नई भाषा नीति को चुनौती दी गई है। इस नीति के तहत कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य किया गया है, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल होना जरूरी है।

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याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह व्यवस्था छात्रों और स्कूलों पर अतिरिक्त बोझ डाल सकती है तथा कुछ राज्यों की भाषा नीतियों से भी टकरा सकती है। वहीं, CBSE का कहना है कि नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप यह कदम भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने और बहुभाषी शिक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।

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क्या है पूरा मामला?

सीबीएसई ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं की पढ़ाई अनिवार्य की है। इनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल करना जरूरी है। इस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई हैं। याचिकाकर्ताओं ने नीति लागू करने के तरीके और CBSE के अधिकार को लेकर सवाल उठाए हैं। मामले में कोर्ट ने केंद्र, CBSE और NCERT से जवाब मांगा है और छात्रों पर अतिरिक्त पढ़ाई के दबाव को लेकर भी चर्चा हुई है। अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।

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तीन भाषा नीति पर सुप्रीम कोर्ट ने पहले क्या कहा?

  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध भाषाओं के अनुसार जरूरी शिक्षकों और संसाधनों की व्यवस्था पर भी ध्यान देना चाहिए।
  • कोर्ट ने कहा कि अगर कक्षा 6 से नीति लागू की जा रही है, तो इस साल के छात्रों को कुछ राहत देने पर विचार किया जा सकता है।
  • कोर्ट ने सुझाव दिया कि तीन भाषा की नीति को अगले शैक्षणिक सत्र से लागू किया जा सकता है।
  • एक याचिकाकर्ता के वरिष्ठ वकील ने कहा कि कक्षा 6 से 8 तक का सिलेबस बनाने का काम NCERT का है।
  • उन्होंने सवाल उठाया कि CBSE के पास इस स्तर का सिलेबस तैयार करने का अधिकार या क्षमता नहीं है।
  • 27 मई को सुप्रीम कोर्ट ने नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दी थी।
  • कोर्ट ने केंद्र, CBSE और NCERT को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
  • CBSE के 15 मई के सर्कुलर के अनुसार, 1 जुलाई से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना जरूरी है।
  • इनमें कम से कम दो भाषाएं भारतीय होनी चाहिए।
  • विदेशी भाषा चुनने वाले छात्रों को पहले दो भारतीय भाषाएं पढ़नी होंगी। इसके बाद विदेशी भाषा को तीसरी भाषा के रूप में चुना जा सकता है।
  • विदेशी भाषा को चौथी, यानी अतिरिक्त भाषा के तौर पर भी चुना जा सकता है।
  • CBSE ने इस बदलाव को NEP 2020 और NCF-SE 2023 के अनुरूप पढ़ाई की व्यवस्था बनाने की दिशा में उठाया गया कदम बताया है।
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