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कक्षा पहली से आठवीं तक के छात्रों को राहत, हफ्ते में एक दिन स्कूल बैग से छुटकारा

Mon, 09 Sep 2019 03:16 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Mon, 09 Sep 2019 03:16 PM IST
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School students from class 1 to 8 gets rid of school bag for a day in a week
school bag

देश भर के तमाम स्कूलों में प्रारंभिक कक्षाओं से ही बच्चों के कंधों पर स्कूल बैग्स का बोझ डाल दिया जाता है। धीरे-धीरे इस बैग का भार और बढ़ने लगता है। कई बार अभिभावकों और गैर सरकारी संगठनों ने ये मुद्दे उठाए भी हैं, कि छोटी उम्र में ही बच्चे इसके बोझ तले झुक जाते हैं। अब जाकर बच्चों को राहत दी जा रही है। सप्ताह में एक दिन बच्चों को स्कूल बैग से छुटकारा दिया गया है।

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यह पहल मणिपुर शिक्षा विभाग ने की है। यहां राज्य सरकार ने 'नो स्कूल बैग डे' (No school bag day) कैंपेन शुरू किया। इसे सिर्फ सरकारी ही नहीं, बल्कि सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में भी लागू किया गया है।
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इसके तहत पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को सप्ताह में एक दिन स्कूल बैग से छुटकारा दिया गया है। किसी भी शनिवार को उन्हें बैग लेकर स्कूल जाने की जरूरत नहीं है। इसका एक उद्देश्य बच्चों को एक दिन किताबों से अलग रखकर उनमें दूसरे कौशल को बढ़ावा देना भी है।
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सरकार के इस फैसले से राज्य में बच्चों से लेकर पैरेंट्स और उनके शिक्षक तक काफी खुश हैं। सभी ने इस फैसले का समर्थन किया है।

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इस बारे में राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह का कहना है कि 'दुनिया काफी तेजी से बदल रही है। हमें भी बच्चों को थोड़ी छूट तो देनी ही चाहिए। उनके स्वास्थ्य व अन्य गतिविधियों व कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है।'


सवाल है कि क्या देश के अन्य सभी हिस्सों में भी सरकारों को इस तरह की मुहिम चलानी चाहिए? क्या बच्चों के ऊपर से एक दिन के लिए ही सही स्कूल बैग का बोझ कम नहीं होना चाहिए? 

बता दें कि मणिपुर में सरकार ने स्कूलों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उनकी गैर शैक्षणिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने का भी निर्देश दिया है। स्कूलों को यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे स्पोर्ट्स से लेकर अन्य गैर शैक्षणिक गतिविधियों में भी अपनी पसंद के अनुसार बढ़ चढ़ कर हिस्सा जरूर लें।

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