क्यूएस रैंकिंग: आईआईएम बंगलूरू देश का टॉप एमबीए संस्थान, शीर्ष 100 में भारत के तीन आईआईएम, लेकिन रैंकिंग गिरी
QS MBA Rankings 2027: क्यूएस ग्लोबल एमबीए रैंकिंग 2027 में आईआईएम बंगलूरू, अहमदाबाद और कोलकाता दुनिया के शीर्ष 100 संस्थानों में शामिल हैं। हालांकि, तीनों की रैंकिंग पिछले साल के मुकाबले नीचे गई है।
विस्तार
QS MBA Rankings 2027: क्यूएस ग्लोबल एमबीए और बिजनेस मास्टर्स रैंकिंग 2027 में भारत के तीन भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) दुनिया के शीर्ष 100 एमबीए संस्थानों में शामिल हुए हैं। हालांकि, पिछले साल की तुलना में तीनों संस्थानों की रैंकिंग नीचे गई है।
रैंकिंग में आईआईएम बंगलूरू भारत का सबसे ऊपर रहने वाला एमबीए संस्थान है। यह 12 स्थान नीचे खिसककर संयुक्त रूप से 64वें स्थान पर रहा है। आईआईएम अहमदाबाद भी 12 स्थान नीचे आया है और संयुक्त रूप से 70वें स्थान पर है।
वहीं, आईआईएम कोलकाता की रैंकिंग में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। यह 31 स्थान नीचे खिसककर 95वें स्थान पर पहुंच गया है। इस तरह भारत के ये तीनों संस्थान दुनिया के शीर्ष 100 एमबीए संस्थानों में शामिल देश के एकमात्र संस्थान हैं।
भारत के 19 संस्थानों को एमबीए रैंकिंग में जगह
क्यूएस ग्लोबल एमबीए और बिजनेस मास्टर्स रैंकिंग 2027 में 65 देशों और क्षेत्रों के 420 से अधिक शीर्ष वैश्विक एमबीए कार्यक्रमों और बिजनेस मास्टर कार्यक्रमों का विश्लेषण किया गया है।
भारत के कुल 19 संस्थानों को एमबीए रैंकिंग में जगह मिली है। इनमें पांच संस्थान ऐसे हैं, जिन्होंने इस साल पहली बार रैंकिंग में जगह बनाई है। साल 2020 में भारत के केवल पांच संस्थान एमबीए रैंकिंग में शामिल थे। इस तरह सात वर्षों में भारतीय संस्थानों की संख्या तीन गुना से अधिक हो गई है।
एमबीए और पांच विशेषीकृत मास्टर रैंकिंग को मिलाकर इस साल 28 भारतीय संस्थान क्यूएस रैंकिंग में शामिल हैं। इस मामले में अमेरिका 150 संस्थानों के साथ सबसे आगे है। उसके बाद ब्रिटेन के 42 और फ्रांस के 35 संस्थान हैं।
कितने भारतीय संस्थानों की रैंकिंग नीचे गई?
रैंकिंग में शामिल भारत के 14 ऐसे एमबीए संस्थान हैं, जो पिछले साल भी सूची में थे। इनमें से आठ संस्थान निचली रैंक या बैंड में चले गए, जबकि छह ने अपनी प्रकाशित रैंक या बैंड बरकरार रखा। कोई भी संस्थान ऊपर नहीं गया।
क्यूएस के अध्यक्ष नुंजियो क्वाक्वेरेली ने कहा, "क्यूएस ग्लोबल एमबीए और बिजनेस मास्टर्स रैंकिंग 2027 से पता चलता है कि अधिक भारतीय बिजनेस स्कूल अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस साल देश से पांच नई प्रविष्टियां हुई हैं। हालांकि, एमबीए बाजार बदल रहा है और संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।"
उन्होंने आगे कहा, "भारतीय संस्थानों के लिए इस साल वैश्विक संस्थान निवेश पर रिटर्न और उद्यमिता तथा पूर्व छात्रों के परिणाम जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उनसे आगे निकल रहे हैं।"
क्वाक्वेरेली ने कहा, "जबकि 2027 में भारत की 10 प्रविष्टियों में विचार नेतृत्व के क्षेत्र में सुधार हुआ है, यह महत्वपूर्ण है कि संस्थान एमबीए छात्रों की जरूरतों को पूरा करते रहें और उन्हें अपने करियर के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करें। विशेषीकृत बिजनेस मास्टर रैंकिंग में भी वैश्विक संस्थान लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा वाले बाजार में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।"
निवेश पर रिटर्न के स्कोर में कितनी गिरावट आई?
क्यूएस रैंकिंग के विस्तृत स्कोर में तीनों प्रमुख आईआईएम के वैल्यू फॉर मनी स्कोर में बड़ी गिरावट दिखाई गई है।
- आईआईएम बंगलूरू: 91 से घटकर 57.4
- आईआईएम अहमदाबाद: 88.9 से घटकर 60.5
- आईआईएम कोलकाता: 78.9 से घटकर 53.3
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि ये तुलनात्मक रैंकिंग स्कोर हैं। इन्हें आईआईएम से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के वेतन में वास्तविक प्रतिशत गिरावट या निवेश पर वास्तविक रिटर्न में प्रतिशत कमी नहीं माना जा सकता।
रोजगार के मामले में तीनों आईआईएम का प्रदर्शन कैसा रहा?
- रैंकिंग के अनुसार, रोजगार क्षमता यानी एम्प्लॉयबिलिटी भारत के प्रमुख एमबीए कार्यक्रमों की प्रमुख ताकत बनी हुई है।
- आईआईएम बंगलूरू इस पैमाने पर दुनिया में 29वें स्थान पर है और एशिया में दूसरे स्थान पर है।
- आईआईएम अहमदाबाद 35वें और आईआईएम कोलकाता 39वें स्थान पर है।
इस तरह रोजगार क्षमता के मामले में तीनों संस्थानों की स्थिति उनकी कुल एमबीए रैंकिंग से काफी ऊपर है। आईआईएम बंगलूरू विशेषीकृत बिजनेस एनालिटिक्स तालिका में रोजगार क्षमता के मामले में दुनिया में 16वें स्थान पर है।
उद्यमिता और पूर्व छात्रों के परिणाम में स्थिति
- उद्यमिता और पूर्व छात्रों के परिणाम के मामले में भारतीय संस्थानों की स्थिति रोजगार क्षमता की तरह मजबूत नहीं दिखाई देती।
- इस पैमाने पर आईआईएम अहमदाबाद 84वें स्थान पर है और वैश्विक शीर्ष 100 में जगह बनाने वाला भारत का एकमात्र एमबीए संस्थान है।
- आईआईएम बंगलूरू 161-170 के बैंड में है, जबकि आईआईएम कोलकाता 181-190 के बैंड में है।
किन आधारों पर तैयार होती है क्यूएस एमबीए रैंकिंग?
क्यूएस ग्लोबल एमबीए रैंकिंग की पद्धति ऐसे कार्यक्रमों को सामने लाने पर केंद्रित है, जिनके उद्योग से मजबूत संबंध हों, करियर से जुड़े सकारात्मक परिणाम मिलते हों और जो विद्यार्थियों के लिए निवेश के लिहाज से मूल्य प्रदान करते हों।
रैंकिंग में पांच प्रमुख क्षेत्रों के आधार पर कार्यक्रमों का मूल्यांकन किया जाता है। बिजनेस मास्टर्स रैंकिंग में भी यही पांच व्यापक क्षेत्र इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन अलग-अलग विषयों के अनुसार इनके महत्व यानी भार में बदलाव होता है।
कमेंट
कमेंट X