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PG Medical Admission 2019-20: आर्थिक कमजोर वर्ग को नहीं मिलेगा 10% आरक्षण का लाभ
Thu, 30 May 2019 01:36 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया
Updated Thu, 30 May 2019 01:36 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि महाराष्ट्र में शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए पीजी मेडिकल कोर्सेज में प्रवेश में स्टूडेंट्स को आर्थिक कमजोर वर्ग के तहत 10 फीसदी आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकेगा। कोर्ट ने यह कहते हुए आरक्षण का लाभ देने से इनकार कर दिया कि जब खेल शुरू हो चुका हो, तब आप खेल के नियम नहीं बदल सकते।
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चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की बेंच ने गुरुवार को कहा कि शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए दाखिले की प्रक्रिया काफी पहले शुरू हो चुकी है। ऐसे में दूसरे अभ्यर्थियों की सीटों की कीमत पर हम 10% EWS कोटा लागू नहीं कर सकते। इस सत्र में यह तभी संभव है जब मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) अतिरिक्त सीटें बढ़ाएगी।
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पीजी मेडिकल कोर्सेज में दाखिले की प्रक्रिया नवंबर 2018 में ही शुरू हो चुकी थी। जबकि 10% EWS कोटा का प्रस्ताव जनवरी 2019 में पारित हुआ है। वहीं, महाराष्ट्र सरकार ने पीजी मेडिकल कोर्सेज में 10% EWS कोटा मार्च 2019 से लागू किया है।
कोर्ट का यह फैसला सामान्य श्रेणी के एक स्टूडेंट रजत राजेंद्र अग्रवाल द्वारा दायर की गई याचिका पर आया है। स्टूडेंट ने अपील की थी कि अगर अतिरिक्त सीटें नहीं दी जाती हैं, तो यह कोटा लागू करने से ऐसे कई अभ्यर्थियों की सीट चली जाएगी, जो क्वालिफाई कर चुके हैं। रजत ने राज्य में पीजी मेडिकल कोर्सेज में 10 फीसदी आर्थिक कमजोर वर्ग कोटा लागू करने वाले महाराष्ट्र सरकार के दो सर्कुलर्स को चुनौती दी थी।
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कोर्ट का यह फैसला सामान्य श्रेणी के एक स्टूडेंट रजत राजेंद्र अग्रवाल द्वारा दायर की गई याचिका पर आया है। स्टूडेंट ने अपील की थी कि अगर अतिरिक्त सीटें नहीं दी जाती हैं, तो यह कोटा लागू करने से ऐसे कई अभ्यर्थियों की सीट चली जाएगी, जो क्वालिफाई कर चुके हैं। रजत ने राज्य में पीजी मेडिकल कोर्सेज में 10 फीसदी आर्थिक कमजोर वर्ग कोटा लागू करने वाले महाराष्ट्र सरकार के दो सर्कुलर्स को चुनौती दी थी।
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