12वीं बोर्ड : कंपार्टमेंट परीक्षाओं और मूल्यांकन फॉर्मूले पर उठे सवाल, कल फिर होगी सुनवाई
शीर्ष अदालत 1152 छात्रों द्वारा दायर एक संयुक्त याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सीबीएसई कक्षा 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा, राज्य बोर्ड 12वीं की परीक्षा और अन्य बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की गई थी। कुछ छात्रों ने सीबीएसई, सीआईएससीई मार्किंग फॉर्मूले पर सवाल उठाए हैं।
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सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई, आईएससी और राज्य बोर्ड परीक्षाओं और कंपार्टमेंट परीक्षाओं को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई मंगलवार, 22 जून, 2021 तक के लिए स्थगित कर दी है। सुनवाई मंगलवार दोपहर दो बजे से शुरू होगी। इससे पहले न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की अवकाशकालीन पीठ ने सोमवार, 21 जून को सुबह 11 बजे से मामले की सुनवाई शुरू की।
शीर्ष अदालत 1152 छात्रों द्वारा दायर एक संयुक्त याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सीबीएसई कक्षा 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा, राज्य बोर्ड 12वीं की परीक्षा और अन्य बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की गई थी। सीबीएसई ने गुरुवार को कक्षा 12वीं के मूल्यांकन मानदंड पर अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। सीबीएसई ने कोर्ट से कहा था कि 12वीं के छात्रों के मूल्यांकन के लिए 30:30:40 फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाएगा।
कुछ छात्रों ने मार्किंग फॉर्मूले पर सवाल उठाए
शीर्ष अदालत में सोमवार को सुनवाई के दौरान कुछ छात्रों ने सीबीएसई और सीआईएससीई (CISCE) द्वारा आईएससी 12वीं बोर्ड के मूल्यांकन फॉर्मूले पर सवाल उठाए हैं और बोर्ड को शारीरिक परीक्षा आयोजित करने के निर्देश देने की मांग की है।
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छात्रों के एक समूह की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने तर्क दिया कि शारीरिक परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए, क्योंकि कोविड-19 की सकारात्मकता दर कम हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि गणित का एक वरिष्ठ शिक्षक भी सीआईएससीई (CISCE) द्वारा आईएससी 12वीं बोर्ड के मूल्यांकन के फॉर्मूले को नहीं समझ सकता है, फिर छात्र इसे कैसे समझ सकते हैं?
कोर्ट ने मूल्यांकन फॉर्मूले पर मांगा स्पष्टीकरण
इस दलील के जवाब में न्यायमूर्ति एएम खानविलकर ने कहा कि शिक्षा बोर्ड की मार्किंग स्कीम किसी व्यक्ति विशेष के दृष्टिकोण के अनुसार संभव नहीं है। न्यायमूर्ति खानविलकर ने कहा, हम व्यक्तिगत दृष्टिकोण से फैसले पर नहीं जा सकते हैं। यदि मूल्यांकन योजना भेदभावपूर्ण लगती है, तो हम इसे और गहराई से समझ सकते हैं। इस पर, शीर्ष अदालत ने सीबीएसई और सीआईएससीई (CISCE) को आईएससी 12वीं बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन नीति के संदर्भ में याचिकाकर्ता की शिकायतों पर स्पष्टीकरण देने को कहा है।
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अब 22 जून को होगी सुनवाई
पीठ ने कहा कि हम सैद्धांतिक रूप से आपके विचारों पर सहमत हैं। मूल्यांकन योजना के स्पष्टीकरण के लिए आपको और आगे बढ़ने की अनुमति है। इसी कथन के साथ सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई को मंगलवार, 22 जून को दोपहर दो बजे तक के लिए टाल दिया है।
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