एनआईओएस: बीएड डिग्री वाले शिक्षकों के लिए जरूरी खबर, शुरू हुआ छह माह का ब्रिज कोर्स, देशभर से मिले इतने आवेदन
B.Ed Teachers Bridge Course 2026: प्राथमिक स्कूलों में बीएड के आधार पर नियुक्त सहायक अध्यापकों के लिए छह माह का अनिवार्य ब्रिज कोर्स औपचारिक तौर पर शुरू हो गया है। शिक्षा मंत्री जोशी ने बुधवार को इसका उद्घाटन किया। देशभर से 66,154 शिक्षकों ने आवेदन किया है। इनमें सबसे ज्यादा 33,640 शिक्षक उत्तर प्रदेश के हैं।
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B.Ed Teachers Bridge Course 2026: प्राथमिक स्कूलों में बीएड के आधार पर चयनित सहायक अध्यापकों के लिए छह माह के अनिवार्य ब्रिज कोर्स का औपचारिक शुभारंभ बुधवार को नई दिल्ली में किया गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी ने इसकी शुरुआत की।
यह विशेष पाठ्यक्रम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत कराया जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्य इस पाठ्यक्रम को कराने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) को दी गई है।
देशभर से कितने शिक्षकों ने किया आवेदन?
ब्रिज कोर्स के लिए देशभर से कुल 66,154 शिक्षकों ने आवेदन किया है। इनमें सबसे अधिक आवेदन उत्तर प्रदेश से आए हैं। यूपी के 33,640 शिक्षकों ने इस पाठ्यक्रम के लिए आवेदन किया है। राज्यवार आवेदकों की संख्या इस प्रकार है-
| राज्य | आवेदकों की संख्या |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 33,640 |
| मध्य प्रदेश | 10,650 |
| बिहार | 7,569 |
| पश्चिम बंगाल | 6,627 |
| असम | 1,376 |
| छत्तीसगढ़ | 1,208 |
दिए गए आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश के शिक्षकों की संख्या अन्य राज्यों के मुकाबले सबसे अधिक है।
किन शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स अनिवार्य है?
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार 28 जून 2018 के बाद और 11 अगस्त 2023 से पहले प्राथमिक स्कूलों में नियुक्त बीएड अर्हताधारी सहायक अध्यापकों को यह ब्रिज कोर्स करना होगा। यानी इस अवधि के बीच प्राथमिक स्कूलों में नियुक्त ऐसे शिक्षक, जिनके पास बीएड की योग्यता थी, उन्हें निर्धारित विशेष पाठ्यक्रम पूरा करना अनिवार्य होगा।
कितने समय में पूरा करना होगा कोर्स?
- ब्रिज कोर्स की अवधि छह महीने है। शिक्षकों को कोर्स शुरू होने की आधिकारिक तारीख से एक वर्ष के भीतर इसे पूरा करना होगा।
- इसकी एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि शिक्षक को यह कोर्स एक ही बार में सफलतापूर्वक पूरा करना होगा।
- निर्धारित अवधि में कोर्स पूरा नहीं करने वाले शिक्षकों की नियुक्ति अमान्य हो जाएगी।
क्यों कराया जा रहा है यह विशेष पाठ्यक्रम?
एनआईओएस में सक्षमता निर्माण प्रकोष्ठ के उप निदेशक डॉ. आलोक कुमार गुप्ता ने बताया कि यह पाठ्यक्रम शिक्षकों की व्यावसायिक क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर पढ़ाने वाले शिक्षकों की आवश्यक पेशेवर क्षमता को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में कौन-कौन रहा मौजूद?
ब्रिज कोर्स के औपचारिक शुभारंभ के अवसर पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव टीके अनिल कुमार, संयुक्त सचिव प्राची पांडे, निदेशक भगवती प्रसाद कलाल और एनआईओएस के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश मिश्रा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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